Reiki की मदद से सांस लेने की सही क्रिया कीजिए और दिखिए चमत्कार
रेकी के साथ अगर पंच तत्वों की शक्तियों को जोड़ दें तो बहुत फायदा होता है अब तब आपको हमारे लेख में भा के बारे में बताया है। गा के बारे में बताया है क्योंकि पंच तत्व की शक्तियों को मिलाकर भगवान बना है और इसी भगवान की शक्तियां मिलके आपका उपचार करती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं तीसरा इसका तंत्र वो है वायु — हवा और ये हमारा मेन ऊर्जा सूत्र है। यही हवा जो हमारे अंदर जाती है। हमारे सांसों के रास्ते अंदर जाती है। हमारे प्राण प्राण ऊर्जा देती है और हम उससे अपना जीवन अर्पण करते हैं। रेकी की शक्तियों को अगर इसी ऊर्जा के साथ आप मिला देंगे तो आप सोच नहीं सकते आपको कितने फायदे होंगे।
सांस वहीं जाकर गिरती है जहां पर रोग होता है
वैसे हम में से कम ही लोग ये जानते हैं कि सांस लेने की क्रिया है वो सब लोग नहीं जानते। सांस कैसे लिया जाता है और सांस को कैसे अपने अंदर रोक के अपने शरीर के अंदर रोगों से लड़ने शक्ति बढ़ाई जाती है। जैसा कि जानते हैं हर सांस के साथ हमारे अंदर सांस जाती है। हवा जाती है जो हमारे पूरे शरीर को ऑक्सीजन हवा देती है। लेकिन रेकी चैनल वाले हम जानते हैं कि हम कैसे सांस का उपयोग करें और कैसे इसको ऊर्जा केंद्र बनाएं और अपने रोगों को निरोगी बनाने के लिए बहुत जल्दी तैयार करें। साथियों हमारे शरीर में जो भी प्राण ऊर्जा होती है वह लीक होती रहती है। हमारे निकास केंद्रों के द्वारा हम रेकी चैनल में बताते हैं कि इस निकास केंद्र को अगर रोक लेंगे और सांस लेंगे तो यही सांस आपके पास हजारों गुना शक्तियों के साथ आपके शरीर के अंदर घूमती हुई जाएगी और ठीक आपके उसी स्थान पर जाएगी जहां पे आपको रोग दोष है। ये प्राण ऊर्जा लेने के बहुत अच्छे तरीके हैं। सांस लेने के साथ हम अपने जो भी इसके लीकेज के एरिया होते हैं वो रोक लेते हैं और अंदर अंदर काउंटिंग करते हैं। उस सांस को रोकते हैं। उसी स्थान पर जाके गिरता देखते हैं और हम देखते हैं कि वो रोग हमारा बहुत जल्दी ठीक हो जाता है। तो साथियों इन पांच तत्व की शक्तियों को मिलाने के बाद देह की ऊर्जा ना केवल आपके जीवन की सारी समस्या दूर करती है। आपको इतना पॉजिटिव बना देती है क्योंकि जीवन में हर पल समस्या आती ही रहती है। आप उन समस्याओं को लड़ने के लिए बिल्कुल पॉजिटिव दिमाग को तैयार कर लेंगे। जब पांच तत्व इकट्ठे हो जाते हैं। कैसे संजीवनी बूटी वाली ऊर्जा जैसा कि हम जानते हैं संजीवनी बूटी जिसे हनुमान जी लक्ष्मण जी को जीवित करने के लिए लाए थे। वही संजीवनी बूटी की कल्पना हम करते हैं। जब ये पांच तत्व की शक्तियां हमारे अंदर आती चली जाती है।
