Bihar नीतीश का कोई तोड़ नहीं हर पार्टी का इस्तेमाल किया
बिहार के RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, सबको पता है कि बिहार में दूसरे चरण का मंगलवार को है पर इससे पहले लालू का अचानक ये कहना कि इस बार हम नीतीश के संपर्क में नहीं हैं। हम का मतलब rjd पार्टी से ही है, वैसे अभी तक बिहार की राजनीती में RJD के बड़े बड़े नेता नीतीश को अपने खेमे में लाने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे, तेजस्वी का तो बयान भी आया था कि यदि नीतीश वापस आना चाहते हैं तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं , यही नहीं चुनाव के बीच में भी राजनीतिक खेमे में यह चर्चा चल रही है कि यदि NDA जीतती है और BJP नीतीश कुमार की जगह कोई अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाती है, तो नीतीश फिर से पल्टी मार सकते हैं और वापस महागठबंधन की ओर रुख कर सकते हैं। पर इन सब के बीच लालू के इस बयान से कि मैं नीतीश कुमार के संपर्क में नहीं हूं , बिहार की राजनीती में हलचल मची हुई है, दरअसल लालू यादव से सवाल किया गया था कि क्या वो नीतीश कुमार के साथ दोबारा गठबंधन करेंगे , इसके जवाब में लालू ने साफ कह दिया था कि अब हमारा नीतीश के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा और लालू ने हाथों हाथ ये भी कह दिया कि अब हम नीतीश के संपर्क में नहीं हैं।’
वैसे आपको बता दें कि लालू -नीतीश के संबंध कईं बार बने हैं और कईं बार बिगड़े भी हैं पिछले 35 सालों में लालू-नीतीश की दोस्ती ने पुरानी सियासी कई करवटें ली हैं- दोनों कभी एक दूसरे के विरोधी रहे कभी सहयोगी। साल 2015 और 2022 में नीतीश ने बीजेपी से नाता तोड़ कर RJD से हाथ मिलाया था और लालू यादव के परिवार को फिर से राजनीती में सक्रिय कर दिया था क्योंकि दोनों बार ही तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। सभी मानते हैं कि नीतीश मंझे हुए खिलाड़ी हैं एक तरफ उन्होंने कुर्सी पर बने रहने के लिए बीजेपी का इस्तेमाल तो किया पर ऐसी रणनीति बनाई रखी जिससे बिहार में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोका जा सके, वहीं दूसरी तरफ सीमित RJD का हाथ भी अपने मतलब के लिए कभी भी थाम लिया, कभी भी झटक दिया। शायद यही कारण है कि बिहार में अब नीतीश कुमार की छवि पल्टू राम की बन गई है, वैसे नीतीश इस छवि से निकलने का पूरा प्रयास कर रहे हैं और कहते हैं कि अब कहीं नहीं जाएंगे, पर ये राजनीती है यहां सब कुछ हो सकता है।
