राघव चड्डा अब संभालेंगे Punjab  की गद्दी—सेर को मिल गया सवा सेर

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सांसदों को तोड़ने के बाद अब राघव चढ्डा की नजरें पंजाब पर टिक गई हैं और कहा जा रहा है कि पंजाब के 63 विधायकों  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के संपर्क में हैं, न्यूज जबरदस्त है और केजरीवाल की नींद उड़ी हुई है। सुनने में आ रहा है कि बाकायदा  संजय सिंह को दिल्ली और मनीष सिसोदिया को पंजाब में डैमेज कंट्रोल करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, यह भी पता चला है कि केजरीवाल की तरफ से बाकायदा  सभी विधायकों और बचे हुए सांसदों काे निर्देश दिया गया है कि किसी तरह के फोन आने पर उसे रिकाॅर्ड करें और तुरंत  पार्टी के शीर्ष नेतृत्व काे सूचित करें। आपको बता दें कि मगर बीजेपी जाने के बाद  चड्ढा ने आप विधायकों के संपर्क में होने का बयान दिया जिससे आम आदमी पार्टी तुरंत हरकत मे आ गई क्योंकि वो पुरानी गलती दोबारा नहीं दोहराना चाहती है,  क्योंकि कुछ समय पहले जब  राज्यसभा में उप नेता के पद से हटाए जाने पर चड्ढा ने अपने बयान में आने वाले समय में कुछ बड़ा होने की बात कही थी, तो आप ने इसे   गंभीरता से नहीं लिया और राघव ने बड़ा खेला कर दिया , लेकिन अब जब वो विधायकों की बात कर रहे हैं तो आप को पूरा खतरा है कि कहीं उनकी इकलौती पंजाब सरकार ना ढह जाए, ये खतरा इसलिए भी महसूस किया जा रहा है क्योंकि पंजाब और दिल्ली में ऐसे कई विधायक हैं, जो लंबे समय से असंतुष्ट हैं,  पंजाब में कईं विधायक मंत्री पद न मिलने या किन्ही अन्य कारणों से पार्टी से नाराज बैठे हैं और अपनी नाराजगी जाहिर भी करते रहते हैं  फिर आम आदमी पार्टी उन विधायकों को भी कमजोर कड़ी मानती है जो  जा रहा है जो पहले में कांग्रेस या शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आए थे।इस बीच हरियाणा के पूर्व नेता नवीन जयहिंद ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में पंजाब के लगभग 28 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। यही नहीं ये भी देखने में आ रहा है कि नेताओं से जुड़े कार्यकर्ता भी पाला बदल रहे हैं और आने वाले समय में हजारों कार्कर्ता इधर-उधर जाएंगे भी बदल सकते हैं। यह भी चर्चा है कि  पंजाब से आने वाले अशोक मित्तल और हरभजन सिंह का स्थानीय स्तर पर बड़ा  प्रभाव है, जो क्षेत्रीय विधायकों के साथ साथ हजारों कार्कर्ताओं को आप छुड़वा सकता है। बस इन सब करणों से   केजरीवाल की नींदे तो  गायब  हैं  और जो हुआ है उससे चाहे केजरीवाल तो सकते में होंगे पर उन सबके कलेजे पर ठंड़क पहुचेगी जिन्हें केजरीवाल के कारण आम आदमी पार्टी को छोड़ना पड़ा या उन्हें बेज्जत करके निकाला गया।  बीच बड़ी चर्चा यह भी चल रही है कि राघव चड्डा , केजरीवाल के लिए शेर का सवा शेर साबित हुआ है।

केजरीवाल ने बहुत नेताओं को बेज्जत किया अब उनको सबक मिला

राघव चढ्ढा ने वो कर दिया जिसकी अरविंद केजरीवाल ने कल्पना भी नहीं की थी, और दूसरा जो उनका पुराना रिकार्ड है, उसको लेकर भी शायद केजरीवाल निश्चिंत होंगे की राघव का मान -सम्मान , पावर छीन लो अपने आप पार्टी छोड़ देंगे जैसे और लोगों ने छोड़ी , शुरूआत शाजिया इल्मी से हुई धीरे- धीरे उन्हें साइड करना शुरू किया , और वो कुछ ना कर सकी पार्टी छोड़ने पर मजबूर हुई, फिर बात करें जाने माने नाम प्रशांत भूषण-योगेंद्रव यादव की आम आदमी पार्टी के कर्याकर्ताओं ने जिस तरह से उन दोंनों को बतबेज्तत किया , इशारा तो मुखिया यानी केजरीवाल को ही रहा होगा, और इतने बडे नाम होंने के बावजूद वो कुछ ना कर पाए तो जाहिर सी बात है कि केजरीवाल साहिब का cnfidence और बढ़ा होगा कि कुछ भी कर लूं मेरे agaist कोई जा ही नहीं सकता, फिर तो उन्होंने यानी केजरीवाल साहिब ने खुलकर अपना रंग दिखा दिया उसके बाद स्वाती मालीवाल के साथ जो मारपिटाई हुई वो भी शर्मनाक थी, कपिल मिश्रा बाहर , कुमार विश्वास, आशुतोष , आशीष मिश्रा और जाने कितने नेता शामिल हैं जिल्होंने आप को बनाने में पूरी भूमिका निभाई, अलका लंबा कांग्रेस छोड़कर आई पर जल्द ह पार्टी की असलियत सामने आई तो दोबारा अपने घर यानी कांग्रेस में लौट गई।  पर केजरीवाल से कद उंचा होने लगा तो एक झटके में केजरीवाल ने बाहर का रास्ता दिखा दिया और शायद राधव चढा ने केजरीवाल को वो सबक सिखाया कि पुराने सारे उनके किए गए कांड का उन्हें फल मिल गया ।

