Bihar में SIR के कारण BJP को भी कैसे झटका लगा

लोकसभा में जब चुनाव सुधारों पर चर्चा चल रही थी तो बीजेपी के एक सांसद ने वोट चोरी का आरोप लगाने वाले और sir का विरोध करने वाले विपक्ष को ऐसा जवाब दिया कि पूरे विपक्ष की बोलती बंद हो गई, जी हां बीजेपी के तेजतर्रार सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में कुछ ऐसे आंकड़े पेश किए जहां पता चल रहा था कि SIR के कारण बिहार के कुछ इलाकों में जो वोट कटे इसके कारण ना केवल कांग्रेस बल्कि rjd ने भी जी हासिल कर ली , इसमें फारबिसगंज में 1400 वोट कटे, कांग्रेस 221 वोटों से जीती। रामगढ़ में 1197 वोट कटे, बहुजन समाज पार्टी सिर्फ 30 वोटों से जीती। वाल्मीकि नगर में 2311 वोट SIR से कटे, कांग्रेस 1675 वोटों से जीती। चनपटिया में 1033 वोट कटे, कांग्रेस 602 वोटों से जीती। ढाका सीट पर 457 वोट कटे, आरजेडी 178 वोटों से जीती। इन आंकड़ों को दिखाने के बाद निशिकांत दुबे ने बिहार की वोटर लिस्ट में SIR के दौरान अपने अपने माता-पिता का नाम कटने पर भी खुशी जाहिर की।उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता दिल्ली में रहते हैं, इसलिए उन्हें बिहार में वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। यहीं नहीं दुबे ने यह भी कहा कि EVM का विरोध करने वाले जान लें कि यह कांग्रेस की ही देन है। राजीव गांधी ने 1987 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर EVM को देश में पेश किया था।और 1991 में नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार ने इसे अपनाने का फैसला किया था।

 

राहुल वंदेमातरम की बहस से गायब-पूछा तो बोल बस मेरी बहन को सुनो

वंदेमातरम की 10 घंटे की सरकारी बहस के दौरान लोकसभा में ‘राहुल गांधी गायब थे और बीजेपी को मौका मिलया उनपर हमला करके का , जब राहुल से पूछा गया तो उन्होंने बस इतना कहा, ‘बस मेरी बहन को सुनो। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कईं कारण के चलते राहुल चर्चा से गायब रहे पहला कांग्रेस खुद ही इस बहस को लेकर स्पष्ट नहीं थी, पहले कुछ वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया था कि कांग्रेस इस बहस से दूर रहेगी खुद राहुल गांधी को लग रहा था कि यह बहस देश के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। पर बाद में मन बदला क्योंकि कांग्रेस को लगा कि ऐसा करने से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। राहुल के संसद में ना रहने की एक बडी वजह यह भी सामने आ रही है कि वह उस समय सदन में नहीं रहना चाहते थे जब प्रधानमंत्री नेहरू-गांधी परिवार पर सवाल उठा रहे थे। पर राजनीती के जानकार मान रहे हैं कि राहुल का वंदेमातरम की बहस में ना रहना राहुल गांधी के साथ कांग्रेस को भी लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है , खासकर जब पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं और बीजेपी को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है राहुल के साथ कांग्रेस को भी घेरने का। यही नहीं वंदेमातरम बहुत से लोगों के दिलों से जुड़ा है और ऐसे में राहुल का इसकी चर्चा में ना आना इसका अपमान ही माना जा सकता है और पूरे देश में बीजेपी इसको लेकर जनता के बीच जा सकती है।

 

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।