Congress पर किसने बोला हल्ला-आजादी के बाद कोई रहा एक-दो साल जेल में

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बारे में कहा जाता है कि वो ऐसी ऐसी जानकिरियां इकट्टी कर लेते हैं जिसके बारे में किसी को पता ही नहीं होता और उनके बारे में बताकर वो सब हैरान -परेशान कर देते हैं। , अब औवैसी साहिब ने लंबे समय से जेल में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत ना मिलने की वजह कांग्रेस को बताकर सबको चौका दिया है कि ऐसा कैसे हो सकता है , कांग्रेस का इससे क्या लेना देना, पर ओवैसी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस की वजह से वो दोनों लंबे समय से जेल में हैं। आपको बता दें कि ओवैसी ने कांग्रेस पर हमला उस कानून को लेकर किया है जिसका संबंध गैरकानूनी गतिविधियां रोकने से हैं , जी हां औवैसी का कहना है कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम UAPA को सख्त करने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है, आपको बता दें कि 2020 के दिल्ली दंगों में उमर खालिद और शरजील इमाम को इसी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट तक ने इस बड़ी साजिश में शामिल इन दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था, ओवैसी ने साफ कहा कि जब पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे तो उन्होंने UAPA कानून में संशोधन करवाए, और इसमें आतंकवाद क्या है, इसकी परिभाषा शामिल की गई थी, जिसके कारण अंडरट्रायल कैदियों जिनमें खालिद और इमाम भी शामिल हैं उनको लंबे समय तक जेल में रहना पड़ रहा है, औवैसी ने कहा कि उन्होंने पहले भी चेताया था कि इसका दुरुपयोग होगा, आज दो युवा इसके कारण ही साढ़े पांच साल से जेल में हैं, औवेसी ने यह भी तंज कसा कि कानून बनाने वाले कांग्रेस से पूछा जाए कि किया आजादी के बाद से उनका कोई नेता कभी एक साल, दो साल या साढ़े पांच साल जेल में रहा है, खैर औवेसी के इस बयान से कोई और खुश हो या ना हो बीजेपी नेता तो जरूर खुस हो रहे होंगे क्योंकि अभी तक बीजेपी के सिर पर ही इन दोनों को गिरफ्तार करने और जमानत ना मिलने की ठीकरा फोड़ा जा रहा है।

 

राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलटक्या बचा पाएंगे प्रियंका की साख

कांग्रेस के उम्रदराज और सोनिया गांधी के करीबी रहे राजस्थान के कद्दावर नेता अशोक गहलोत को साइड लाइन करके राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट को आगे बढ़ाया जा रहा है, हाल ही में जैसे ही सचिन पायलेट केरल विधानसभा चुनाव का सीनियर ऑब्जर्बर बनाया गया, इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया कि बिहार की हार के बाद कांग्रेस आलाकमान का अशोक गहलोत से भरोसा उठ गया है और वो सचिन पायलेट पर ध्यान दे रही है, आपको बता दें कि सचिन पायलट को केरल स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के साथ मिल कर केरल में 10 साल का बनवास खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस में सचिन का कद बढ़ने के पीछे कईं वजह मानी गई हैं सबसे पहली वजह सीधी बिहार में कांगेस की शर्मनाक हार से जुड़ी है। बिहार विधानसभा चुनाव में अशोक गहलोत को कांग्रेस का सीनियर चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था, उन्होंने ही महागठबंधन की सीट शेयरिंग की प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने तेजस्वी को सीएम फेस और मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम फेस बनाये जाने की घोषणा कर दी और इससे कईं नेता खुश नहीं थे और चर्चा यही चली कि यही घोषणाएं बिहार में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण बनी, अशोक गहलोत की जगह सचिन पायलेट को आगे लाने की एक बड़ी वजह प्रियंका गांधी से उनकी करीबी है और ऐसे में माना जा रहा है उन्हें केरल प्रियंका गांधी की साख को बचाने भेजा जा रहा है, जैसा की सबको पता है कि प्रियंका गांधी केरल के वायनाड से पहली बार सांसद बनी हैं और यहां होने वाले विधानसभा चुनाव उनके लिए भी परीक्षा की घड़ी हैं। तीसरा कारण यही बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस खुद को पीढ़ीगत बदलाव के लिए तैयार कर रही है और वरिष्ठ नेताओं की देखरेख में युवा नेताओं को आगे लाया जा रहा है ताकि वे भविष्य की जिम्मेदारी संभाल सकें। खैर जो भी हो ये सचिन पायलेट के लिए एक अच्छी खबर है क्योंकि अबतक उन्हें अशोक गहलोत से लड़ाई के कारण सचिन बहुत नुकसान उठाना पड़ा है, यहां तक की उन्हें डिप्टी सीएम के पद से भी हटना पड़ा थ

 

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