By Aarti Jain
प्रदूषित जगह रहने से कैसे खराब हो जाते हैं शनि और राहू
ग्रहों और तत्वों के कॉम्बिनेशन में वायु तत्व किस तरह से आपके जीवन में प्रभाव डालता है यह जानना जरूरी है क्योंकि वायु तत्व का दो प्लनेट से संबंध है। शनि और राहु से, और यदि वायु तत्व ठीक नहीं होगा तो आपकी जिंदगी में दो ग्रह आपको परेशान करेंगे। शनि जो कर्म का देवता है और वायु इसका प्रधान तत्व है। साथ ही साथ राहु भी वायु तत्व को ही डिनोट करता है। शनि एक ठहराव के साथ जिंदगी देता है। वहीं राहु एकदम से कल्पनाओं में पहुंचा देता है। अगर आपका वायु तत्व खराब है और राहु भी आपके जीवन में शुभ प्रभाव नहीं दे रहा है तो आप बहुत ज्यादा कल्पनाशील हो जाएंगे। बहुत ज्यादा ही आपके विचार ऐसे हो जाएंगे कि बस ये तो चुटकियों में काम होजाएगा। ये तो बस यूं ही हो जाता है। ये तो बस ऐसे ही कर लेते हैं। कोई मुश्किल काम नहीं है। और आपके जो हवाई किले हैं वो आप अभी बैठे-बैठे ही प्रेसिडेंट भी बन जाएंगे, मिनिस्टर भी बन जाएंगे, अरबपति भी बन जाएंगे। शेख चिल्ली की तरह बस आप गप्प ही करेंगे। शनि ग्रह जो है वो आपके कर्म का देवता है और कर्म के देवता में अगर वायु तत्व आपका बिगड़ा हुआ है तो शनि ग्रह आपको जोड़ों की बीमारी दे सकता है। आपके शरीर में वात बहुत ज्यादा बढ़ा देता है। आपके शरीर को बिल्कुल पतला दुबला कर देता है। मतलब कि जैसे होता है कि जितना भी खाया पिया है वो आपको लगेगा नहीं और आप एक अजीब से नेचर हो जाएगा खुश्क नेचर हो जाएगा आपके अंदर मतलब आप ना विचारों में ही ना किसी से खुश नहीं रहेंगे दुखी रहेंगे हमेशा हर चीज में दुखी ढूंढेंगे आपके सामने कितनी भी कोई खुशी वाली बात कर दे कितना ही कोई पॉजिटिव कर ले पर आपको हमेशा उसमें कमी ही दिखेगी और आप उसका जो नेगेटिव एस्पेक्ट है वह आप दुनिया को दुनिया को दिखाएंगे हम ये क्या हो गया ऐसे नहीं ये तो ऐसे भी हो सकता है मतलब ये है कि आप खुश रहने की जो आपके अंदर की प्रवृत्ति है वो बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी।
ठीक से सांस नहीं ले पा रहे- डीप ब्रीथिंग नहीं कर पाते ग्रह खराब इशारा समझिए

हम कैसे पता करेंगे कि आपकी जिंदगी में वायु तत्व खराब है त उसमें सबसे पहले आपकी जो सांस लेने की प्रक्रिया है वो ठीक नहीं रहेगी। आप जैसे सांस लेते हैं जल्दी-जल्दी सांस लेंगे। डीप ब्रीथिंग नहीं कर पाएंगे और आपके जो काम में जो एक तेजी होती है वो नहीं रहेगी। आप बहुत स्लो स्लो काम करेंगे। हर काम को डिले करेंगे। जैसे कि आपको किसी ने कहा कि ये काम करना है। अरे ये तो बहुत इजी काम है। हम तो कल ही कर देंगे। कल हो जाएगा। कल हो जाएगा। यह आपके जीवन में वायु तत्व के कारण शनि ग्रह आपका खराब हो रहा है, साथ ही साथ आपके घर में क्योंकि वायु अगर प्रदूषित है, आप प्रदूषण में रहते हैं। धुएं