कैसे पता करें – किस दिन करें पितृों के लिए पूजा-पाठ दान
पितृ पक्ष के बारे मे आपको हम एक नई जानकारी दे रहे हैं। जिन लोगों को पितरों के दिन का पता नहीं होता, तिथि नहीं पता होती कि किन दिन उनके पूर्वज गए हैं तो वो सब लोग अमावस के दिन जो पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है उस दिन आप पूजा -पाठ दान कर सकते हैं। अगर आप मंदिर जाते तो बहुत अच्छी बात है। अगर आप मंदिर नहीं जा पाते तो आप सूरज को सूर्य को जो हमारा पूरी सृष्टि को चलाता है उसकी प्रकाश की किरणें हर जगह जाती है। हर जगह वो पहुंच पाता है। वो हमारे पितरों तक भी हमारा संदेश पहुंचा देगा। आप अमावस वाले दिन सुबह उठिए नहा धो के तैयार हो जाइए। उसके बाद जो भी आपके घर में बनता है और सफेद चीज सफेद चीज से पित बहुत खुश होते हैं। खीर ले सकते हैं। कोई सफेद मिठाई ले सकते हैं। हाथ जोड़ के सूर्य देव को नमस्कार करके आपने मन ही मन प्रार्थना करनी है कि वो यह जो भोज आप उनको दे रहे हैं पितरों को वो सूरज की किरणें जो तरंगे हैं उन तक पहुंचा दें। आपको किसी भी पंडित के पास जाने की जरूरत नहीं है।
पितृों को याद करिए घर की सारी समस्याएं-रूकावटें दूर होंगी
अगर रेकी चैनल में हैं तो हम सभी के पास एक कनेक्शन सिंबल होता है। उसी सिंबल प्रतीक चिन्ह से सूर्य को कनेक्ट करके आप यह विधि कर सकते हैं और उसके बाद आप देखेंगे आने वाले समय में जो आपका नया साल है वह कितना अच्छा और खुशी से निकलेगा।
वैसे आपको बता दें कि पितरों को याद करने से घर में कोई प्रॉब्लम है वो दूर होती ,घर में जो भी रुकावटें हैं बाधाएं हैं वो धीरे-धीरे समाप्त होती जाती हैं । तो जो लोग पितरों को नहीं मानते श्राद्धों को नहीं मानते इस अमावस में श्राद्धों में अवश्य वो दान करें और उसके बाद देख उनके घर में कितनी खुशहाली आती है और उनके घर में जो भी दिक्कत है बीमारी है वो समाप्त हो जाती है।
