T Points पर बने घरों में पाकुआ शीशा कनेर के फूल, पंचमुखी हनुमान करे Negativity दूर

 

T points पर घर बन गए हैं तो नुकसानदायक तो हैं पर यदि बने हुए हैं तो चिंता की बात नहीं क्योंकि वास्तु में सभी की रेमेडीज मौजूद हैं जो नगेटिव एनर्जी को पाजीटिव बनाने का काम करती हैं । सबसे पहले तो यदि घर का इंटरनल वास्तु अच्छा है, बिल्कुल अनुरूप है वास्तु प्रिंसिपल्स के हिसाब से तो ऐसे घरों के टी पॉइंट्स ज्यादा असर नहीं करते हैं क्योंकि इंटरनल वास्तु की एनर्जी बहुत हाई होती है जो सामने के टी पॉइंट्स की एनर्जी से ज्यादा इफेक्ट्स नहीं होने देती है।

Ground Floor पर घर पाकुआ मिरर जरूर लगाएं

ग्राउंड फ्लोर वालों को टी पॉइंट्स के ज्यादा असर होते हैं, यदि पूरा प्लॉट है तो हर फ्लोर पर टी पॉइंट की रेमेडी लगाने की जरूरत है। और वो है एक पाकुआ मिरर जो बहुत ही अच्छा काम करता है, टी पॉइंट्स की रेमेडीज के लिए। वैसे पाकवा मिरर यानी शीशे दो प्रकार के होते हैं कॉन्वेक्स और कॉनकेव आपको लगाना है कॉन्वेक्स मिरर, कॉन्वेक्स वाला जो होता ह वह बड़े को छोटा कर देता है । तो एनर्जी जो नेगेटिव एनर्जी है उसको बहुत छोटा करके आपकी तरफ रिफ्लेक्ट करेगा , पाकुआ मिरर बहुत अच्छा काम करता है टी पॉइंट की रेमेडीज में।वैसे अगर आपको पाकुआ मिरर नहीं मिल पा रहा है या नहीं लगाना चाहते हैं तो आठ कोणों वाला अष्टकोण मिरर आप लगा सकते हैं, पाकुआ के जगह पर वो मिल जाता है

इस दिशा में घर कनेर के फूल और पानी का झरना बहुत फायदेमंद

इसके अलावा कनेर के फूल, कनेर के फूल जो सड़को के डिवाइडर्स पर देखे जा सकते हैं, हैं ,कनेर के फूल नेगेटिव एनर्जी को खत्म करते हैं तो अपने घर के बाहर टी पॉइंट की नगेटिव एनर्जी को खत्म करने के लिए कनेर के फूल दोनों तरफ लगा सकते हैं , चाहे सफेद, गुलाबी या जिस भी रंग में मिल जाएं। दूसरा यदि आपका टी पॉइंट साउथ वॉल साउथ डायरेक्शन से आ रहा है य साउथ वेस्ट डायरेक्शन से आ रहा है तो उस दिशा में हाई वॉल बनाएं एक तो और साउथ की वॉल को भारी रखें । साउथ की एनर्जी को बैलेंस करन के लिए घर के नॉर्थ और नॉर्थ ईस्ट का ज्यादा ध्यान रखें , वहां पर पानी का सामान रख सकते हैं यानी वाटर फीचर को बढ़ाना है इससे एनर्जी काफी हद तक बैलेंस होगी । और लगा सकते हैं लाल कलर का कोन कोई फिगर बना होता है, उसमें सींग से लगे देखे हैं या कोन की शेप में रेड कलर लगा सकते हैं।

दो तलवार घर पर लटका कर रखें देखें असर

साउथ साउथ वेस्ट ,साउथ ईस्ट की एनर्जी पर यदि टी पॉइंट इन डायरेक्शंस में आ रहा है तो पंचमुखी हनुमान जी साउथ वेस्ट में लगा सकते हैं, जो बहुत अच्छा काम करती है , बड़े-बड़े प्लांट्स हैवी प्लांटर्स रख सकते हैं साउथ के अंदर और आपको नॉर्थ और नॉर्थ ईस्ट का ज्यादा ध्यान रखना है जो भी आपके साउथ साउथ वेस्ट के टी पॉइंट्स आ रहे हैं और नॉर्थ वेस्ट के वॉल पर लगा सकते हैं मेटल एलिमेंट । मेटल एलिमेंट में ऐसे तलवार निकली हुई लगा सकते हैं जो बहुत घरों में हमने देखी जाती है , वो वेस्ट नॉर्थ वेस्ट के घरों में टी पॉइंट्स हैं वहां पर लगा सकते हैं

T Points पर बने घर तो घबराना नहीं बस वास्तु अपनाएं

ये कुछ ऐसे रेमेडीज है जो टी पॉइंट्स के नेगेटिव नकारात्मक असर को हमारा कम करते हैं। टी पॉइंट से घबराना नहीं है हां यदि आपको लगता है कि कईं प्रकार के इंसिडेंट्स हो रहे हैं नई समस्याएं आ रही हैं तो आप रेमेडीज लगाएं उसके बाद असेसमेंट करें कि आपको कितना फर्क पड़ा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।