राहुल गांधी के लगातार होते दौरे सिर्फ Public जुटाने का काम— वोट नहीं मिलेंग

बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं और JDUके वरिष्ठ नेता KC Tyagi  का मानना है कि चाहेराहुल गांधी पूरा दिमाग लगा लें बिहार के दौरे पर दौरे कर लें इससे ना बीजेपी को कोई खतरा है और ना ही JDU को , जनता का अभी भी नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा हैं।त्यागी जी का यह भी कहना है कि इससे पहले इससे भी राहुल ने हरियाणा का दौरा किया, राजस्थान में भी गए, मध्य प्रदेश भी पहुंचे, गुजरात और महाराष्ट्र में भी काफी प्रयास किए पर कुछ हासिल नहीं हुआ और अब बिहार में भी यही होने वाला है। वैसे यह बात तो बहुत ज्यादा चर्चा का विषय बन चुकी है कि पहली बार ऐसा हुआ कि राहुल गांधी ने किसी राज्य का इतना दौरा किया और वहां चुनाव को लेकर बहुत सीरियस हों। पर के सी त्यागी जी का मानना है कि ना उनकी पार्टी को राहुल से कोई खतरा है और ना ही कांग्रेस से , उनका मानना है कि राहुल के लिए वैसे भी बिहार एक अनजानी पृष्ठभूमि है जहां सामाजिक न्याय का आंदोलन डॉक्टर अंबेडकर के बाद उसको करपुरी ठाकुर ने संभाला और आजकल नीतीश कुमार उसका नेतृत्व कर रहे हैं , जिससे बिहार में पिछड़े हैं अति पिछड़े हैं दलित हैं , महादलित हैं उनका सोशली और एजुकेशनली एंपावरमेंट हुआ है हम उसको इलेक्शन के बजाय बिहार में नीतीश कुमार का सिलेक्शन मानते हैं । K.C TYAGI का यह भी मानना है कि बिहार में चाहे राहुल गांधी जी की सभाओं में भारी भीड़ उमडती हो पर वो वोटों में तबदील नहीं होती और यह और राज्यों में भी देखा गया है, भीड़ आती है राहुल गांधी को देखती है पर कोई उन्हें सीरियसली नहीं लेता और वोट नहीं देता। तो चाहे congress बिहार में एक्टिव होने का दम भरती हो पर हमारे गठबंधन को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी सरकार नें महिलाओं का आरक्षण, इकोनॉमिकली व्हीकल सेक्शन का आरक्षण और आरक्षण का कोटा अति पिछड़ों के लिए तय किया , दूसरा नीतीश कुमार ने सत्ता में आने के बाद नगरपालिका नगर निगम और पंचायतों में 50% का आरक्षण दिया जो सिर्फ बिहार में ही है।

चिराग पासवान भी समय पर समझ जाएंगे

गठबंधन के अंदर जिस तरह से चिराग पासवान लड़ने के लिए कईं सीटों की दावेदारी क्या वो कहीं ना कहीं प्रॉब्लम क्रिएट करेगा, इसपर K C TYAGI मानते हैं कि मैं पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और मुझे 50 साल का अनुभव है चुनाव से पहले सभी पॉलिटिकल पार्टी सभी जातीय समूह अपनी-अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं जैसे क्या कांग्रेस पार्टी पहले से बढ़ी हुई सीटें बिहार में नहीं चाह रही बिल्कुल चाह रही है, क्या मुकेश साहनी ने प्रचारित नहीं किया कि उन्होंने सीटों पर तैयारी शुरू कर दी, क्या आरजेडी का यह कहना नहीं है कि हम कांग्रेस की सीटें इस बार घटाएंगे । इसी प्रकार की बातें हमारे यहां भी उठती रहती है। चिराग पासवान पिछली बार लड़े थे पर नतीजा अच्छा नहीं हुआ हमको भी नुकसान हुआ अब वो केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उन्होंने लंबी वार्ता के बाद आकर कहा है कि नीतीश कुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे या सीएम की कोई वैकेंसी नहीं । त्यागी जी मानते हैं कि हम सब दल के नेता बैठेंगे और बातचीत से अपनी समस्या हल कर लेंगे, इसमें कोई परेशानी नहीं है। ना चिराग पासवान सो कोई खतरा है ना मांझी जी की पार्टी और ना ही कुशवाहा जी की पार्टी से।

 

