Rahul Gandhi का झूठ एक बार फिर पकड़ा गया क्या

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया, जिसके बाद से एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी झूठ बोलते हैं या फिर वो बिना कोई अपना होमवर्क किए कहीं भी कुछ भी बोल देते हैं, दरअसल चर्चा जब शुरू हुई जब राहुल गांधी ने संसद में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की एक टिप्पणी को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, आपको बता दें राहुल गांधी ने यह टिप्पणी जनरल नरवणे की उस किताब में से उठा ली जो अभी तक छपी भी नहीं है, अब एक किताब के कुछ अंश बिना छपे राहुल गांधी तक कैसे पहुंचे ये अपने आप में सवाल बन गया, दूसरा राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि किताब के उस हिस्से में डोकलाम में चीनी टैंक’ का जिक्र है, बस इसी बात पर संसद में जबरदस्त हंगामा हो गया। राहुल इसी कोट के जरिए चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे, पर उनका ये दांव बिल्कुल उल्टा पड़ गया जब नरवणे का एक पुराना वीडियो सामने आ गया जिसमें नरवणे कहते सुने जा रहे हैं कि ‘एक भी ईंच जमीन नहीं गई। बस इसके बाद से बीजेपी नेता और खुद अमित मालवीय ने राहुल गांधी को पक्का झूठा बता दिया और यह भी कहा कि राहुल गांधी अपने संसदीय विशेषाधिकारों का इस्तेमाल भारत और सेना के खिलाफ करते हैं।

 

PM मोदी के सामने क्यों एक्टिंग करने लगे TMC के नेता

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी को राजनीती छोड़कर या तो एक्टिंग कर लेनी चाहिए नहीं तो उनको अपनी mimicry यानी नकल करने की कला को अपना profession बना लेना चाहिए, अब यह चर्चा अचानक क्यों उठने लगी दरअसल इसके पीछे कुछ कारण हैं, पहला तो यही कि हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान, अचानक ही तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी , अमित शाह और रक्षा मंत्री यानी राजनाथ सिंह की सीटों के आगे पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी, अब यह सब इतना अचानक हुआ और कल्याण बनर्जी की एक्टिंग को देखकर विपक्ष तो क्या खुद राजनाथ सिंह भी मुस्कुराने लगे। यह पहली बार नहीं है कि कल्याण बनर्जी ने संसद में इस तरह की एक्टिंग की हो, इससे पहले जुलाई में भी कल्याण बनर्जी ने संसद में कित-कित की आवाज निकाली थी और मजाकिया अंदाज में बीजेपी के 400 पार वाले नारे को लेकर तंज कसा था। आपको बता दें कित-कित बिहार, यूपी और बंगाल में बच्चे पहले कभी आपस में खेलते थे। कल्याण बनर्जी के इस अंदाज पर कुछ नेता हंसे भी, कुछ गुस्सा भी हुए और कुछेक ने कह भी दिया कि एक्टिंग करो नेतागिरी करने की क्या जरूरत पर कल्याण बनर्जी पर शायद ही कोई असर पड़ा हो, वैसे कल्याण बनर्जी की नकल करने की कला का एक वीडियो भी कुछ समय पहले ही बहुत वायरल हुआ था, जिसमें वो संसद के बाहर उस समय के सभापति जगदीप धनकड़ की नकल उतार रहे थे और विपक्ष के तमाम नेता हंस रहे थे और राहुल गांधी तो बाकायदा इसकी वीडियो बना रहे थे, पर ये सब कुछ पल के लिए ही अचछा लगता है, जनता भी ऐसे नेताओं पर हंसती ही है और उन्हें कभी सीरियसली नहीं लेती है।

Maharashtra —क्या शरद पवार का राजनीतिक भविष्य खत्म हो गया

अजित पवार की मौत के बाद महाराष्ट्र में NCP के भविष्य को लेकर जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है, कुछ सवाल ऐसे हैं जो पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं , सबसे अहम कि अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाल तो ली है, पर क्या वो उसे बाखूबी निभा पाएंगी, दूसरा बड़ा सवाल यह भी खड़ा है क्या अब पवार परिवार एक हो जाएंगे पर जो हालात महाराष्ट्र में बन रहे हैं उससे लग रहा है कि असली पावरगेम अभी बाकी है, और कुछ सवालों के जवाब अंधेरे में ही हैं, क्योंकि अजित पवार पार्टी के कद्दावर नेता सुनील तटकरे ने साफ कह दिया कि अगर दोनों दलों का विलय होता है तो शरद पवार की पार्टी को एनडीए के साथ आना होगा क्योंकि अजीत दादा की पार्टी NCP तो NDA का ही हिस्सा है। अब ये बयान या शर्त ऐसी है जिसके चलते साफ लग रहा है कि अजीत पवार की मौत के बाद भी चाचा भतीजे की पार्टी का विलय होना मुश्किल ही नहीं असंभव है। पर दूसरी तरफ अजित पवार के करीबी किरन गुजर ने एक बार फिर से विलय को लेकर बड़ा दावा कर दिया और कहा कि दादा कि अंतिम इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों खेमें साथ आ जाएं, आपको बता दें कि किरन गुजर वही नेता हैं जिनसे अजित पवार ने हादसे पहले आखिरी कॉल की थी। अब इन बयानों को लेकर भी बहुत ज्यादा कंफ्यूजन बना हुआ है, वैसे जिस तरह से अजीत पवार की मौत के बाद ये संभावना जतायी जा रही थी कि इतनी बड़ी दुख की घड़ी में जब पवार परिवार साथ खड़ा हो गया तो एनसीपी के दोनों दल भी साथ आ सकते हैं लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इसकी संभावना भी कम दिखती है क्योंकि राजनीती के आखिरी पड़ाव पर खडे शरद पवार क्या NDA जाएंगे ये बड़ा सवाल है, दूसरी तरफ यह भी देखना है कि अब शरद पवार का राजनीतिक भविष्य क्या होने वाला है , क्योंकि जल्द ही वो राज्यसभा से भी बाहर होने वाले हैं तो बिना किसी पद के महाराष्ट्र में और NCP में शरद पवार का रूतबा उतना रह पाता है या नहीं, क्या अब चाचा शरद पवार NCP के मुखिया बनकर दोबारा खड़े होंगे और सुनेत्रा पवार को उऩकी जिम्मेदारियां निभाने में मदद करेंगे या फिर पवार परिवार बिखरा ही रहेगा।

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