SIR बहुत अच्छा काम देश से भागेंगे घुसपैठिए पर BLO को बलि का बकरा ना बनाएं

SIR यानी गहन मतदाता पुनिरीक्षण का काम , इससे जुड़ी एक बुरी खबर लगातार सामने आ रही है। पिछले काफी समय से देखा जा रहा है कि जो लोग इस ड्यूटी में लगे हुए हैं। जो लोग एसआईआर का काम देश भर में कर रहे हैं उनपर बहुत ज्यादा स्ट्रेस देखने को मिल रहा है।ये हैं बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर। तो सबसे पहले बीएलओ कौन है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बूथ लेवल ऑफिसर की कोई अलग से नियुक्ति नहीं होती है , बूथ लेवल ऑफिसर हमारे स्कूलों के टीचर होते हैं, सरकारी कर्मचारी ,टाइपिस्ट या और किसी काम में लगे हुए सरकारी कर्मचारी हैं। ये उन लोगों की एक्स्ट्रा ड्यूटी लगाई जाती है बीएलओ के लिए। तो ये लोग अपना काम तो करते ही हैं। अपने काम का तो इन पर पूरा दबाव है, उसके साथ-साथ इनको सर्वेक्षण करना पड़ता है। एक बीएलओ जो है, बूथ लेवल ऑफिसर है, उसके जिम्मे में एक बूथ का काम होता है जिसके तहत लगभग 1000 वोटर्स आते हैं। तो जब वोटर लिस्ट बनती है और एसआईआर का काम हो रहा है तो इन लोगों का 1000 घरों में हर वोटर के घर में जा के इनको वेरीफाई करना है कि जो वो वोटर रह रहा है वो देश का नागरिक है। उसके पास सारे दस्तावेज है। कितने समय से रह रहा है। कोई अगर मर गया है तो उसका नाम सूची से हटाना है। कोई गलत तरीके से रह रहा है तो उसके बारे में डिटेलिंग इकट्ठा करनी है। कोई बहुत समय से नहीं रह रहा है। कहीं और रह रहा है। कहीं और वोटर लिस्ट में उसका नाम है उसके बारे में पता करना है। तमाम तरह की सूचनाएं लेनी है। इकट्ठी करनी है। फिर सिस्टम पर जाकर उसको अपलोड करना है। अब कई बार सिस्टम जो है क्रैश हो जाता है। चलता नहीं है। डिजिटल इंडिया है। सब काम ऑनलाइन होता है। सबको पता है कि कंप्यूटरर्स पर बैठते हैं तो क्या-क्या प्रॉब्लम्स आती है। ये प्रॉब्लम्स ये फेस करते हैं। कईं कईं बार रातों को जागना पड़ जाता है क्योंकि प्रेशर इतना ज्यादा होता है कि आपको पूरा डाटा सुबह तक इकठ्ठा करना है। देना जो आप इकट्ठा करके लाए हैं वो आपको भर के देना है। सिस्टम क्रैश हो जाता है। दोबारा से एंट्री होती है। इसलिए BLO बहुत तनाव में रहते हैं।

विपक्षी दल जानबूझकर परेशान कर रहे BLO को

 

BLO की परेशानी का दूसरा कारण यह भी है कि SIR के कारण जो माहौल देश में बना हुआ है। कईं ऐसी पार्टीज बहुत सी ऐसी जो काफी हद तक फर्जी वोटर्स के जो वोट मिलते हैं उस पर उनकी हार या जीत निर्भर करती है या अच्छा परफॉर्मेंस। तो ऐसे में ये पार्टियां इसका विरोध कर रही है। उनके वर्कर्स इसका विरोध कर रहे हैं। तो जब ये बीएलओ अपने काम के लिए वोटर्स के घर जाते हैं तो ये पार्टी नेता, कार्यकर्ता उन्हें परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वो BLO का विरोध करते हैं। कई बार बदतमीजी करते हैं। जानकारी देने से मना कर देते हैं। कई बार इनकी पिटाई भी हो जाती है। हाथापाई भी हो जाती है। तो ये सब चीजें बीएलओ फेस कर रहे हैं। और ऐसे में इन पर काम , तनाव, डर का प्रेशर बना रहता है। इसके अलावा इनकी अपनी बेसिक प्रॉब्लम्स है वो समझने को कोई तैयार नहीं है। जैसा की खबर यह भी आई थी कि एक बीएलओ था। उसकी शादी होने वाली थी। उसको छुट्टी नहीं मिली और उसके चलते उसने स्ट्रेस में सुसाइड कर ली। खबर है। इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस तरह की खबरें आ रही है कि स्ट्रेस बहुत ज़्यादा है। जिससे ये लोग हार्ट अटैक का भी शिकार हो रहे हैं।

