नक्षत्र का प्रभाव चल रहा तो पूर्वोजो को याद करने से मिलेगी शांती भी सफलता भी 

नक्षत्रों को जानने की कड़ी में , आपको मघा नक्षत्र के बारे में बताते हैं,यह नक्षत्रों की श्रंखला में 10वें नंबर पर आता है। और अगर इसका प्रभाव आपके ऊपर या आपके आपके जीवन में जो भी आपके साथ हैं उनके ऊपर इसका प्रभाव का कैसा है तो इसके लिए आपको इसकी विशेषताएं और गुण को आपको पता होना चाहिए। साथ हीइसकी जो कमजोरियां हैं वह भी पता होनी चाहिए। जिससे आप इस नक्षत्र को पहचान कर अपने और अपने आसपास के लोगों को फायदा द सकते हैं। तो सबसे पहले हम इसकी विशेषताएं देखते हैं। यह नक्षत्र जो है बहुत ही तेजनक्षत्र है। इस नक्षत्र में का प्रभाव अगर आपके ऊपर बहुत ज्यादा है तो आप बहुत तेज होंगे, साहसी होंगे। आप में काम करने कीइच्छा बहुत ज्यादा होगी। पर कभी-कभी आप आलसी भी हो जाते हैं। आपके ऊपर आपके पूर्वजों का प्रभाव बहुत ज्यादा होगा। मतलब आपके ऊपर आपके पूर्वजों की कृपा है। अगर आप अपने जीवन में कुछ अच्छा चाहते हैं या कुछ बनना चाहते हैं तो आपको अपने पूर्वजों का ध्यान रखना पड़ेगा और उनकी सहायता से आप अपने अपना अच्छा जीवन बना सकते हैं।

एक चूहा की तरह अपने बचाव के लिए कईं रास्ते बनाने की क्षमता

साथ ही साथ यह अपना रास्ता बनाने में बहुत माहिर होते हैं। मतलब अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो यह दूसरा रास्ता तुरंत निकाल लेते हैं। क्विक जैसे एक चूहा करता है। अपना बिल बनाता है। जैसे ही सांप उसके अंदर आता है वो तुरंत दूसरा रास्ता निकाल करके उसमें से निकल जाता है। वैसे ही इस नक्षत्र का प्रभाव अगर आपके ऊपर ज्यादा है तो आप में यह गुण बहुत अच्छा होगा कि आप अपना रास्ता तुरंत बदल लेते हैं। साथ ही साथ अगर आपने कुछ गलती करी है और उसका आपको पता चल गया कि आपने गलती करी है तो आप तुरंत उसको मान भी लेते हैं और दूसरे आदमी से उसके लिए क्षमा भी मांग लेते हैं।

नक्षत्र का प्रभाव क्रोधी-तुनकमिजाज बना सकता

पर ये लोग अपने को सर्वोपरि मानते हैं। मतलब घर में अगर छोटे भी हैं तब भी ये अपने को बड़ा मानते हैं और सोचते हैं सब कुछ मेरे घर में मेरे हिसाब से ही चले। तो यह तो हो गए हमारे कुछ विशेषताएं जो कि अच्छाई भी हो सकती हैं और बुराई भी हो सकती हैं। अब हम इसके थोड़े से जो इसमें थोड़े से जिसके इसका असर बुरा आता है तो उसके बारे में हम पता करते हैं। तो यह लोग बहुत क्रोधी होते हैं। अगर इनको गुस्सा आ जाए तो अपने गुस्से पे यह काबू नहीं कर पाते और गुस्से में यह कुछ भी कर की इनकी प्रवृत्ति होती है। तो इसके लिए इनको थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। साथ ही साथ ओम अगर कोई इनकी बात नहीं मान रहा तो ये थोड़े से तुनकमिनाज भी हो जाते हैं और अपने आगे किसी को कुछ समझते नहीं। अगर यह बहस करने पे आ जाए तो बहस से इनसे जीतना मुश्किल है। तो आपको ध्यान रखना पड़ेगा कि अगर आप को क्रोध आता है बहुत अगर आप तुनकमिजी करते हैं या आप किसी से भी बहस करने लग जाते हैं तो आपको थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। यह तो हो गई इसकी अच्छाई और थोड़ी सी कमियां।

 बरगद के पेड़ लगगकर उसकी सेवा करना रहेगा फायदेमंद

अगर आपके जीवन में इसका प्रभाव ज्यादा है तो आप कैसे देखेंगे कि आपके जीवन पर इसका प्रभाव अच्छा हो जाए अगर थोड़ा सा खराब है तो तो उसके लिए आपको बरगद के पेड़ की सेवा करनी पड़ेगी। चाहे तो आप बरगद का पेड़ लगा सकते हैं। कहीं पर भी लगाइए। उसकी सेवा करिए। उसको जल दीजिए। इससे आपके जीवन में शुभ प्रभाव आना शुरू हो जाएगा। साथ ही साथ अपने पूर्वजों को याद रखिए। अपने पूर्वजों के नाम पर कुछ भी दान कुछ भी आप करते रहिए जिससे आपको उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा क्योंकि इस नक्षत्र पर पूर्वजों का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है और वह तुरंत अपना आशीर्वाद आपको देते हैं साथ ही साथ अगर आप बहुत मूफट हैं जो मुंह में आता है वह बोल देते हैं तो उसके लिए आपको थोड़ा सा अपनी वाणी पर कंट्रोल करना पड़ेगा और कंट्रोल करने के साथ-साथ ध्यान रखना पड़ेगा कि मैं किसके सामने क्या बोल रहा हूं, कैसे बोल रहा हूं। और हां, मंत्र को तो हम याद रखेंगे ही रखेंगे। इसका मंत्र है ओम घम। ओम घम। जब भी आपको कुछ परेशानी लगे, आपका मन अशांत हो या आप में बहस करने की प्रवृत्ति बहुत ज्यादा आए या आप बहुत क्रोध कर रहे हो तो आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।