Bihar तेजस्वी यादव पड़ रहे हैं झटके पर झटके

बिहार में तेजस्वी यादव के लिए RJD को जीताने या अच्छा रिजल्ट लाने की चुनाव की राह लगातार मुशिकल होती जा रही है, पहला झटका लगा जब बड़े भाई यानी तेजप्रताप ने अपनी नई पार्टी की घोषणा कर चुनावी लड़ाई आमने सामने की कर दी और तेजस्वी को अब एक और उनके करीबी ने करारा झटका दे दिया, जी हां कुछ समय पहले तक जिस युवा नेता ने तेजस्वी यादव को भूमिहारों का नेता बनाने के लिए जी जान लगा दिया था उसने ही सब को धता बताते हुए BJP का दामन थाम लिया। कम ही लोग यह जानते हैं कि लालू प्रसाद यादव के कुछ खास मंत्री हमेशा भूमिहार जाति के खिलाफ रहे पर भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने अपनी कोशिशों से तेजस्वी भूमिहार जाती के करीब लाकर उनका वोट बैंक बढ़ाने की पूरी कोशिश की।माना जाता है कि आशुतोष ही वो नेता हैं , जिन्होंने 90 के दशक से भूमिहारों और सवर्णों के बीच की दुश्मनी कम की और उन्हें RJDके करीब लाए। तेजस्वी ने भी समय समय पर मंच से भूमिहार समाज के लिए खूब मीठे बोल पर तेजस्वी के इन सभी प्रयासों पर आशुतोष कुमार ने पानी फेर दिया है और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए हैं। माना यही जा रहा है कि इसके पीछे बीजेपी नेता और डेप्युटी सीएम विजय कुमार सिन्हा जो खुद भूमिहार समाज से ही आते हैं , उनका बड़ा हाथ है। वैसे चर्चा यही चल रही है कि जिस तरह से लगातार RJDके नेता-विधायक भूमिहारों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणिया कर रहे थे उससे एक बार फिर भूमिहार समाज में RJD के लिए काफी गुस्सा पनप रहा था और समय रहते आशुतोष शायद इस बात को समझ गए और अपनी राजनीति सीधे बीजेपी की तरफ शिफ्ट कर ली है।
Up की तरह क्या Bihar में भी फेल होगी दो लड़को की जोड़ी

बिहार में लालू यादव के परिवार की बढ़ती कलह क्या आने वाले चुनावों के परिणामों पर असर डालेगी, यह एक बडा प्रशन है जो राजनीतिक गलियरों में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है और वो इसलिए कि लालू के निष्कासित बेटे तेजप्रताप यादव ने नई पार्टी बना ली और उसका नाम रखा है, ‘जनशक्ति जनता दल’ वैसे आपको बता दें कि इसी दल से तेज प्रताप यादव के करीबी बालेंद्र दास ने लोकसभा चुनाव लड़ा था और उन्हें चुनाव चिन्ह बांसुरी दिया गया था, खैर ‘जनशक्ति जनता दल’बनते ही तेजप्रताप की यादव परिवार और RJD में वापसी का चैपटर भी बंद हो गया लेकिन हां ये चर्चाएं शुरू हो गई कि लालू के साथ तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी यादव को भी दिन में तारे दिखा सकते हैं।क्योंकि वो बहुत बार तेजस्वी के खिलाफ दबे स्वरों में बोल चुके हैं और अब तो नई पार्टी बन गई है और जब दो भाईयों का आमना सामना होगा तो कुछ तो तमाशा बनेगा ही।वैसे इन सब के बीच लग रहा है कि बिहार में तेजस्वी ने जीत के लिए राहुल को पकड़ लिया है और राहुल ने बिहार में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए तेजस्वी का दामन थाम लिया है. देखना यही है कि यूपी में दो लड़कों की जोडी यानी अखिलेश और राहुल के फ्लाप शो के बाद क्या बिहार में दो लड़कों की जोड़ी वही तो नहीं दोहराएगी।
