Congress को झटका नहीं यह Rahul को परेशान करेगा

कांग्रेस को लगातार अपने सहयोगी दलों से झटके पर झटके मिल रहे हैं , पहले जहां संसद में अडानी मुद्दे पर बहस कराने पर अड़े राहुल गांधी को ममता बनर्जी ने आड़ो हाथ लेते हुए  संसद का समय बरबाद ना करने की सलाह दे डाली और इस मुद्दे से दूरी बना ली , और समाजवादी पार्टी ने भी कुछ ऐसा ही किया, अब विपक्षी गठबंधन के एक और सहयोगी दल नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला  ने राहुल पर तंज कसते हुए कह दिया की evm पर रोना बंद करके रिजल्ट कबूल करें। उऩ्होंने यह भी कहा की एक चुनाव में मतदाता आपको चुनते हैं, दूसरे में नहीं, मैं लोकसभा में हार गया पर विधानसभा जीत गया , पर मैने evm को दोष नहीं दिया। साफ लग रहा है कि विपक्षी गठबंधन के एक और दल ने अपने आप को congress की लाइन से अलग कर लिया है। उमर अब्दल्ला के इस बयान पर bjp को एक बार फिर कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है और साफ लग रहा है कि अडानी से लेकर , evm मुद्दे पर congress बिल्कुल अलग-थलग पड़ती जा रही है। वैसे  ये दोनों मुद्दे ही congress के ना होकर राहुल गांधी के ही माने जाते हैं, राहुल ही इनको लेकर हमेशा मोदी सरकार पर हावी होने की कोशिश करते हैं, अब जब राहुल के ये दोनों मुद्दे ही फ्लाप होने शुरू हो गए हैं तो congress नेताओं में ही चिंता है कि अब मोदी जी को counter करने के लिए राहुल बाबा को कोई दूसरा जबरदस्त homework करना होगा।

राजस्थान में Congress क्या खेला शुरू किया

राजस्थान में जिस तरह से भाजपा आलाकमान ने यहां  पर वर्षों मुख्यमंत्री पद पर राज करने वाली वसुंधरा राजे सिंधिया को साइड लाइन कर रखा है लगता है विपक्ष उसका फायदा उठा कर वहां पर वसुंधरा की तारीफ कर , अभी से भाजपा विरोधी माहौल तैयार कर रही है। जी हां पीएम मोदी  जल्द ही जयपुर का दौरा करने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मोदी पर तंज कसते हुए कहा की   जिस योजना का शिलान्यास करने आप आ रहे हैं, वह तो पहले से ही शुरू हो चुकी है, यह योजना तो मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने शुरू कर दी थी और इसका क्रेडिट, तो वसुंधरा राजे को ही जाता है, उन्हीं के कार्यकाल में यह योजना बनाकर भेजी गई थी। लगता है  कांग्रेस  ‘वसुंधरा’ वाला सियासी दांव लगाकर  वसुंधरा के सैकड़ों समर्थकों को  मोदी के खिलाफ खड़ा करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वसुंधरा राजे की योजना होने के कारण उन्हें  क्रेडिट ना मिले  इसलिए ना केवल इस  योजना को अटका कर रखा गया बल्कि  अब इस योजना का नाम बदलकर  ईआरसीपी की जगह  अब पीकेसी कर दिया गया है।जूली ने यह भी कहा कि पीएम मोदी को राजस्थान की जनता से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि चुनाव में पीएम मोदी ने अजमेर और जयपुर में राजस्थान की जनता से वादा किया था कि ईआरसीपी योजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन दो-दो बार राजस्थान से 25 के 25 सांसद जीतने और  राजस्थान से जल शक्ति मंत्री होने के बावजूद भी ईआरसीपी योजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया गया।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।