By Arati Jain

 

जीवन में हमारे दुश्मन ज्यादा बनेंगे शुरू से सावधान रहना पड़ेगा—कुंडली खोलती राज

 

कुंडली का छठा घर थोड़ा सा मुश्किल होता है। थोड़ा सा प्रॉब्लम देता है। क्योंकि इसी से हम लोग रोग, हमारे दुश्मन, हमारा कर्जा इन सब चीजों को पहले देखते हैं। बाद में हम लोग इससे अपने जो पेट एनिमल्स होते हैं उनको भी देखते हैं। आपको कितनी सेवा करनी है दूसरों की वो भी इसी घर से देखा जाता है। तो जो रोग और ब्रेन शत्रु तीन चीजें हैं ये सबके जीवन में परेशानियां देती देने के लिए ही आती हैं। और एक ज्योतिषी के पास एक पंडित के पास वही लोग जाते हैं जिनको इन सब चीजों से प्रॉब्लम होती है। तो, जो हमारा छठा घर है कुंडली का, वह अगर आप किसी पंडित को दिखाते हैं और आपको पता चल जाता है कि इसमें हमारे को कर्जे की प्रॉब्लम है या शत्रु हमारे परेशान करेंगे या फिर हमको कोई बीमारी हो सकती है और वो बीमारी लाइलाज हो सकती है या ठीक होगी ये सब छठे घर से देखा जाता है। अगर पता चल गया कि यह हमारी प्रॉब्लम है। जरूरी नहीं है कि तीनों चीजें ही आपको प्रॉब्लम दे या परेशान करें। इनमें से एक चीज भी आपको प्रॉब्लम दे सकती है। तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि हम अपने व्यवहारिक चीजों से इस चीज को ठीक कर सकते हैं।

 

बीमारी ज्यादा सता सकती है

 

जैसे अब हम बारी-बारी से लेते हैं। जैसे आपको पंडित जी ने बताया कि आपके बच्चे के छठे घर में रोग हैं। मतलब बच्चे को बीमारी होगी। बच्चा स्वस्थ नहीं रहेगा। बच्चे को अगर रोग आ सकता है तो मां-बाप तो परेशान होंगे ही होंगे या अगर आप बड़े हैं तो आप भी परेशान होंगे और उसका निदान करने के लिए आपको पता चल गया कि हमको रोग की रोग कोई आ सकता है और रोग अलग-अलग ग्रहों से अलग-अलग तरह के आते हैं। जैसे किसी को हार्ट की प्रॉब्लम हो सकती है। किसी कोअस्थमा की प्रॉब्लम हो सकती है। किसी को जोड़ों में दर्द की प्रॉब्लम हो सकती है।बहुत सारे प्रॉब्लम्स हैं जो अलग-अलग तरह से अलग-अलग ग्रह बताएंगे आपको। तो वह तो आपको एक पंडित ही बताएगा कि आपको कौन से प्रॉब्लम है, कौन सी बीमारी आपको आ सकती है। तो उस आपको पता चल ही गया कि हमको यह बीमारी आ सकती है। तो आप ध्यान रखिए जैसे अगर बच्चे को अस्थमा होने का पता चल गया है तो शुरू से ही उसकी Care करनी पड़ेगी, अस्थमा एक एलर्जिक बीमारी होती है और बच्चे को किससे एलर्जी रहती है इस बात का ध्यान रखना पडेगा। बचपन से ही बच्चे के लिए थोड़ा खुला वातावरण रखें कि उसका दम ना घुटे। शुद्द पर्यावरण के बीच ज्यादा रखें, धुएं से उसको बचा के रखें और साथ ही साथ खाने में। ठंडी चीजें ना दें उसको। रात के समय ठंडी चीजों का परहेज करें। गर्म चीज जो गर्म तासीर की चीजें हैं उसके भोजन में बढ़ाएं। ऐसे ही हार्ट की प्रॉब्लम है तो अगर पता चल जाता है तो शुरू से ही सावधान हो सकते हो।

कर्ज करेगा परेशान तो ज्यादा खर्चों से बच कर रहिए

 

फिर यदि कुंडली बता रही है कि कर्ज की समस्या रहेगी तो शुरू से ही कर्ज लेने से बचें , अगर लेते भी हैं तो छोटा कर्ज लें। कोशिश करिए अपने जो आपके सीमित साधन है उसी में ही अपनी जिंदगी को बिताने की कोशिश करिए और कर्जे को अवॉइड करिए। क्योंकि आप एक कर्जा लेंगे उसको उतारेंगे। उसके लिए आपको दूसरा कर्जा लेना पड़ेगा। और धीरे-धीरे आप उस कर्जे में दबते चले जाएंगे। तो यह आपको प्रिकॉशन लेनी पड़ेगी कि आप कर्जे को कैसे संभाल के रखें और उससे कैसे बच के रहें।

मीठे बोलने वाले दोस्तों से बचें

अब हम आते हैं शत्रु पे। यह तो आजकल बहुत कॉमन चीज है। किसी की तरक्की को देख के कोई खुश नहीं होता। चाहे वह आपके घर के लोग हो, यार दोस्त हो, पड़ोसी हो, कोई भी हो, आपके से अंदर ही अंदर शत्रुता कर सकता है। और आपको पता लग गया कि हमारी कुंडली में जो छठा घर है, वह शत्रुता के भाव को दिखा रहा है। मतलब शत्रु हमको परेशान कर सकते हैं। अब आपको पता चल गया कि शत्रु आपके हैं और आपको परेशान करेंगे। तो आप जो भी आप अपनी नीति बनाते हैं, जो भी आपकी अपनी एक गुप्त चीजें हैं, गुप्त बातें हैं, वो सबके साथ शेयर मत करें। हर एक को अपना दोस्त मतमाने और सबसे ज्यादा जो बहुत मीठा बोलता है आपसे बहुत अपनापन दिखाता है उससे आपको बच करके रहना ही पड़ेगा क्योंकि मीठी छुर हमेशा नुकसान करती ही करती है क्योंकि आपके कुंडली में छठे घर से शत्रुता का भाव स्पष्ट है। क्लियर है तो आपको इस चीज का ध्यान रखना ही पड़ेगा।

पालतू जानवर पालने से भी Negative Energy दूर भागती है

 

अपने घर को ठीक करने के लिए पालतू जानवर पाल सकते हैं, कुत्ते को पालिए, बिल्ली को पालिए क्योंकि जो कुत्ता और बिल्ली है वो आपकी नेगेटिविटी को अपने ऊपर ले लेते हैं। सबसे ज्यादा कुत्ता। कुत्ता एक वफादार जानवर होता है जो आपकी जो भी नेगेटिविटी है वह महसूस करके आपके ऊपर से अपने ऊपर ले लेगा , उसके साथ बच्चे के अंदर एक सेवा भाव की भावना को रखना है कि वह दूसरों की सेवा करने से एक खुशी महसूस करें। जैसे आपके जो सर्वेंट होते हैं उनसे वह व्यवहार अच्छा रखें। अपना काम खुद करने की आदत डालें। दूसरे पे डिपेंडेंसी कम रखें और जो भी आपके में घर में बड़े बुजुर्ग हैं उनकी सेवा करने की कोशिश करें। उनको मान दें, सम्मान दें। आगेआगे धीरे-धीरे करके इस तरह से आप अपने छठे घर को ठीक कर लेंगे और आपका जीवन खुशहाल और व्यवस्थित बन जाएगा।

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