Mother of all deals-भारत के लिए समृद्धी – नौकरियां लेकर आएगा

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच जो एक ट्रेड डील पर समझौता हुआ है उसको मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। अब इसमें ना केवल इसका व्यवसायिक कहिए या इकोनॉमिक पक्ष है। इसका डिप्लोमेटिक आस्पेक्ट भी है। यह डील महत्वपूर्ण इसलिए भी बताई जा रही है कि इसको सिरे चढ़ने में लगभग 20 साल का टाइम लग गया और 20 साल के लंबे बातचीत के बाद यह डील फाइनली क्लिंच की गई। अब इसको मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। वो इसलिए भी कहा जा रहा है कि इससे पूरा का पूरा जो बिजनेस एनवायरमेंट है ग्लोबल बिजनेस एनवायरमेंट वह बदल जाएगा। भारत के लिए जरूरी भी है और भारत अभी जिस तरह की परिस्थिति में है उसमें महत्वपूर्ण भी है। भारत की इकॉनमी जिस तरह से ग्रो कर रही है, जिस तरह की जरूरतें हैं भारत को और भारत से जिस तरह की जरूरतें यूरोप को है या बाकी और देश को है। और यह बात तब हो रही है जब भारत उन देशों को भी साथ लेकर के चलने की लगातार वकालत कर रहा है। जैसे अफ्रीकन कंट्रीज और ग्लोबल साउथ को अब इसमें जो तथाकथित बड़े प्लेयर थे अमेरिका हुआ, चाइना हुआ या और वो लगातार भारत पर दबाव डाल रहे थे। पर पहले इसके फायदे समझ लेते हैं कि ये केवल एक बिजनेस डील ऐसा नहीं है जो केवल भारत और यूरोपियन यूनियन को फायदा पहुंचाएगा बल्कि ये सबको साथ लेकर के चलेगा। जो टर्म फ्रेज इस्तेमाल किया गया है वो शेयरर्ड प्रोस्पेरिटी मतलब सबको प्रोस्परस बनाएगा। जैसे कि यूरोपियन यूनियन को तो फायदा होगा ही। भारत को भी फायदा होगा ही। किन लोगों को फायदा होगा। मिडिल क्लास का सबसे बड़ा कंसर्न होता है। इसलिए कि अब इसके बाद से जो टैक्स का या जो कहिए कि जो लेवीज होता है वो जीरो हो गया।

Marine- plastic -rubber-दवाइयां- ज्यूवैलरी सभी सेक्टर में फायदा


अब उसमें उसमें जो भारत को बेनिफिट करने वाले क्षेत्र हैं वह कौन-कौन से हैं? सबसे बड़ा सेक्टर जो है वह मैरीन सेक्टर का है। जहां भारत को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। केमिकल एक बड़ा क्षेत्र है। लेदर और फुटवियर है। प्लास्टिक और रबर है जहां जिसको कच्चे माल के तौर पर यह इस्तेमाल होता है। टेक्सटाइल और अपरल के क्षेत्र में भारत को फायदा होने वाला है।मार्केट खुलेगा तो जाएगा और अभी तक इस मामले में जो लीड करता था वह बांग्लादेश था। बांग्लादेश में जिस तरह से पॉलिटिकल इनस्टेबिलिटी है उनका पूरा का पूरा जो बिजनेस और इकॉनमी वो चौपट हो रही है और अगर उन सब को देखें तो इस नई डील के बाद भारत इसमें बहुत बड़ा बेनिफिट बेनिफिशरी होने वाला है। उसके अलावा बेस मेटल है, जेम्स एंड ज्वेलरी है जो भारत के लिए बहुत है। उसके अलावा रेलवे, एयरपोर्ट और शिप। अब यह जो यह जो तीन सेक्टर है रेलवे भारत में बहुत तेजी से ग्रो कर रहा है। हम देख रहे हैं हमारे पास जो पुरानी रेल व्यवस्था थी उसके बाद हम बुलेट ट्रेन की बात कर रहे हैं। हम जो शहरों में मेट्रो रेल्स वो कर रहे हैं। इन सब में यूरोपियन यूनियन की मदद हालांकि इसमें हम खुद बहुत आगे हैं। लेकिन हम एक दूसरे के साथ कोलबोरेट करेंगे तो इसका फायदा होगा। फर्नीचर का जो है आर्टिस्टिक फर्नीचर का हम अच्छे से निर्माण करते हैं। टॉयज को लेकर के नई सरकार ने बहुत लंबे समय से एक स्कीम बनाई हुई है और पहले सारा का सारा खिलौने की डिपेंडेंसी चाइना पर थी। उसके बाद उस पॉलिसी में थोड़ा चेंज किया। हमने इंडजीनस प्रोडक्शन करना शुरू किया और अब उसमें बहुत तेजी से हम आगे बढ़ रहे हैं और यह बात जो है टॉय को अगर हम टॉय का मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं उसका प्रोडक्शन कर रहे हैं तो हम उसको यूरोपियन यूनियन भेज पाएंगे वहां जाएगा स्पोर्ट्स गुड मेरठ और उसके आसपास स्पोर्ट्स गुड बनाने की बहुत बड़ी इंडस्ट्री है और वो जो है इस नई डील से इसको फायदा होगा। तो ये ये जो सारी चीजें हैं अब इसमें यूरोपियन यूनियन को क्या फायदा होगा?