प्रशासन का बहुत सख्त और अमानवीय रवैया

फिर दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से BLO पर सख्त तरीका अपनाया जा रहा है, पता चला है कि जो बीएलओ अपना काम नहीं कर पा रहे हैं कईयों के खिलाफ एफआईआर हो गई है। कईयों को सस्पेंड कर दिया गया है। और बदले में क्या मिल रहा है इनको हर साल 12 हजार रूपए मिलते हैं और इस बार sir का काम करने के लिए ₹2000 एक्स्ट्रा दिए जाएंगे।काम का दबाव इतना ज़्यादा फिर सख्ती भी।काम का दबाव होता है। आदमी फिर भी उसको निभा लेता है। दिन रात मेहनत करके काम करके वो काम कर लेता है। लेकिन जब डर और दबाव इन BLO पर बना हुआ है तो ये लोग मौत का शिकार भी हो रहे हैं। sir के लिए अच्छा काम हो रहा है। लेकिन ये जो काम जिस तरीके से हो रहा है जिस तरह से इन लोगों के सर पे डंडा कर दिया गया है वो कहीं ना कहीं चिंता का विषय है। उसमें कहीं ना कहीं मानवीय एंगल आना ही चाहिए। और इस पर अभी जो खबर आई है चुनाव आयोग ने एक हफ्ता की डेट जो है वह बढ़ा दी है। अच्छा कदम है यह और शायद जो फीडबैक उनको मिली होगी उनको लगा होगा कि बहुत जल्दबाजी में हो रहा है। इतना प्रेशर नहीं ले पा रहे हैं उस पर कि जो सख्ती बढ़ती जा रही है वो भी गलत है।

 

Illegal ढंग से रह रहे लोग देशवासियों के लिए बड़ा खतरा

 

SIR का काम, इंडियंस के लिए बहुत अच्छी बात है क्योंकि जो लोग Illegal तरीके से रह रहे देश में रह रहे हैं वो हमारे संसाधनोंका इस्तेमाल करते हैं यही नहीं कई बार बहुत से अपराधों में लिप्त होते हैं गलत कामों में लिप्त होते हैं नौकरी करते हैं वहां पे चोरी चोरी वगैरह भी कर लेते हैं क्योंकि यहां के नागरिक नहीं होते , कई बार भाग भी जाते हैं , दूसरा हमारे बेसिक स्ट्रक्चर पर ये लोग एक्स्ट्रा बोझ हैं, जिसके चलते हम लोगों को प्रॉब्लम हो रही है। तो ऐसे में एसआईआर का काम एक अच्छा काम है। इसकी शुरुआत हुई है। इससे जो Illegal तरीके से लोग रह रहे हैं वो वापस जाएंगे। लेकिन इस काम को करने के लिए जो मापदंड अपनाए जा रहे हैं खासतौर पर बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर को जो तनाव-डर मिल रहा है वो थोड़ा गलत है उसको देखने की सरकार को जरूरत है और ये समझना चाहिए कि अच्छा काम हो रहा है इसको अच्छे तरीके से निपटाया जाए और जो लोग ये काम कर रहे हैं उनका जो मेहनत है उनकी जो स्ट्रेस है उसको देखा जाए मानवीय एंगल को जरूर ध्यान में रखा जाए।

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