Bihar—-नीतीश का बड़ा राजनीतिक दांव-तेजस्वी हुए चित

राजनीती में हर दल कुछ ना कुछ ऐसा दांव खेलना चाहता है कि विपक्ष एक झटके में धाराशायी हो जाए, यह मौके कम ही मिलते हैं और जब मिलते हैं तो कोई भी पार्टी इसका फायदा उठाने में पीछे नहीं रहती. बिहार में जल्द चुनाव होने वाले हैं और इस तरह की पैंतरेबाजी आजकल वहीं दिखने को मिल रही है। बिहार में नीतीश की सरकार को सबसे ज्यादा खतरा rjd यानी लालू की पार्टी से है और ऐसे में उनके चुनावी वादों की काट करना नितीश के लिए बहुत जरूरी भी हो जाता है , अभी हाल ही में rjd ने बिहार में बेरोजगार युवक-युवतियों को लुभाने के लिए घोषणा की थी कि सत्ता में आते ही उनकी सरकार में 100% डोमिसाइल नियम लागू कर देगी। आपको बता दें कि इसके तहत राज्य सरकारों को अपने लोगों के लिए सरकारी नौकरियों या शिक्षण संस्थानों में सीटों का एक हिस्सा आरक्षित रखना होता है, मतलब स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना। बिहार में छात्र संगठन इसकी लंबे समय से मांग कर रहें हैं। अब rjd की इस घोषणा से नीतश खेमे में खलबली मची हुई थी जो भी हो युवा वोटर्स के वोट का सवाल है तो बस बिहार सरकार ने भी राज्य में होने वाली भर्तियों में डोमिसाइल नीति को लागू करने का फैसला लेकर लालू खेमे को हैरान-परेशान कर दिया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बारें में सूचना दी है। इसके बाद से ही बिहार के गलियारों में चर्चा चल निकली है कि नीतीश के यह वार चुनावी वार है और इससे rjd की नैया पार लगाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे तेजस्वी को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि यह घोषणा नीतीश यानी jdu के लिए चुनावों में ज्यादा से ज्यादा सीट पाने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Rashid Alvi ——कांग्रेस को BJP-RSS जैसी मेहनत करनी पड़ेगी

कांग्रेस के एक समय में कद्दावर नेता राशिद अल्वी ने एक भेंट में eyeof truth channel से जो कहा, चौकाने वाला था, रशीद जी ने कहा कि मैं बहुत बार ये बात कह चुका हूं और मैं बिना तक्रुफ की ये बात कहने के लिए तैयार हूं कि कांग्रेस के अंदर हमें सबको इतनी ही मेहनत करने की जरूरत है जितनी बीजेपी और आरएसएस करती है, हम आरएसएस और बीजेपी की आईडियोलॉजी और सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है लेकिन हम इस बात को अप्रिशिएट करते हैं कि उनके बड़े से बड़ा नेता 24 घंटे अपनी पार्टी के लिए मेहनत करता है। ऐसा कहने पर कांग्रेस नाराज होगी , तो इस प्रश्न पर भी राशिद जी ने बड़ी बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि सत्ता के लिए दिन रात मेहनत करने पर इनकी प्रशंसा की है और कांग्रेस भी अगर अपनी आईडियोलॉजी पर रहकर मेहनत करती है, तो मुझे नहीं लगता है कि इस बात से कोई नाराज होगा। कांग्रेस पार्टी के हित के बात में कहा है कि हमें दिन रात मेहनत करनी पड़ेगी और जब तक हम मेहनत नहीं करेंगे हमारे लिए मुश्किल होगा bjp का मुकाबला करना।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।