कारों का सस्ता होना सबसे बड़ी बात


यूरोपियन यूनियन को वो मोटर व्हीकल भारत को एक्सपोर्ट कर पाएंगे और भारत में बहुत सारे तो जो ग्लोबल कंपनीज़ हैं वो हैं। लेकिन इस नई डील के बाद जो लगभग एफटीए से 110% टैक्सेशन का है। इसका मतलब कारें सस्ती होंगी और सस्ती होंगी। वाइन यह भी एक बड़ा है। इस पर 150% का वो था। उसके बाद स्पिरिट है जो जो जिसका बहुत सारा उपयोग है। बियर है। ऑलिव ऑयल है। ऑलिव ऑयल भारत में कंजमशन कम होता है। विदेश में ज्यादा कंजमशन होता है। तो ऑलिव ऑयल के कंजमशन का जो हेल्थ कॉन्शस लोग हैं वो करेंगे। किवीज एंड पियर्स यह पीस जो है यह फ्रूट्स हैं। इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स जो बाहर से आएंगे तो एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट ये बहुत महत्वपूर्ण है। एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री को लेकर के भारत में एक बड़ा वह है और जिस तरह से हमारी एविएशन रेल्वेज के साथ-साथ एविएशन इंडस्ट्री जिस तरह से बढ़ रही है ये एक डील और प्लस सिक्योरिटी के लिए अगर हमको स्पेसक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट में मतलब उस फाइटर भी हो सकते हैं तो ये निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है भारत के लिए।

दवाईयों की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा

अब इसमें फार्मा इंडस्ट्री सबसे ज्यादा जो है इस हमको लगता है इससे यूरोपियन यूनियन बेनिफिटेड होगा इसलिए कि भारत जो है वो फार्मा इंडस्ट्री का लीडिंग लाइट है और उसके अलावा प्रोसेस्ड फूड ड्राई बिस्किट्स ये सारी छोटी-छोटी चीजें हैं। लेकिन मोटे तौर पर जिन सेक्टर्स की मैंने बात की इनको फायदा होगा। अब उसमें ऑटोमोबाइल वाइन और लेबर इंटेंसिव गुड्स जो हैं वो उसमें बड़ी अदला बदली होगी। मतलब एक दूसरे के यहां से आपस में बड़ी अदला बदली होगी। मतलब यह कि इंडियन प्रायोरिटी प्रायोरिटी टू स्टोर अप ट्रेड लिंक जॉब्स इन टेक्सटाइल फुटवेयर एंड मार्केट सेक्टर। मतलब इन सब क्षेत्रों में जॉब बढ़ेंगे। अब इस जो यूरोपियन यूनियन के साथ यह जो समझौता हुआ है, समझौते में जॉब महत्वपूर्ण मसला है कि इस पूरे मामले में जॉब जो है वो बड़ी संख्या में बढ़ेंगे। जैसे कि 2 मिलियन पीपल मतलब जॉब बढ़ेगा और दोनों तरफ से यूरोपियन यूनियन और भारत के लोगों को इस मामले में बहुत ज्यादा फायदा होगा

America को मिल गया टैरिफ का जवाब

इसके डिप्लोमेटिक पक्ष की बात कर लेते हैं। लगातार जिस तरह से अमेरिका और चाइना भारत पर टेरिफ का दबाव डाल रहे थे और धमका रहे थे और धमकी के कारण उन्होंने 50% का टेरिफ भारत पर इंपोज कर दिया। इन सबके बीच जिस तरह से यह यूरोपियन यूनियन के साथ समझौता हुआ है और इसको लेकर के भी डोनाल्ड ट्रंप की भारत के लिए नाराजगी थी और उन नाराजगी को दरकिनार करते हुए भारत का यह डील साइन करना अपने आप में एक बहुत महत्वपूर्ण है और जो भारत की इकॉनमी को जिसको बोलते हैं पंख देगा वो एक महत्वपूर्ण है और यह जान लेना चाहिए कि बावजूद इसके कि हम पर 50% टेरिफ लगा था। हमारी इकॉनमी जो है वह बढ़ी और इंपैक्ट की बात जो कही जा रही है वह दशमलव में है। मतलब 4% इंपैक्ट होने की बात है। इन के अलावा इसके अलावा चाइना के साथ जिस तरह का हमारा ट्रेड रिलेशंस है उन सबको अगर देखा जाए तो यह एक बड़ा है। हमने अमेरिका ब्रिटेन से यूनाइटेड किंगडम किंगडम से अभी थोड़े दिन पहले ही ट्रेड डील साइन किया है जो अभी हुआ है। तो कुल मिलाकर के ये भारत के लिए एक बड़ा ना केवल कदम है बल्कि भारत के डेवलपमेंट की जो ट्रेजेक्टरी है उस ट्रेजेक्टरी को के मोमेंटम को और तेज करेगा। ऐसा ही दिखता है और उसका बेनिफिट जो है वो नीचे से लेकर के ऊपर तक परकुलेट होगा।

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