UP का सिंघम पहुंचा बंगाल किसका एनकाउंटर होगा

पशिचम बंगाल में चुनाव प्रचार रूका तो वहां एक और खबर ने  राजनीती को गर्म कर दिया है, जी हां यूपी में सिंघम के नाम से चर्चित ips अजय पाल शर्मा की बंगाल चुनाव में जैसे ही  तैनाती की खबर सामने आई विवाद शुरू हो गया है। पशिचम बंगाल में  दूसरे चरण की वोटिंग से पहले चुनाव आयोग की ओर से यह निर्णय लिया गया है,  जिससे जहां पश्चिम बंगाल सरकार परेशान है तो जनता  हैरान ही है , पर इसके पीछे एक बड़ी वजह है कि अजय पाल शर्मा जैसे दबंग पुलिस अधिकारी को यहां लाया गया है, दरअसल दूसरे चरण में जहां जहां  चुनाव होने हैं, वो सब  तृणमूल कांग्रेस के गढ़ माने  जाते हैं। यहां पर वोटरों को प्रभावित करने के साथ हिंसा होने का पूरा खतरा माना जा रहा है इसलिए चुनाव आयोग ने यह बड़ा दांव खेला। माना जाता है कि तेज-तर्रार आईपीएस  अजय पाल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा अधिकारियों में से एक हैं।और उऩका नाम  यूपी के पुलिस महकमे में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में भी लिया जाता है। अपनी फिटनेस, काला चश्मा और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने उन्हें यूपी पुलिस में ‘सिंघम’ की उपाधि दे दी है। अब बंगाल में अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग की ओर से दक्षिण परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर बनाया गया है जो तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो माने जाने वाले सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता है। और  इस बीच आईपीएस अजय पाल शर्मा दक्षिण परगना जिले में घूमते हुए कईं वीडियो भी वायरल हो गए हैं, एक जगह तो वो तृणमूल कांग्रेस नेता और प्रत्याशी जहांगीर खान के वोटरों को धमकाए जाने की रिपोर्ट पर मौके पर भी पहुंच गए और कहते दिख रहे हैं कि  अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी करने की कोशिश की तो हम उसकी अच्छे से खबर लेंगे। वैसे टीएमसी  सवाल खड़ा कर रही है ओर तंज भी कस रही है कि क्या चुनाव आयोग को यह लगता है कि दक्षिण परगना के चुनावों में इतनी ज्यादा अशांति होगी कि वहां एनकाउंटरों की जरूरत पड़ जाएगी।

Congress ने भी खोला आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा

आम आदमी के सात सांसदों को तोड़कर ले जाने वाले  राघव चड्डा के सदमे से आम आदमी नहीं उभरी है कि कांग्रेस ने उसपर जबरदस्त हमला बोल दिया और केजरीवाल पर सीधा आरोप लगाया है कि आप अरबपतियों की पार्टी है, जो पैसों के आधार पर राज्‍यसभा सीटें आवंटित करती है और केजरीवाल ने बीजेपी को मजबूत करने के लिए यह सब कुछ किया है क्योंकि वो शुरू से ही   BJP की ‘Team-B हैं, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अजय माकन ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की ‘बी-टीम यानी केजरीवाल की पार्टी पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस को कमजोर करने के लिए जबरदस्त काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे  इसके संकेत मिले थे कि केजरीवाल की पार्टी ने  भाजपा नेताओं के साथ सेटिंग कर ली है। अजय माकन ने यह भी कहा कि आप ने कभी भी योग्य लोगों को राज्यसभा न भेजकर अमीरों से पैसे लेकर उन्हें  संसद में भेजा है। वैसे आपको बता दें कि अजय माकन शुरू से ही केजरीवाल के खिलाफ ही रहे हैं, जब दिल्ली में आप और कांग्रेस में साथ लड़ने के लिए समझौता हुआ था तो अजय माकन ने इसके खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद की थी पर वो राहुल गांधी का फैसला था इसलिए उनकी नहीं चल सकी, पर अब जब आप के सात सांसद बीजेपी गए हैं, अजय माकन आम आदमी पार्टी के साथ बीजेपी को भी घेर रहे हैं और इसे कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश बता रहे हैं।

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