BJP नेता खिलाफ हो रहे अपनी ही सरकार के—भारी पड़ सकता है UGC बिल

लगता है बीजेपी आलाकमान पर UGC के नए नियमों को बनाने का फैसला उनपर ही उल्टा पड़ता जा रहा है, बीजेपी को लगा था कि इसके बहाने SC-ST और OBC के वोटर्स को इक्ठे ही साझ लेंगे लेकिन जहां इस कानून के समर्थन में इन समुदाय के कुछ ही नेता सामने आ रहे हैं पर इसके विरोध में आम जनता से लेकर व्यापारी, वकील और खुद बीजेपी ने नेताओं ने खुलकर मोर्चा खोल लिया है। देशभर से बीजेपी से जुड़े पदाधिकारियों , नेताओं ने इस्तीफे की बौछार शुरू कर दी है और अब बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी यूजीसी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे समाज में भेदभाव बढ़ाने वाला नियम बताया है। कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस बारे में इंस्टाग्राम पर अपना वीडियो भी साझा किया है। उन्होंने कहा कि अगर नए नियम वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन किया जाएगा।जिसमे सिर्फ सवर्ण ही नहीं, ओबीसी, एससीएसटी वर्ग का भी बड़ा वर्ग शामिल होंगा क्योंकि कुछ स्वार्थी नेताओं को छोड़कर देश को बांटने वाला नियम किसी भी समुदाय का वय्कित नहीं चाहता है। इसी बीच यह भी खबर आ रही है कि बीजेपी के एक और विधायक ने ugc के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जी हां हिसुआ से चार बार निर्वाचित बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने अपनी ही सरकार और शिक्षा मंत्रालय को दोषी मानते हुए उनपर भेदभाव को बढ़ाने का आरोप लगा दिया है। वहीं विधायक अनिल सिंह ने भी इस बिल को एकतरफा बताया है, उन्होंने कहा है कि सामान्य वर्ग के बच्चों के खिलाफ भेदभाव या फर्जी शिकायतों पर कोई भी प्रावधान इस बिल में नहीं है इससे पूरी तरह से ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ेगा। वैसे जानकार मानते हैं कि एससीएसटी तक तो ठीक था , पर इस नए नियम में ओबीसी वर्ग को शामिल करने से स्वर्ण भड़क गए हैं और इसकी उम्मीद बीजेपी को कतई नहीं थी।

शरद पवार का एक बयान ममता की हो गई बोलती बंद

 

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अजीत पवार की मौत को एक राजनीतिक मोड़ देने पर तुल गई हैं।ममता खुलकर इस दुर्धटना की जांच सुप्रीम कोर्ट से करवाने की मांग कर रही हैं क्योंकि उनका कहना है कि सभी एजेंसियां बिकी हुई हैं, ममता सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर आरोप का ठीकरा फोड़ रही हैं, पर इन सब के बीच खुद अजीत पवार के चाचा और महाराष्ट्र के कद्दावर नेता शरद पवार के एक बयान ने ममता की बोलती पूरी तरह से बंद कर दी और उन्हें वास्तविकता का आईना दिखा दिया। जी हां शरद पवार ने कहा कि यह विमान हादसा पूरी तरह एक दुर्घटना है और इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश ने ऐसा नेता खो दिा जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। इस बयान के सामने आते ही ममता जी की बोलती बंद हो गई नहीं तो सुबह से ही उनके बयान चर्चा का विषय बने हुए थे जिनमें वो इस दुर्धटना में कोई ना कोई Cosiparancy ढूढने की कोशिश कर रही थी, ममता ने यह तक कह दिया था कि अजीत पवार वापस अपनी पुरानी पार्टी लौट रहे थे, मतलब साफ था ममता इस संदेश के बहाने बीजेपी सरकार को बदनाम करने की पूरी कोशिश में लगी हुई थी पर शरद पवार समझदार निकले और उन्होंने इसका सीधा जवाब दे दिया।

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