राहुल और अखिलेश क्या नहीं है स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ

संसद में वो होने जा रहा है जिसके चलते संसद में हंगामा, आपसी मनमुटाव , कडवाहट बढ़ती ही जाएगी , जी हां विपक्षी दलों ने मिलकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर पक्षपात के आरोप लगाते हुए  उनके खिलाफ  अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया।पर पता चला है कि  तृणमूल कांग्रेस को छोड़ कर इंडी  गठबंधन में शामिल सभी दलों ने इस नोटिस पर साइन किए हैं और हैरानी की बात ये है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने भी इस पर साइन नहीं किए हैं जबकि अखिलेश की पत्नी सांसद डिंपल यादव ने इसपर साइन कर दिए हैं, अब  बिरला के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष कईं कारण गिनवा रहा है, पहला वह  सदन में पक्षपात करते हैं,  विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जाता , ओम बिरला पर यह भी आरोप लगा है कि वो विपक्ष के नेता राहुल गांधी को  बोलने का मौका ही नहीं देते और साथ ही हाल ही में आठ विपक्षी सांसदों का गलत ढ़ग से निलंबन किया गया ।  इस अविश्वास प्रस्ताव पर  पार्टियों के करीब 120 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। पर माना यही जा रहा है कि लोकसभा में एनडीए के पास बहुमत  है इसलिए अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा पर इससे संसद में सरकार और विपक्ष की कड़वाहट और बढ़ेगी।  वैसे इससे पहले तीन बार  लोकसभा अध्यक्षों के खिळाफ ये  प्रस्ताव लाया गया था, जिनके नाम हैं जीवी मावलंकर, हुकुम सिंह और बलराम जाखड़  पर मगर तीनों ही बार यह खारिज हो गया था । और चौथी बार भी ऐसा ही होने जा रहा है।