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पूरी उम्मीद है हम आने वाले समय में आपकी उपेक्षाओं पर खरे उतरेगें

चैनल बहुत हैं और उन सब के बीच यदि अपनी जगह बनानी है तो देनी पड़ेगी सच्ची , सटीक और जनता से जुड़ी खबरें,। ध्यान भी रखना होगा की खबरों में किसी दल, जाती , समुदाय के सथ भेदभाव ना हो , और इसी कोशिश के साथ शूरू किया गया है आई आफ ट्रूथ चैनल । राह मुशिकल है पर असंभव नहीं क्योंकि सच्चाई की अंत में जीत ही होती है चाहे जितनी कड़वी हो। हमें पता है कि काम करते करते हमें दर्शकों का साथ मिलता रहेगा वो हमसे जुड़ते रहेंगे। इस चैनल में राजनीति खबरों के साथ-साथ नेताओं से जुड़ी तमाम अंदर और बाहर की बातें जानने को मिलेंगी। इसमें जहां सेहत से जुड़ी नई नई रिसर्च , बीमारियों के बारे में भी जानकारियां मिलेगी वहीं किशोंरों , युवाओं को शिक्षा के साथ और कईं समस्याओं पर मार्गदर्शन कराती हैं काउंसलर की अहम टिप्स भी । इसमें देश -विदेश की अजीबों, गरीबों खबरों का भी समावेश हैं । और सबसे अहम हैं कि इस चैनल में हमने देश के मंदिरों, पुरानी घरोहरों के बारे में बताने की कोशिश की है। धर्म और आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों को भी हमारा चैनल निराश नहीं करता है। इस चैनल में हमने होलैस्टिक हीलिंग जैसे की रेकी , प्रणाणिक हीलिंग, मेडीटेशन की भी जानकारी दी है


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अपने बारे में भी कुछ बताना चाहूंगी, लगभग 30 साल के पत्रकारिता के सफर में नवभारत टाइम्स, डेली टाइम्स और आजतक जैसे चैनल में काम करने का मौका मिला। बड़े नामों के साथ काम करने का बड़ा फायदा होता है कि आपको सीखने को बहुत कुछ मिलता है। सेहत ,शिक्षा , सामाजिक समस्याएं , राजनीति , डिफेंस ये कुछ फील्ड हैं जहां मैने इन सालों में लगातार काम किया है। मेहनत से काम किया है और बड़े फक्र से कह सकती हैं कि ईमानदारी से हर खबर को अंजाम दिया है और देती रहूंगी। बस दोस्तों आपका साथ मिलता रहे। आपकी सलाह, नाराजगी, गुस्सा भी मुझे पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
Anu Jain Rohatgi

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।