कांग्रेस , दिल्ली में वापसी के लिए जबरदस्त कोशिशे कर रही है , हाल ही में हरियाणा और महाराष्ट्र में मुंह की खाने के बाद दिल्ली जीतना कांग्रेस के लिए एक तरह से अपना survival भी माना जा रहा है , नहीं तो साफ दिख रहा है कि इस पार्टी का जनाधार पूरी तरह से खिसक चुका है।  अब दिल्ली में खोई जमीन पाने के लिए कांग्रेस ने  MOS formula पर पूरी तरह से ध्यान दे रही है यानी दिल्ली में रहने वाले अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति वोटरों पर कांग्रेस की नजरें हैं और उसे पता है कि अगर इन्हें साध लिया तो दिल्ली में कांग्रेस के जीतने की संभावना बढ़ सकती है। कांग्रेस के नेता एक एक कदम फूंक फूंक कर रख रहे हैं और अपने पुराने  पुराने वोट बैंक यानी  झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को भी लुभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यही वो वोट हैं जो कांग्रेस से छिटक कर aap के पास चले गए हैं। कांग्रेस के नेताओं की पूरी कोशिश है कि अपने स्टार प्रचारक नेताओं की ज्यादातर रैलियां अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में करवाएं जिनमें मुस्तफाबाद, सीलमपुर, ओखला, बाबरपुर, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान और गोकुलपुरी जैसे इलाके आते हैं , कांग्रेस उन सात सीटों पर भी  विशेष तौर पर ध्यान दे रही है जहां 2020 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस को  10,000 से ज़्यादा वोट मिले थे। पर अब चर्चा यही चल निकली है कि कांग्रेस की यह नईं रणनीती आम आदमी पार्टी के वोट काटेगी या इससे बीजेपी को नुकसान झेलना पड़ेगा

राहुल का जादू भागे आए भक्त पप्पू  यादव

बिहार के कद्दावर नेता पप्पू यादव पूरी तरह से राहुल भक्त और कांग्रेस के  निष्ठावान बन चुके हैं और शायद यही कारण है कि  पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू जी दिल्ली पहुंच गए हैं और  दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के लिए जबरदस्त प्रचार करने में जुट गए है,  पता चला है कि पप्पू यादव लंबे समय तक दिल्ली में डेरा डालने का मूड़ बनाकर आए हैं और अगले कईं  दिनों तक पप्पू यादव कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में दिल्ली में प्रचार करेंगे और कई रोड शो में भी भाग लेंगे। बुधवार को पप्पू यादव ने  गीता कालोनी में की एक सभा में आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और   कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो नागरिकों को संविधान में मिले अधिकार दे सकती है।वैसे पता यह भी चला है कि दिल्ली में बसे पूर्वांचल के वोटरों को लुभाने के लिए कांग्रेस ने पप्पू यादव का दांव खेला है। वैसे देखा यही जा रहा है कि कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा आप पर हमलावर हो रही है। जहां एक तरह पप्पू यादव आप के नेताओं की पोल खोल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अजय माकन और संदीप दीक्षित ने भी आपके खिलाफ पूरा मोर्चा खोल रखा है।  अजय माकन ने अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए  कहा कि  उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पार्टी बनाई थी पर अब खुद उनकी पार्टी के खिलाफ  अनेक घोटालों का आरोप है। वहीं संदीप दीक्षित ने आरोप लगया कि  पंजाब पुलिस की गाड़ियों में AAP के कार्यकर्ता आ रहे हैं और दिल्ली में चुनाव के समय तो इन गाडियों को आना  ही नहीं चाहिए।

बिहार के नेता ने बढ़ाई NDA की मुसीबत

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दिल्ली चुनाव में कोई जीते कोई हारे पर यह चुनाव कईं गठबंधन को तोड़ने और उनमें दूरियां बनाने के लिए जरूर जाने जाएंगे, सबसे पहले आप और कांग्रेस की दूरियां दिल्ली चुनाव में खुलकर सामने आ गई और दोनों ने अलग अलग रास्ते पकड़ लिए और अब एनडीए घटक के एक  नेता जीतन राम मांझी दिल्ली में उनकी पार्टी हम को एक भी सीट नहीं दिए जाने पर एनडीए छोड़ने की धमकी दे डाली। जीतन राम मांझी का गुस्सा और बढ़ गया जब दिल्ली में चुनाव लड़ने के लिए चिराग पासवान और नीतीश कुमार की पार्टी को भाजपा आलाकमान ने  सीट में हिस्सेदारी दे दी पर मांझी को पूछा तक नहीं  आपको बता दें कि इससे पहले हाल ही में जब झारखंड में चुनाव हुए थे तो भी मांझी के हिस्से कुछ नहीं आया तो वह नाराज हुए थे,  और अब दिल्ली में उनके साथ दोबारा ऐसा हो गया तो मांझी पूरी तरह से भड़के हुए हैं। भड़के हुए मांझी ने  ऐसी बात कह दी कि लग रहा है कि मोदी कैबिनेट का एक विकिट गिर सकता है। मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा कि झारखंड में भी हमारी औकात नहीं थी, दिल्ली में भी हमारी औकात नहीं है लेकिन बिहार में हम अपनी औकात दिखाएंगे।  मांझी के बयान से एनडीए नेताओं की टेंशन बढ़ी लेकिन मोदी सरकार की ताकत देखिए  दी है। 24 घंटे ही मांझी अपनी घमकी से पलटे और कह दिया कि  उन्होंने इस्तीफा देने की बात कभी नहीं की। वह मरते दम तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ रहेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि बिहार में नीतीश कुमार का कोई विकल्प नहीं है। देश में नरेन्द्र मोदी और बिहार में आगे भी नीतीश कुमार का ही नेतृत्व रहेगा।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।