सोनिया गांधी और लालू यादव से बेहतर है नीतिश कुमार की Health

नीतीश कुमार जी की जो रेपुटेशन हैं की वो दल बदलते रहते हैं और ऐसे में क्या वापस बिहार की जनता उन पर अपना विश्वास बनाए रखेगी, इस पर K C TYAGI जी मानते हैं कि जिस तरह पिछले 25 वर्षों में 30 वर्षों में सरकार में रहते हुए नीतीश जी पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, कुछ खास जातियां कुछ खास समूह को ज्यादा हिस्सेदारी देने का आरोप नहीं लगा , अपने परिवार को आगे बढ़ाने का आरोप नहीं लगा तो ऐसे में जनता को विस्वास उनपर लगातार बना हुआ है।अपने बेटे को भी उन्होंने सरकार में कोई पद नहीं दिया जैसे कि श्रीमती सोनिया गांधी ने दिया हुआ है,जैसे श्री लालू प्रसाद यादव ने दिया हुआ। नीतीश कुमार की जो छवि है बहुत ज्यादा ईमानदार छवि है लेकिन उसके बावजूद भी जनता तो सोचती है ना कि बहुत ही ज्यादा अपॉर्चुनिस्टिक है जहां मौका मिलता है वहीं चले जाते हैं क्योंकि उनको मुख्यमंत्री बनना है, इसपर त्यागीजी का कहना है कि पिछले जो इतिहास है उसको मैं नहीं जिक्र करना चाहता लेकिन बुनियादी तौर पर नीतीश कुमार गैर कांग्रेसी राजनीति का हिस्सा रहे अब 25 जून आ रहा है उन्होंने लंबी जेल काटी है कांग्रेस के खिलाफ जयप्रकाश जी के
साथ मिलकर आंदोलन किया। और अब भी वह कांग्रेस के खिलाफ ही हैं। उनके को स्वास्थ्य को लेकर हो रही चर्चाओं पर त्यागी जी का कहना है कि उनका स्वास्थ सोनिया जी से और लालू जी से बहुत बेहतर है और यही कारण है कि चुनाव के बाद उनको cm बनाने की बात प्रधानमंत्री कह चुके हैं गृह मंत्री कह चुके हैं नड्डाजी कह चुके हैं।

MODI -RAHUL कोई तुलना भी नहीं हो सकती-जमीन आसमान का फर्क

 

राहुल और मोदी जी की तुलना करने के सवाल पर K C TYAGI का कहना है कि मैं 54 सालों से एक राजनीति कार्यकर्ता हूं मेरे मां-बाप जो हैं वो राजनीति के किसी पद पर या बड़े पद पे नहीं थे तो मैंने संघर्षों में रह के जेल जाकर के पुलिस की लाठी खा के और दर्जनों बार शिविर अटेंड करके एक राजनीतिक सोच पैदा की सो इज द केस ऑफ़ नरेंद्र मोदी उन्होंने भी कितने साल तक कंधे पर झोरा लटकाए संघ के कार्यकर्ता के रूप में लंबे समय तक काम किया । तो हमारे नरेंद्र मोदी जी के और राहुल गांधी जी के कल्चरल सोशल पॉलिटिकल बहुत अंतर है, राहुल ने राजनीतिक भाषा वो किताबों से सीखी हुई है हमारी व्यवहार से और जमीन से सीखी हुई है, राहुल को सारी चीजें विरासत में और आसानी से और हमने सदियों संघर्ष करके उन्हें हासिल किया, बस यही फर्क है राहुल और मोदीजी में। राहुल गांधी उनको अभी बहुत कुछ सीखना है और उनको एक सिस्टमेटिक पॉलिटिकल वर्कर जैसे नरेंद्र मोदी जी हैं नीतीश कुमार जी हैं और भी लोग हैं खाली दो ही नहीं है । अब राहुल के पास में जितनी सिक्योरिटी पहले थी उतनी अब है , जिस कोठी बंगले में पहले थी उसी में अब है तो उनपर प्रधानमंत्री रहे ना रहे कोई फर्क नहीं पड़ता अब जिस दिन हम किसी पद पर नहीं रहते हैं उस दिन कार कोठी बंगला सब हमारे सुख सुविधाएं छीन जाती हैं।

PK अच्छे मिंत्र पर कुछ ज्यादा नहीं कर पाएंगे

 

प्रशांत किशोर के बारे में K C TYAGI का कहना है कि पीके मेरे मित्र भी हैं, लंबे समय तक हम लोगों ने साथ काम किया है, पर वो नीतीश कुमार जी के बारे में नकारात्मक और खराब टिप्पणी कर चुके हैं लेकिन एक शिष्ट मित्र होने के नाते मैं उनके बारे में कोई खराब टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन जैसा मैंने कांग्रेस पार्टी के लिए कहा उससे ज्यादा मजबूती के साथ मैं फिर कहना चाहता हूं बिहार में पिछले 40 सालों से पूरी सोसाइटी पोलराइज हो चुकी है लिहाजा वहां इक्की दुक्की सीट निकल आए कुछ वोट मिल जाए कुछ हो जाए लेकिन प्रशांत जी की कोई तीसरी फोर्स की कोई भूमिका होगी उसे मैं खारिज करता हूं। पहले भी कई बार बसपा ने, कई और दलों ने तीसरी फोर्स बनने के प्रयास किए लेकिन असफल रहे हैं।

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