Reiki कैसे पढ़ने वाले बच्चों की मदद कर सकती है

रेकी ना केवल आपका शारीरिक इलाज करती है आपकी बीमारियां दूर करती है और साथ ही रेकी हर जगह आपके काम आती है जहां पर आपको जरूरत होती है जैसे की पढ़ाई में , आपकी नौकरी, व्यापार में आपके रिलेशन में । आपके घर के अंदर कोई भी ब्लॉकेज या किसी भी रूप में हो, रेकी शक्तियां रेकी ऊर्जाएं काम करती हैं। वो कैसे करती है? किस प्रकार करती हैं? यह सब आप यूनिवर्सल ब्रह्मांड में छोड़ दीजिए। बस रखिए पूरी श्रद्धा और विश्वास। आज हम आपको बताने जा रहे हैं अपना एक बहुत अच्छा एक्सपीरियंस जो पढ़ाई वाले बच्चों के साथ जुड़ा हुआ है। हम लोग पढ़ाई की भी रेकी करते हैं। तो यहां पर हम समझा देते हैं बच्चों को, उनके पेरेंट्स को कि हम रेकी कर रहे हैं। इसका ये मतलब ये नहीं कि आपका बच्चा पढ़े नहीं या वह बहुत कमजोर है, अगर वो मन लगाकर पढ़ रहा है, फिर भी नंबर कम आ रहे हैं, कंसंट्रेशन नहीं कर पा रहा तो रेकी सिर्फ यह करेगी कि उसकी कंसंट्रेशन पावर बढ़ाएगी। और उसकी लर्निंग पावर जो हर्डल्स आती है उसको जो याद क्या भूल जाता है उसको ठीक करने में मदद करेगी।
बच्चे की Reiki की और Results देखकर सब हैरान

हम अपने क्लास के एक नाइन क्लास के बच्चे की हीलिंग शुरू कर रहे थे। वो बच्चा 8 वीं तक 70% नंबर लेकर आ रहा था। तो हमने उसके घर वालों को बता दिया था कि अब की बार 75 या 80 के करीब ले आएगा इससे ज्यादा उम्मीद मत करिएगा। आ भी सकते हैं। बच्चे के ऊपर डिपेंड है। हम लोग लगातार उसकी रेकी करते जा रहे थे। धीरे-धीरे उसके घर वाले हमें अपडेट करते जा रहे थे कि हां बच्चा पहले से थोड़ा सिंसियर है। थोड़ा सा मन लगा के पढ़ रहा है। अपना पढ़ाई के बारे में बातें करता है। और एक अच्छी बात हुई , अच्छा अनुभव हुआ, उसको एक ट्यूटर बहुत अच्छा मिल गया। तो यहां मैं बताना चाहूंगी आपको कि रेकी यहां पर वर्क करती है। वो जो ट्यूटर उसको मिला था वो बहुत अच्छी उसकी काउंसलिंग करता था। उसको पढ़ाता था और जिस प्रकार वो बच्चा चाहता था उसी प्रकार वो उसको पढ़ाई में मदद करता था। एग्जाम होते चले गए। बच्चा पढ़ाई करता चला गया। और जब रिजल्ट आया रिजल्ट उन्होंने चेक किया तो बच्चे के 85% नंबर थे। उनको विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा जाके चेक किया कि बच्चे के सच में 85% नंबर आए हैं। उसके बाद उन्होंने मेरे से कांटेक्ट किया और कहा कि मैम ये तो बहुत अच्छा चमत्कार हो गया। बच्चे के 85% नंबर है और टीचर ने हमसे बहुत तारीफ करी।
Reiki कोई चमत्कार नहीं साथ में मेहनत करनी बहुत जरूरी

यहां पर मैं आपको बताना चाहूंगी कि जब हम किसी भी बच्चे की रेकी हीलिंग करते हैं। उसके वन टू वन सेशन लेते हैं। उसकी काउंसलिंग करते हैं तो हम बच्चों को समझा देते हैं। जब भी आप पढ़ने बैठे हो हाथ जोड़ के ईश्वर को याद करो। अपने गुरु को याद करो और मां सरस्वती जो विद्या की देवी है उसको याद करो और उनसे प्रार्थना करो कि आपकी बुद्धि में वास करे। तो बच्चे ने मुझे खुद बताया कि आंटी जब मैं एग्जाम दे रहा था तो एक क्वेश्चन में मैं बहुत कंफ्यूज हो गया था। मुझे उसका मीनिंग समझ में नहीं आ रहा था कि उसका क्या मीनिंग है और मैं क्या आंसर लिखूं उसका? अगर मैं मीनिंग ठीक से पढ़ के समझ के आंसर नहीं देता तो नंबर कम होजाते। मैं सोच ही रहा था एकदम मुझे आपकी बात याद आई। मैंने हाथ में मन में मन जोड़ के हाथ जोड़ के मां सरस्वती को आह्वान किया और प्रार्थना करी कि मां मेरा मार्गदर्शन करो और आप हैरान हो जाओगे जो रूम में टीचर्स होती है जिनकी ड्यूटी लगी होती है चेकिंग करने की वो बच्चे के पास रुकी और उसने पूछा हां बेटा कोई प्रॉब्लम है आपको कोई कंफ्यूजन है तो देखते ही देखते उस बच्चे ने कहा मैम ये हमको क्वेश्चन समझ नहीं आ रहा और उस टीचर ने उस क्वेश्चन को पूरी तरह उसको एक्सप्लेन किया कि उसका मीनिंग क्या है और बच्चे ने उसका बहुत अच्छा आंसर दिया ये आके उसने खुद मुझे मुझे अपने मुंह से बताया। तो रेकी करवाने का मतलब यह नहीं कि बच्चा बिल्कुल पढ़े ना बिल्कुल निठल्ला हो। वो बिल्कुल कम नंबर लाता हो। रेकी हम उन्हीं लोगों की करते हैं जो कैपेबल होते हैं और जो वो आने वाले नंबर्स उसके लायक बन सकते हैं। बस जरूरत है उसके लिए सच्ची श्रद्धा विश्वास की। अपने अंदर जो आपका कॉन्फिडेंस है उसको बढ़ाने की।
