Cityscape of Kolkata at dusk.

Calcutta – बड़ी बड़ी खूबसूरत इमारतों में छुपे कईं ऐसे राज जो डराते हैं

कोलकत्ता एक ऐसा शहर है, जो अपने पुरानी हवेलियों गलियों और इमारतों के लिए काफी मशहूर है, और शायद यही कारण है कि इसे सिटी ऑफ़ जॉय भी कहकर बुलाया जाता है , पर कम ही लोग ये जानते होंगे कि कोलक्ता की बड़ी बड़ी खूबसूरत इमारतों और गालियों में कई ऐसे राज छुपे है जो डराते हैं और दहशत में डाल देते हैं। हम बात कर रहे हैं कोलकत्ता की राइटर्स बिल्डिंग की, यह कोलकाता का ऐतिहासिक और भव्य भवन है जो अपने वैभव के लिए तो जाना ही जाता है, पर यह इमारत अपनी उन डरावनी कहानियों के लिए भी जानी जाती है जो यहाँ के लोकल लोगो ने बताई और महसूस की है. । इसके बारे में मशहूर है कि इस में सदियों से भूत पिशाच ने अपना डेरा डाला हुआ है , राइटर्स बिल्डिंग को 1780 में ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए बनाया गया था। यह कोलकाता के बीबीडी बाग इलाके में मौजूद है, यह इमारत उस समय ब्रिटिश हुकूमत का दिल थी और इसका नाम भी उन राइटर्स यानी क्लर्क्स से पड़ा, जो कंपनी के लिए हिसाब-किताब और दस्तावेज संभालते थे

राइटर्स बिल्डिंग अभी भी देता एक British captain पहरा

राइटर्स बिल्डिंग की सबसे मशहूर कहानी है कैप्टन सिम्पसन की, जो एक ब्रिटिश अधिकारी था और जो 1857 की क्रांति के दौरान इसी इमारत में तैनात था। उस समय भारत में क्रांति कारी अंग्रेजो से काफी नाराज़ थे और क्रांति भड़क रही थी , किस्से बताते हैं कि कैप्टन सिम्पसन ने इमारत की हिफाज़त करते हुए अपनी जान गवा दी थी उन्हें क्रांतिकारियों से दर्दनाक मौत मिली थी और कहा जाने लगा कि उसके कारण उनकी आत्मी यहां से जा नहीं पाई यहीं कैद होकर रह गई। इस इमारत की शांत -सूनी पड़ी गलियारों में भारी बूटों की आवाजे सुनाई पड़ती हैं। यहां पर काम करने वाले लोग यह भी बताते हैं कि रात में इमारत के तीसरे माले पर, जहाँ पुराने रिकॉर्ड्स रखे हैं, भारी बूटों की आवाज सुनाई देती है। कुछ गार्ड्स यह भी बताते हैं कि उन्हें एक गोरा सैनिक वर्दी पहले गलियारे में टहलता नजर आता है। वैसे आस पास के पुराने और बूढ़े लोग मानते हैं कि इमारत में कैप्टन सिम्पसन की आत्मा आज भी अपनी ड्यूटी निभा रही है, जैसे वह कभी भी इस इमारत को छोड़ना ही नहीं चाहती है।

 

गवर्नर की पत्नी, एक रात, अचानक रहस्यमयी तरीके से हुई मौत


वही इन कहानियो के बीत एक और किस्सा है जो इस जगह को और भी डरावना बन देता है, कहा जाता है कि 19वीं सदी में यह इमारत गवर्नर के अधिकारियों का कार्यालय थी। बताते हैं कि कहते हैं कि गवर्नर की पत्नी, लेडी एमिली , इस भवन में अक्सर आया करती थीं। लेकिन एक रात, अचानक उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई। अब कुछ कहते हैं कि वो हत्या थी, और आज भी यहां एक औरत की चीखने की आवाज़े अक्सर यहाँ से आती है कई लोगो का कहना है की उन्होंने गलियारे में एक औरत को सफ़ेद साडी पहने चलते और एक दम गायब होते देखा है – वैसे इसमें कितना सच है या कितना झूठ यह तो इतिहास के पन्नो में ही दफ़न है

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