Up में मायावती खेल रही अजब खेल – कौन से दल को मिलेगा इसका फायदा
एक तरफ मायावती यूपी में अपने दम पर चुनाव लड़ने के लगातार दावे कर रही है पर दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के नेताओं पर उसका भरोसा नहीं रहा है और वो उऩ्हें निकालने पर ही लगी हुई है, अब अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ मायावती का अजीब ही लुकाछुपी का खेलचल रहा है, कभी उनको निकाल देती हैं कभी वापस बुलाकर पूरी गद्दी सौंपने की बात करती हैं और अब चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आकाश आनंद जिन्होंने यूपी में जमकर बहुजन समाजवादी पार्टी का चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था, शायद मायावती उन्हें एक बार फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देंगी, ये चर्चाएं इसलिए चल निकली हैं क्योंकि आकाश आनंद ने अपना बायो एक बार फिर बदलकर BSP सपोर्टर लिख लिया है, आपको बता दें कि इससे पहले दो साल से ज्यादा समय में मायावती आकाश आनंद को लेकर 6 बार अपने फैसले बदल चुकी हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद से उत्तराधिकारी का ओहदा छीना था, फिर आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया गया था। फिर आकश आनंद ने माफी मांगी तो उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया, फिर उन्हें चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर भी बना दिया गया, लेकिन कुछ समय पहले ही आकाश आनंद पर मायावती की गाज एक बार फिर गिरी और मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को राजनीति के लिए अपरिपक्व करार देकर उनसे चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर का पद छीन लिया, और अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि एक बार फिर आकाश को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है क्योंकि आकाश आनंद ने एक बार फिर अपने X अकाउंट पर बायो बदलकर BSP सपोर्टर लिख लिया है। यह भी माना जा रहा है कि इसके पीछे आकाश आनंद के ससुर पर मायावती का गुस्सा है , अनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को कुछ दिन पहले ही दोबारा पार्टी से निकाला जा चुका है, और मायावती ने साफ कहा है कि अब अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।
Tamilnadu -क्या विजय थलपति को मिल सकती बड़ी चुनौती
तमिलनाडु में विजय थलपति की जीत ने वहां के सभी कद्दावर नेताओं के सपनों पर पानी फेर दिया और तमिलनाडू में बरसों से छाई द्रविड राजनीती का भी सफाया कर दिया पर आजकल तमिलनाडू में एक दूसरी ही राजनीती तेजी से बढ़ रही है और ये राजनीति चल रही है कभी एक समय में बीजेपी के पोस्टर ब्वॉय रहे और former ips officer अन्नामलाई और थलपति विजय के बीच, हाल ही में अन्नामलाई के एक बयान से यह साफ हो गया कि अन्नामलाई जिन्होंने बीजेपी छोड़कर वी द लीडर्स नाम की संस्था बनाई है वो अब खुलकर तमिलनाडू सरकार यानी विजय थलपति को सीधी टक्कर देने की रणनीती बनाने में जुट गए हैं। अन्नामलाई कह रहे हैं कि तमिलनाडु ने 1967 में बड़ा बदलाव देखा, फिर 2026 में बदलाव हुआ लेकिन अब एक बार फिर 2031 में एक बहुत अच्छा परिवर्तन होने वाला है। मतलब साफ है कि अन्नामलाई अगले चुनावों में तमिलनाडू की गद्दी पर बैठने की तैयारी में जुटे हैं। थलपति विजय की करिश्माई जीत पर अन्नामलाई का ये अपने अंदाज में तंज भी था जिसमें उन्होंने कहा कि एक बार फिर 2031 में तमिलनाडु नए राजनैतिक बदलाव का हिस्सा बनेगी , आपको बता दें कि 1967 के बाद से किसी भी राष्ट्रीय पार्टी ने तमिलनाडु में अकेले सरकार नहीं बनाई है, हमेशा उसे क्षेत्रीय दल का सहारा लेना पड़ा, पर 2026 में द्रविड़ पॉलिटिक्स को झटका लगा और एक सिनेमा के सुपरस्टार ने सीएम की कुर्सी हासिल की।
