Story by Arti Jain
सुवह -सुवह कौन सा पांव नीचे रखें कि पूरा दिन बढिया कटे
दैनिक जीवन दिनचर्या में कुछ बातों का ध्यान रखकर अपना जीवन कुछ और भी बेहतर बना सकते हैं। जैसे आपकी शुरुआत दिन की सबसे पहले सुबह सोकर उठने से होती है। जब आप सुबह सो कर उठते हैं तो कई बार आपकी दादी टोक देती है। नानी टोक देती है। दादा टोक देते है। बेटा दाया पैर नीचे रखो पहले। कोई बोलता है बायां पैर नीचे रखो। आप कंफ्यूज हो जाते हो ये क्या बोल रहे हैं? कोई दायां कोई बायां , ये तो सब बेकार की बातें हैं पर ये बेकार की बातें नहीं है। ये हमारे शास्त्रों का एक बहुत बड़ा लॉजिक है। जिसको हम स्वर से पहचानते हैं। जी हां स्वर से। आप जब सुबह उठते हैं तो आप चेक करिए कि आपका कौन सा स्वर चल रहा है। उसके लिए आप अपनी एक नाक को बंद करिए। जिस नाक से आपका स्वर सांस आ रही है, वही सर आपका चल रहा है। जैसे दायी नाक बंद की और बाई नाक से सांस लो अगर वो आराम से आ रही है तो समझ जाओ कि बायं स्वर चल रहा है। और बाई नाक बंद करती हूं। और दाएं नाक से सांस लेने की कोशिश करती हूं तो मेरे को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। तो मतलब मेरा दाया स्वर बंद है। तो इसका मतलब यह हुआ कि हमारा इस टाइम बायां स्वर चल रहा है। तो आपको सुबह उठते ही बाईं करवट से ही आपको उठना है और बाया पहली जमीन पे रख कर पको बिस्तर छोड़ना है। और इस तरह से अगर आप करते हैं, तो आपका दिन की शुरुआत बहुत ही अच्छी होगी। और इसका परिणाम आपको एक हफ्ते के अंदर जरूर मिल जाएगा और इसको जरूर आजमाओं
बायें करवट सोने से क्यों आती है अच्छी नींद

इसी तरह रात को जब आप सोने जाते हैं तो आप बाएं करवट सोइए। बाइंस करवट सोने का मतलब है आपका जो गर्म सांसों का सूर्य नाड़ी है वह आपकी तेज होगी एक्टिव होगी उससे आपका रात भर पाचन ठीक होगा आपको नींद अच्छी आएगी और कोई भी आपकी बीमारी है वो बीमारियां भी धीरे-धीरे करके आपके जीवन से दूर होंगी। बस थोड़ा सा आपको जतन-पतन करना पड़ेगा क्योंकि इससे आपका जीवन बेहतर ही होगा और बेहतर बनेगा। बस आपको थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है
कुंडली Google मैप की तरह जो जीवन की हर रूका वटों के बारे में बताता है
वैसे हर कोई कुंडली के हिसाव से अपना जीवन ठीक करने की कोशिश करता है, पर कुंडली को पढ़ना समझना हर एक आम आदमी के बस में नहीं होता है। उसके लिए आपको बड़े-बड़े लोगों के पास जाना होता है। कई बारी अनजाने में भी कोई आपको मिसगाइड कर देता है। तो आप इन छोटे-छोटे व्यवहारिक चीजों से अपने दिनचर्या को ठीक करके अपने दिन की शुरुआत अच्छी कर सकते हैं और आपको दूसरे पर डिपेंड होने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन हां अगर आपको और भी अच्छा अपना दिन ठीक करना है, अपना जीवन ठीक करना है तो थोड़ा सा कुंडली के बारे में भी आपको ज्ञान होना चाहिए कि कुंडली में कौन सा ग्रह आपको कैसा प्रभाव दे रहा है। कितना प्रभाव दे रहा है क्योंकि कुंडली आपका एक Google मैप है। जैसे Google मैप से आप अपना कहीं अनजान जगह जा करके रास्ता देखते हैं। वहां पे आपका कैसे आपका जाना है? कोई रास्ते में ऑब्सकल तो नहीं है, कोई अड़चन तो नहीं है? जहां पे आप जा रहे हैं, वहां का मौसम कैसा होगा? वहां का रूटीन कैसा होगा? यह सब चीजें देखते हैं तो उन सब चीजों को देख कर के ही आप उस जगह पर अनजान जगह पर जाते हैं। वैसे ही आपकी कुंडली आपकी जो जीवन की सच्चाई है जो जीवन का एक मार्गदर्शन है वो आपकी कुंडली ही आपको देती है और उससे आपको पता चल जाता है कि मुझको अपना जीवन कैसे चलाना है। मेरे जीवन में कैसी अड़चने आएंगी। कब मेरे को अच्छा मेरा अच्छा टाइम आएगा। कब मेरे को मेरा बुरा टाइम आएगा? और अगर आपको ये सब चीजें पहले से ही पता होती हैं तो आप अपने उस अच्छे टाइम को और भी अच्छा कर लेते हैं और बुरे टाइम को अपने कुछ उपायों से कुछ अपनी सोच से व्यवहारिकता से उसको भी बुरे टाइम को भी अच्छा टाइम बना लेते हैं।
