बिहार की राजनीती भी कुछ अलग हटकर है और साथ ही यहां होने वाली अजीबो गरीब घटनाएं , जो किसी और राज्य में देखने सुनने को नहीं मिलती हैं, अब कुछ दिन पहले ही बिहार में ही हथकड़ी पहले एक कैदी ने सरेआम मंच पर मंत्री के हाथ से शिक्षक पद की नियुक्ति का लैटर लिया था , यह तस्वीर बहुत ज्यादा वायरल हो गई थी और अब बिहार के ही वैशाली जिले में थानाध्यक्ष की टोपी पहने एक युवती की तस्वीर बहुत तेजी से वायरल हो गई है, तस्वीर में महुआ के थानाध्यक्ष एक हाथ से अपनी पिस्तौल युवती के हाथ में दे रहे हैं, और दूसरे हाथ से अपनी मोबाइल उठा रहे हैं। जहां इसको देखकर आम जनता हैरत में है कि थाने के अंदर , थानेदार के रूम में , हाथ में पिस्टल और थानेदार की टोपी पहने यह लड़की है कौन और थाने में ये चल क्या रहा है वहीं तस्वीर के सामने आने पर पूरे बिहार की पुलिस में जैसे हडकंप मच गया है। जाहिर है एक थाने में ऐसा चल रहा है तो दूसरे भी ऐसी धटनाओं से अछुते तो नहीं होंगे, अब कहते हैं ना जो पकड़ा गया वही चोर है। खैर इस तस्वीर के सामने आने पर यहां के sp ललित मोहन शर्मा ने भी अपना कड़क रूप दिखा दिया और तुरंत इस घटना का संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है। एसपी ने साफ कहा मामले की जांच कराकर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। तो थानेदार साहिब शायद अपनी इस शर्मनाक घटना के लिए नप भी सकते हैं, चलिए अच्छा है पुलिस थाने में इस तरह की बेहूदा हरकते करने वालों को भी अब सबक मिलेगा

योगी क्या PM Modi के नक्शे कदम पर चलते हैं

माना यही जाता है कि योगी जाने अनजाने पीएम मोदी के आचार -विचार . उनके तौर तरीकों से कुछ ज्यादा ही प्रभावित रहते हैं और वो वहीं करते हैं, उसी लाइन पर चलते हैं जहां पीएम मोदी की राह है, अब हाल ही में जहां पीएम मोदी ने मुस्लिमों का विश्वास हासिल करने के लिए उनके लिए पीएम सौगात योजना की घोषणा की जिससे 32 लाख गरीब मसिलमों को लाभ मिलने की बात कही जा रही है तो ऐसे में योगी भी कहां पीछें रहते। यूपी में लगातार मुसलमान अपने साथ भेदभाव होने की शिकायत करते हैं तो योगी ने एक इंटरव्यू में खुलेआम यह कहकर सबको हैरान किया कि यूपी में अगर हिंदू सुरक्षित, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं’,योगी ने यह तक कह दिया की उनके राज्य में सभी धर्मों के लोग सुरक्षित हैं उन्होनें कहा कि 2017 के बाद यहां कोई दंगे नहीं हुए पर सब जानते हैं कि दंगे होते हैं तो हिंदू की दुकानें जलती हैं तो मुसिल्मों पर भी अत्यातार होता है, और एक योगी के रूप में वह सभी की खुशी की कामना करते हैं और इसके लिए काम कर रहे हैं। पर योगी के मुंह से इस तरह मुसलमानों के हित के लिए दिया जाने वाला बेबाक बयान चर्चा का विषय बन गया है. पर राजनीति के जानकारों के लिए यह कोई हैरान करने वाली बात नहीं हैं। वे मान रहे हैं ये सब तो पीएम मोदी का कमाल है, बिहार में पीएम मोदी मुस्लिमों को खुश कर रहे हैं तो यूपी में उनके नक्शे कदमों पर चलने वाले योगी ने भी इसकी पहल कर डाली।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।