वाली जगह में रहते हैं। जहां पे गंदगी बहुत ज्यादा है। आसपास का एनवायरमेंट अच्छा नहीं है। वायु शुद्ध नहीं है। आपके जो आसपास का एनवायरनमेंट है वो उसमें ऑक्सीजन की कमी है तो उससे भी आपका जो शनि ग्रह है वो वायु तत्व से जुड़कर आपको बुरा प्रभाव देना शुरू कर देता है। अंतर्गत ये देखते हैं कि हम जैसे कि शनि ग्रह और वायु तत्व दोनों का ही एक कॉम्बिनेशन बन जाता है। पर सभी तत्व आपस में जुड़े हुए हैं।
पेड़ पौधों का साथ दूर करता है ग्रहों की मुशिकलें
जैसे अगर आपको वायु तत्व अपने जीवन में ठीक करना है तो आपको बुध ग्रह का साथ लेना पड़ेगा। मतलब पेड़ पौधों के साथ में रहिए। पेड़ पौधों लगाइए। ऑक्सीजन लीजिए। जैसे कि हमारे शास्त्रों में भी लिखा हुआ है कि अगर आप पीपल के पेड़ के नीचे पीपल की परिक्रमा करते हैं तो आपको ऑक्सीजन अपने आप ही मिलेगी। क्योंकि पीपल का पेड़ 24 घंटे ही ऑक्सीजन देता है। तो एक शास्त्रों में हमारे यहां अनजाने में ही उन्होंने हमको साइंटिफ़िक रूप से जुड़ करके बता दिया है कि आप किस तरह से अपने जीवन में एक इन तत्वों को बैलेंस कर सकते हैं। और साथ ही साथ आपके अगर प्रदूषण बहुत ज्यादा है। आपके घर में धुआं बहुत रहता है। आपको सांस लेने की दिक्कत है। तो इससे क्या होगा? शरीर तो आपका खराब खराब होगा ही। साथ में आपको अस्थमा भी हो सकता है क्योंकि अस्थमा हमारे सीधा-सीधा लंग्स से फेफड़ों से संबंध रखता है। अगर आपके फेफड़े ठीक नहीं है उनमें शुद्ध वायु नहीं जाती है तो आपको अस्थमा भी हो जाता है। तो इस तरह से आपने देखा कैसे इन छोटी-छोटी बातों से आपने अपने शनि ग्रह को ठीक कर लिया और कैसे आपने शनि ग्रह को अपने खराब कर लिया।
प्राणायाम करने से कैसे ठीक होता है आपका शनि ग्रह

अगर आपने वायु तत्व को बैलेंस कर लिया और सबसे अच्छा वायु तत्व को बैलेंस करने का तरीका है कि आप प्राणायाम कीजिए। प्राणायाम नहीं करते तो आप सांस लेने का तरीका थोड़ा सा बदल लीजिए। जैसे आप डीप ब्रीथ करिए। दो सेकंड तीन सेकंड जितना रुक सकते हैं रुकिए और फिर उसको धीरे-धीरे एक्सेल करिए। इस तरह से क्या होगा कि आपके शरीर में ऑक्सीजन पूरी जाएगी और जब आप धीरे-धीरे उसको एक्सेल करते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड जो भी आपके टॉक्सिन है वो आपके शरीर से निकलेंगे और इससे आपके अंदर जो चिड़चिड़ापन है जो आपका शरीर एक स्वस्थ नहीं रहता पतला दुबला रहता है। आपका खाना हजम नहीं होता। आपकी स्किन रूखी रूखी रहती है। इन सब में भी आपको फर्क दिखना शुरू हो जाएगा। और यह फर्क एक दिन में नहीं आता है। आपको कम से कम महीने दो महीने लगातार करेंगे तब आपको वो फर्क दिखना शुरू होगा। हां पर एक हफ्ते में आपको अपने चेहरे पे थोड़ी सी रौनक दिखेगी। आपको अपने चलने में जैसे आप बहुत जल्दी थक जाते हैं उसमें आपको फर्क दिखेगा।

