Rahul Gandhi की विदेश यात्रा TMC –समाजवादी पार्टी भी परेशान
राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर के ना केवल उनकी पार्टी बल्कि उनके सहयोगी दल भी उनकी आलोचना करते रहते हैं। लेकिन अभी जो सबसे महत्वपूर्ण बात है कि पिछले लगभग 13 महीने में राहुल गांधी की तीसरी बार वियतनाम यात्रा कर रहे हैं, पहली बार जब वो वियतनाम में थे तो उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की डेथ हुई थी। उस समय भी इसको लेकर के आलोचना हुई थी कि ऐसा क्या मामला है? क्यों अचानक ऐसी अर्जेंसी थी कि राहुल गांधी सारा काम छोड़ के और जब 10 साल प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह की का अंतिम क्रियाकर्म होना था तो उस समय वो छोड़ के वियतनाम चले गए। उसके कुछ ही दिन बाद मार्च 2025 में फिर वो वियतनाम गए। तब इसको लेकर के बहुत आलोचना हुई कि वहां जॉर्ज सोरस से जुड़े हुए लोग थे। ओपन सोसाइटी से जुड़े हुए लोग थे और उनसे मुलाकात थी और इसी सबको पर चर्चा करने के लिए वहां पर थे और वहां पर उनकी जो स्पीच जो बातचीत हुई थी उसको लेकर के भी बाद में उनकी बहुत आलोचना हुई, अब अभी फिर राहुल गांधी वियतनाम है तो वियतनाम में अब वो क्या अभी उनकी मीटिंग होगी यह तो बाद में पता लगेगा लेकिन उनकी इस तरह की यात्राओं को लेकर के बहुत विवाद होता है और यहां तक कि समाजवादी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और इस तरह के बहुत सारे नेता अब उन पर प्रश्न चिन्ह लगानेलगे हैं कि वो क्यों ज्यादा विदेश में पाए जाते हैं भारत में कम पाए जाते हैं
Tamilnadu नेता पर भद्दे कमेंट क्या चाहते हैं ठाकरे ब्रदर्स

राज ठाकरे का अन्ना मलाई पर जो किया गया कमेंट है वो बहुत खराब टेस्ट में है, वहां चुनाव होने हैं और इस तरह की बात जो है वो बहुत बुरा सा कमेंट था कि लुंगी उठाओ और पुंगी बजाओ। अन्ना मलाई को उन्होंने रस मलाई बोला। अब इस तरह की बातें वो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं और जिस तरह की बातें कर रहे हैं उससे निश्चित तौर पर जो अलायंस हुआ है अभी दोनों भाइयों का उसको कोई पॉलिटिकल फायदा उससे नहीं मिलने जा रहा है। उसका कारण यह है कि इस तरह की भाषा पर आपको कौन वोट देगा और दूसरा यह कि जैसे ही आपने इस तरह की बात की तो वहां पर जो तमिल तमिलनाडु और केरल के लोग हैं लुंगी जिनको आप बोल रहे हैं या और जो साउथ इंडियन स्टेट्स के लोग हैं वो आपसे अलग हो जाएंगे और मुंबई जो हैवो कॉस्मोपॉलिटन सिटी है। वहां पर हर प्रदेश के लोग पाए जाते हैं। तो क्या आप सिर्फ मराठीियों की बदौलत चुनाव जीतने कासपना देख रहे हैं जो संभव नहीं है और जिस तरह की भाषा और जिस तरह की अनसिविलाइज्ड जो बातें होती हैं वो चुनाव के दौरान निकल कर के आती है तो उसका फायदा होने की बजाय नुकसान होने की ज्यादा संभावना है ,जिस तरह की बातें राज ठाकरे कर रहे हैं या बाकी उनके पार्टी के लोग कर रहे हैं वो किसी भी दृष्टि से वो चुनाव में ना फायदा देने वाला है ना ही बाद की राजनीतिक में। और रा ठाकरे और उद्धव ठाकरे अगर चाह रहे हैं कि वो बालासाहब ठाकरे बन जाए तो यह उनके लिए संभव नहीं है। बाला साहब ठाकरे ने जिस तरह की राजनीति की और जिस तरह से वो उनका अपना एक पॉलिटिकल स्टैंड था वो लेते थे। इन दोनों भाइयों का तो कोई स्टैंड ही नहीं है। ये इधर भी है, उधर भी हैं। कहां है यही नहीं पता है।
चाइना के नेताओं से मिलना क्या ट्रंप को MESSAGE दिया जा रहा

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के लोगों का भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर विजिट करना। अब ये भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर विजिट करना ये अपने आप में थोड़ा सा अजूबा है। इन लोगों ने जो वहां के वाइस मिनिस्टर हैं इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी सुन हयान इन्होंने अरुण सिंह जो भारतीय जनता पार्टी के जनरल सेक्रेटरी हैं और डॉक्टर विजय चौथाई वाले जो फॉरेन अफेयर्स डिपार्टमेंट के कन्वीन इंचार्ज हैं उनसे मुलाकात की और कुल मिलाकर के जो है वो पार्टी टू पार्टी को कोलबोरेशन कोऑर्डिनेशन की बात की। अब एक बात जो है वो ये नहीं समझ में आती कि चाइना का और भारतीय जनता पार्टी का क्या कोलैबोरेशन कोऑर्डिनेशन हो सकता है , भारत को ना भाजपा को चाइना में चुनाव लड़ना है ना चाइना को भारत में चुनाव लड़ना है तो सीधे तौर पर जो बात निकल कर के आती है या जो अनुमान लगाया जा सकता है कि यह अमेरिका को मैसेजिंग की कोशिश है। अमेरिका जिस तरह से भारत पे 500% टेरिफ और और बहुत सारी चीजें ऑयल को लेकर के जिस तरह से बात कर रहा है। तो, यह कुछ उसी तरह का मैसेजिंग की कोशिश है जहां पर चाइना के माध्यम से यह अमेरिका को मैसेज देने की कोशिश करेगा कि अगर आप हमारे साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे तो हमारे पास चाइना बगल में है। निश्चित तौर पर चाइना पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। लेकिन चाइना को आगे करके या चाइना का इस्तेमाल करके अमेरिका को मैसेज तो दिया ही जा सकता है। और मुझे लगता है कि भाजपा या जो सरकार है वह इस बहाने वही मैसेज देने की कोशिश कर रही है
