By Aarti Jain

बहुत गर्मी लगती है-बीपी बहुत हाई रहता है – आपके खून में बहुत गर्मी है – समझिए ये दो ग्रह ठीक नहीं

 

हमारे शरीर के पंच तत्व किसी ना किसी ग्रह के साथ जुडे होते हैं, अग्नि तत्व की बात करें तो अग्नि तत्व का अपना ही एक विशेष स्थान है जो कि यह भी दो ग्रहों को डिनोट करता है, वो हैं मंगल और सूर्य , क्योंकि दोनों ही गर्म ग्रह हैं और दोनों का ही प्रभाव हमारे शरीर पर अग्नि तत्व को बढ़ाने के लिए होता है। अगर आपके शरीर में अग्नि तत्व का प्रभाव अच्छा है या बुरा है तो उससे भी आपका सूर्य और मंगल ग्रह खराब और अच्छा हो सकता है। तो हम कैसे पहचाने कि हमारे शरीर में अग्नि तत्व अच्छा है या बुरा है तो उसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। जैसे जैसे अगर आपके शरीर में पित्त एसिडिटी बहुत बनती है। आपको बहुत गर्मी लगती है। आपका बीपी बहुत हाई रहता है। आपके खून में बहुत गर्मी है। आपको बहुत जल्दी गर्मी के कारण गुस्सा आ जाता है। गर्मी के कारण आपको पसीना आ जाता है। तो ये सब दिखाते हैं कि आपके शरीर में अग्नि तत्व की अधिकता है और उसका असर आपके सूर्य और मंगल ग्रह पर भी पड़ रहा है।

 

ठंड ज्यादा लगती है, धूप में रहना बहुत अच्छा लगता, अंधेरे से भागते हो — सावधान ग्रह खराब

वैसे ही अगर आपका बीपी लो रहता है, आपको ठंड ज्यादा लगती है, धूप में रहना बहुत अच्छा लगता है, अंधेरे में आपको खराब लगता है, तो उससे भी आपके जो अग्नि तत्व है, उसका पता चलता है कि सूर्य की रोशनी में आते ही आपका अग्नि तत्व अच्छा होता है और अंधेरे में जाते ही, ठंड में जाते ही आपका अग्नि तत्व खराब
हो जाता है। मतलब शरीर में अग्नि की कमी है।

कैसे Balance करें शरीर में अग्नि तत्व को

 

अब हम देखेंगे कि हम इस अग्नि तत्व को कैसे बैलेंस करें कि जिससे हमारे ग्रह सूर्य और मंगल भी अच्छे हो जाएं। अग्नि तत्व को बैलेंस करने के लिए एक तो हमको अगर अग्नि तत्व बहुत ज्यादा है शरीर में तो हमको इसका कंट्रास्ट जी हां अग्नि को पानी ही शांत करता है। जल तत्व ही शांत शांत करता है। जैसे अगर आपके आग लगती है आपके घर में कहीं पर भी बहुत ज्यादा गर्मी होती है तो आप पानी का सहारा लेते हैं। जब आप बहुत गर्मी में होते हैं तो आप ठंड में बैठते हैं। एसी का सहारा लेते हैं। कूलर का सहारा लेते हैं। वैसे ही हमारा शरीर भी जल का सहारा लेता है और साथ ही साथ मन को भी शांत करना है। जैसे कि अगर आपका आपको बहुत ज्यादा गर्मी लग रही है, बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा है तो हमारी दादी नानी बोलती थी, बड़े-बूढ़े बोलते थे ठंडा ठंड रख। ठंड रख पानी पी ले। अपना पानी उनका मतलब क्या था? उनका मतलब था कि आपके शरीर में जो अग्नि तत्व बड़ा हुआ है, वो थोड़ा सा शांत हो जाए और आपको भी उससे आराम मिलेगा। ऐसे ही अगर आपको ठंड बहुत ज्यादा लगती है, अग्नि तत्व आपका बहुत ज्यादा कमजोर है तो आपको गरमगरम चीजें जैसे तिल है, सर्दियों में आप तिल खाते हैं, अदरक खाते हैं, लौंग खाते हैं, काली मिर्च खाते हैं, गरम मसाले ये सब चीजें खाने से भी आपका अग्नि तत्व बढ़ता है। तो उसकी तासीर से भी आपको अग्नि तत्व बढ़ाने में मदद मिलती है। और वहीं अग्नि तत्व अगर कम अच्छा ज़्यादा है तो आपको आपने देखा होगा कोई एक एक लौंग मुह में रख लेता है उसको छाला हो जाता है। वो कहता है मेरे को लौंग सूट नहीं करती है। काली मिर्च सूट नहीं करती है। मैं खाता हूं मेरी जीभ में जीभ जल जाती है। मुझको परेशानी होती है।

 

लाल मिर्च भी अग्नि तत्व को बढ़ती है

लाल मिर्च भी अग्नि तत्व को ही डिनोट करती है। अगर आप लाल मिर्च बहुत ज्यादा लेते हैं तो आपका अग्नि तत्व इमंबैलेंस होगा। बैलेंस नहीं होगा। तो उससे भी आपके शरीर में अग्नि तत्व बढ़ेगा और आपको परेशानी होगी। और जो आपको सूर्य ग्रह और चंद्र सूर्य ग्रह और मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव मिलने चाहिए वो आपको नहीं मिलते। क्योंकि मंगल ग्रह आपको तेजी देता है। काम करने की क्विकनेस देता है और वही सूर्य ग्रह आपको सफलता देता है। समाज में इज्जत देता है। तो इन सब चीजों का ध्यान रखने से आपका सूर्य ग्रह और मंगल ग्रह अच्छा होगा। बस थोड़ा सा अपने खाने-पीने में, अपने व्यवहार में, अपने जो आपकी दिनचर्या है, डेली रूटीन है, उसमें आपको थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा और उससे आपका अग्नि तत्व बैलेंस होगा और साथ ही साथ आपका सूर्य ग्रह और मंगल ग्रह भी बैलेंस होंगे।

 

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