Bihar -अपने नेताओं का घर तुड़वा कर बीजेपी दे रही यह संदेश

बिहार में इस बार गृह मंत्रालय का कार्यभार बीजेपी को मिला है, हमेशा से चली आ रही परंपरा इस बार टूटी है क्योंकि अभी तक बिहार में बीजेपी और JDU के गठबंधन में गृहमंत्रालय JDU के पास ही रहता था, अब जाहिर सी बात है बीजेपी की पूरी कोशिश है कि बिहार में कानून व्यवस्था, अवैध कब्जे या किसी और तरह के अपराध पर पूरा कंट्रोल रखा जाए नहीं तो जनता तो क्या सरकार में उनके अपने सहयोगी JDU के नेता ही कहना शुरू कर देंगे कि बीजेपी गृह मंत्रालय संभालने में फेल हो गई है। बस इसी बात के चलते हाल ही में गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने वो करवा दिया कि बीजेपी नेता भी हैरान -परेशान हो गए, दरअसल सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस पर जबरदस्त डंडा किया हुआ है और इसी के चलते सबसे बड़ी कार्रवाई बालूघाट बांध पर की गई , इस कारवाई में और लोगों के तो मकान गिराए गए पर साथ ही कुछ बीजेपी नेताओं के अवैध मकानों को भी गिरा दिया गया , बस इस के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जनता में अपना विश्वास कायम करने के लिए बीजेपी आलाकमान यह कर रही है और बीजेपी नेताओं को भी गलत काम करने पर सजा मिल रही है, पर मकसद कोई भी रहा हो इससे बिहार की जनता तो खुश है कि गलत काम करने पर बीजेपी के अपने इलाकों के कद्दावर नेताओं को भी छोड़ा नहीं जा रहा है। वैसे आपको बता दें कि इसके लिए सरकार ने दो बार नोटिस जारी किया था पर इसके बावजूद कब्जे नहीं हटाए गए नेताओं को लग रहा होगा कि सरकार अपनी है हमारा कुछ नहीं बिगडेगा और उनकी देखादेखी और लोगों ने भी अपने कब्जे नहीं हटाए। पर पूरा मामला उल्ट पड़ गया

क्या आसाम के मुख्यमंत्री जेल जाने वाले हैं या कुछ और हंगामा होगा


लगता है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ठान ली है कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को आसाम से निकालकर ही दम लेंगे और इसके लिए वो पूरी तरह से तैयार हैं और कह भी रहे हैं कि यदि इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वह घबराते नहीं हैं। अब किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने जेल जाने की बात की है तो उसके पीछे वजह होगी, दरअसल हाल फिलहाल में हिमंता बिस्वा सरमा लगातार एक समुदाय के लोगों को ‘मिया मुस्लिम’ कहकर संबोधित कर रहे थे , अब इस टिप्पणी के खिलाफ कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया कि है हिमंता एक समुदाय विशेष के खिलाफ इस तरह की कई टिप्पणी कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने हिमंता की ‘फ्लड जिहाद’ वाली टिप्पणी का भी जिक्र और याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उनका यह भी बयान है कि एक खास धार्मिक समुदाय के लोगों को वोटर लिस्ट से हटा देना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ असम के सीएम के खिलाफ aimim ने भी हैदराबाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, पार्टी के मुखिया ओवैसी ने यह शिकायत सोशल मीडिया पर भी साझा की है। अब देखना यही है कि हिमंता की एक विशेष समुदाय पर की जाने वाली टिप्पणी उन्हें भारी पड़ती है या फिर वो बांगलादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के अपने अभियान में सफल होते हैं।

 

Rahul gandhi झुके मांगा स्पीकर से समय

राहुल गांधी संसद में अचानक क्या करते हैं, क्या करना चाहते हैं इसको लेकर जनता तो क्या उनकी अपनी पार्टी के लोगों में भी Suspence बना रहता है। लोकसभा में कांग्रेस लगातार हंगामा कर रही है और राहुल गांधी बढ़चढ़कर इसको बढ़ावा दे रहे हैं और इसी कड़ी में एक बार फिर लोकसभा में भी मंगलवार को भी हंगामे की वजह से सदन चला ही नहीं। पर इसके बीच अचानक ही राहुल गांधी ने कुछ और विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर डाली, राहुल के साथ तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, द्रमुक नेता टी. आर. बालू और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी थे , ये मुलाकात कुछ मिनटों की ही थी। पता चला है कि राहुल ने स्पीकर ओम बिरला को उन मुद्दों के बारे में बताया जो वो सदन में उठाना चाहते हैं , राहुल गांधी ने स्पीकर से कहा कि वह आठ कांग्रेस सांसदों के निलंबन का मुद्दा और संसद से जुड़े अन्य विषयों को उठाना चाहते हैं, जिनमें महिला सांसदों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप भी शामिल हैं। अब आश्चर्य इसी बात का है कि एक तरफ राहुल उन प्रमुख नेताओं में से हैं जो संसद चलने नहीं दे रहे और दूसरी तरफ वह सदन में अपनी बात करने के लिए स्पीकर से मिल रहे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी को एक बिना प्रकाशित किताब की चर्चा करने से रोका गया था जिसपर वो भडक गए थे।

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