Reiki  के जरिए श्रादों में अपने पितृों को याद कीजिए —संबंध स्थापित कीजिए 

हमारे पितृ पक्ष के दिनों  आने वाले हैं मतलब श्राद्धों वाले दिन,  रेकी चैनल वाले अपने पितरों से संबंध  स्थापित कर सकते हैं  , घर में बैठे देख सकेंगे उनको ना कहीं पंडित के पास जाने की जरूरत है ना किसी मंदिर में जाने की जरूरत है अगर आप रेखी जानते हैं तो रेकी में एक ऐसी प्रतीक चिन्ह है जिससे आप कहीं भी कनेक्शन कर सकते हैं और उससे हम अपने पितरों से भी कनेक्ट कर सकते हैं।  यह प्रतीक चिन्ह डालकर ही, आंखें बंद करके कल्पना करेंगे और देखेंगे आपके पितृ आपके सामने हैं। वो इमेजिनेशन सबकी अलग-अलग होती है। कई लोगों को छोटे-छोटे बबल्स के रूप में नजर आते हैं। कई लोगों को छोटे-छोटे प्रकाश के रूप में नजर आते हैं और कई लोगों को तो साक्षात नजर आ जाते हैं। तो साथियों इन श्राद्धों के दिनों में तैयार हो जाइए रेकी चैनल वाले। 

Reiki नहीं जानते तब भी कैसे लें पूर्वजों का आशीर्वाद 

अगर आप रेकी नहीं जानते फिर भी अगर पूरे श्रद्धा विश्वास से दिल से आत्मा से आप अपने पितरों को याद करेंगे और उनके निमित्त जो भी आपको देना है दान दक्षिणा जिस भी रूप से अपनी सामर्थ अनुसार क्योंकि हमारे पितृ कभी नहीं कहते कि हमें ये चाहिए वो चाहिए वो सिर्फ चाहते हैं कि आप उनको याद करें। इसी याद के बहाने आप उनको जो भी देंगे इन पितों दिनों में पितृ पक्ष के दिनों में वो चीज उनके पास ऑटोमेटिक पहुंच जाएगी। जैसा कि हमारे वेदों पुराणों में लिखा है और हमारे पुराणों में अगर आप देख तो मां सीता ने भी अपने ससुर दशरथ जी का श्राद किया था और दर्शरथ  जी ने साक्षात उनको अपने दर्शन दिए थे।

घर की साफ-सफाई जरूर शुरू करें 

श्राद शुरू होते हैं घर की पूरी तरह सफाई कर लीजिए। घर के कोने कोने को एक एक बिल्कुल साफ करके वहां पे थोड़ा नमक डाल दीजिए। उसके बाद जब वो नमक उठाएंगे तो कल्पना करेंगे नमक से सारी घर की नकारात्मक ऊर्जाएं हट चुकी है। उसके बाद आंखें बंद करके जो भी आपके सामर्थ है घर में पितरों का चाहे ₹1 का चाहे ₹100 का वो सामग्री लेके आप अपने पितरों को याद करेंगे और उन्हें कल्पना में देखेंगे कि आपके पितरों ने आपकी दी हुई सामग्री को ले लिया है। उसे एक्सेप्ट कर लिया है और वो ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति बहुत खुश होकर मुक्त हो चुकी।