Maharashtra—एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली पहुंचे क्या गडबड़

क्या महाराष्ट्र सरकार में कुछ उठा-पठक होने वाली है, क्या बीजेपी और शिंदे शिवसेना में मनमुटाव बढ़ गया है, राजनीतिक गलियारों में इन चर्चाओं का अचानक शोर बढ़ा क्योंकि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली पहुंच गए और यहां पर वह pm modi के साथ साथ शिवसेना के सांसदों से भी मंत्रणा करेंगे और उनकी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की भी चर्चा है। वैसे माना यही जा रहा है कि हाल ही में महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनावों के बाद से ही बीजेपी और शिंदे ग्रुप में तल्लिखयां बढ़ी हैं, शिवसेना लगातार आरोप लगा रही है कि जिला परिषद चुनावों में भी उन्हें कई क्षेत्रों में सत्ता से जानबूझकर बाहर रखा गया था और भेदभावपूर्ण व्यवहार हो रहा था। रायगढ़ में शिंदे पार्टी के स्थानीय सैनिकों ने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है कि बहुमत होने के बावजूद उन्हें समझौता करना पड़ा और फलटण में तो पार्टी को पूरी तरह से साइडलाइन करके सत्ता से बाहर रखा गया। वैसे खबरें ये भी आई थी रायगढ़ को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुनील तटकरे और एकनाथ शिंदे औरके बीच तीखी बहस भी हुई थी। अब अचानक एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचे हैं तो माना यही जा रहा है कि वो इनसब मुद्दों का कोई स्थायी हल निकालना चाहते हैं, जिससे शिवसेनिकों में बढ़ता आक्रोश खत्म हो सके।
असम को Congress मुक्त बनाने निकल पड़े हैं ये नेता

लगता है असम में चुनाव से पहले कांग्रेस को कईं झटके मिल सकते हैं, जी हां जिस तरह से असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि कांग्रेस के हिंदू नेताओं को वो जल्द ही बीजेपी में लेकर आएंगे। सरमा ने यह कहकर कांग्रेस आलाकमान पर तंज कसा कि इससे असम में कांग्रेस और कमजोर हो जाएगी और उनके लिए असम को ‘कांग्रेस-मुक्त’ राज्य बनाना आसान हो जाएगा। आपको बता दें कि हाल ही में असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी छोड़ दी। तब से लेकर अबतक कांग्रेस के तीन और मौजूदा विधायक बीजेपी में शामिल हो गए। वैसे कांग्रेस के बहुत से लीडर अभी भी हिमंत बिस्वा सरमा को बहुत मानते हैं और दबे स्वर में कहते भी हैं कि मसीबत के सामने गौरव गौगई से बात करना मुशिकल हो जाता है पर हिमंत बिस्वा सरमा से देर रात भी मदद मांगों तो वो तैयार रहते हैं, वैसे शायद कम लोग ही ये जानते होंगे कि हिमंत बिस्वा सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी और उसके एक साल बाद ही यानी 2016 से बीजेपी असम में राज कर रही है, ये आंकड़े अपने आप ही असम में हिमंत बिस्वसरमा की लोकप्रियता बताते हैं।
America कल तक जो साथ खडे थे आज कर रहे हैं किनारा

कल तक अमेरिका की हां में हां मिलाने वाले देश ही आज उससे दूर होने शुरू हो गए हैं और कारण साफ है अचानक ईरान पर किया गया युद्घ आज विश्व के बहुत से देशों को अपनी चपेट में ले चुका है और Economical Crisis से हर कोई परेशान है, पता चला है कि होर्मुज की सुरक्षा के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीन और ब्रिटेन समेत भारत से भी मदद मांगी है पर किसी ने इसपर अपना हाथ नहीं बढाया है और लग रहा है कि इस मुद्दे पर ट्रंप अलग-थलग पड़ गए हैं। रहे जहां ब्रिटेन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने साफ कह दिया कि वह ईरान युद्ग में नहीं पड़ेगा वहीं आस्ट्रेलिया और जापान ने भी नौसैनिक मदद मुहैया कराने से मना कर दिया है, जर्मन सरकार का भी कहना है कि उनका देश न तो युद्ध में शामिल होगा और न ही सैन्य बल पर होर्मुज को खुला रखने के अभियान में शामिल होगा। वहीं डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके ने थोड़े पोलिश लहजे में कह दिया कि कि उनके देश को खुले दिमाग से सोचना चाहिए कि इस मामले में कैसे योगदान दिया जा सकता है। वहीं भारत ने कहा है कि अमेरिका ने कई देशों से अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। पर भारत ने अमेरिका के साथ इस बारे में कोई बातचीत नहीं की है। आपको बता दें कि विश्वभर की तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है। और यहां पर लगातार ईरान हमला कर रहा है जिससे विश्व के बहुत से देशों में तेल के साथ गैस की भी कमी हो गई है।

