GST लागू पर जनता हैरान -परेशान नहीं मिल रही दूध-पनीर, ब्रेड सस्ती

देशभर में लग रहा है जैसे खरीदारी की घूम मच गई है, टीवी, फ्रिज , Washing Machine , Microwave की जिस तरह रिकार्ड तोड़ बिक्री शुरू हो चुकी है लग रहा है मोदी सरकार ने जनता को बिल्कुल अपने पाले में कर लिया है। लेकिन बड़े सामान पर तो लग रहा है कि GST का असर पड़ गया है और वो सस्ते हो गए हैं लेकिन खबरें यह भी मिल रही हैं कि छोटा सामान और खाने-पीने के सामान जैसे दूध, पनीर, ब्रेड नमक, साबुन और तमाम चीजों पर दुकानदारों ने पैसे कम नहीं किए हैं जबकि इन सामान पर GST —0 होने के कारण इनके दामों में 2-3 रूपए तक की कमी आई है,

मोदी सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती

यह एक बडा मसला है जिसे मोदी सरकार को देखना होगा क्योंकि देखा यही जाता है कि जब भी सरकार कुछ टेक्स कम करती है, सामान के रेट कम होते हैं, खासकर छोटी चीजों के तो लोगों को उसका फायदा या तो मिल ही नहीं पाता है या फिर बहुत दिनों बाद मिलता है, कारण यही होता है कि लोग जागरूक नहीं होते और दुकानदारों से पूछते भी नहीं की दूध -दही के रेट कम क्यों नहीं हुए। इन सब के बीच खबरें आ रही हैं कि कुछ दुकानदार इसका फायदा ग्राहकों को नहीं दे रहे हैं।मोदी सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती है कि महंगाई कम होने का अहसास आम जनता को दिलाया जाए और अहसास तभी होता है जब आपको खाने की थाली सस्ती हो जाती है, दूध सस्ता मिलने लगता है।

 

सामान सस्ता नहीं मिल रहा -टोल-फ्री नंबर – 1915 पर शिकायत करें

तो अगर आपको इसका फायदा नहीं मिल रहा है तो तुरंत इसकी शिकायत करने के लिए भी मोदी सरकार ने बंदोबस्त किए काम किया गया है, तो आपको कुछ नहीं करना बस टोल-फ्री नंबर – 1915 पर एक फोन कॉल कर सकते हैं।यानी अगर दुकानदार आपको रेट कट का फायदा न दें तो तुरंत 1915 पर कॉल करें फिर WhatsApp 8800001915 पर शिकायत दर्ज कराएं। कहा यही जा रहा है कि शिकायत मिलने पर दोषी दुकानदार पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। सरकार ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में बाकयदा एक निगरानी तंत्र बनाया गया है और इसमें उन बड़ी कंपनियों पर भी शिकायत आने पर कारवाई की जाएगी अब बाजारों में बहुत से सामान ऐसे हैं जिनपर पहले से ही रेट लिखे हैं तो ऐसे में consumers की शिकायते आ रही हैं कि उन्हें उसी रेट पर सामान मिल रहा है

दुकानदारों को मार्च 2026 तक समय पुराने स्टीकर बदलने का

 

वैसे दुकानदारों का भी ध्यान रखा गया है और नए दाम का स्टीकर लगाना इतनी जल्दी संभव नहीं तो दुकानदार कम संशोधित कीमतों के साथ पुराने पैक का उपयोग मार्च 2026 तक कर सकता है लेकिन हां चीजों को नए दाम पर बेचा जा रहा है इसकी जिम्मेदारी कंपनियों और वितरकों को उठानी पड़ेगी पता चला है कि मोदी सरकार की तरफ से बाकायदा संशोधित दरें लागू करवाने के लिए कंपनियों , वितरकों के साथ दो-दो बार बैठक की जा चुकी है और सबको सख्त चेतावनी दी जा चुकी है। और यदी फिर भी ऐसा नहीं होता तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को कहा गया है कि वो अपने आप ही आम जनता को नईं कम संशोधित MRP की जानकारी देनी शुरू करें। इसके लिए उन्हें कहा गया है कि जीएसटी दरों के बारे में उपभोक्ताओं को बताने के लिए तमाम तरह के मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लें।

मोदी सरकार के मंत्री उतरे बाजारों में GST के बारे में जागरूक करने

यही नहीं जनता को जागरूक करने लिए यह भी देखा गया कि GST लागू होते ही उसके कद्दावर नेता बाजारों में उतर कर बाकायदा लोगों से पूछ रहे थे , दुकानों में जा रहे थे कि रेट कम हुए या नहीं , इसमें वित मंत्री निर्मला सीतारमण से लेकर, जे पी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी, से लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी लोगों के बीच जाकर उन्हें जरूरी खाने पीने के सामान के रेट कम होने की जानकारी दी, और ये वीडियो खूब वायरल हो गए।

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