शरीर का सातवां चक्र -Reiki के साथ Active करें फिर देखें चमत्कार
अगर रेकी के साथ-साथ आप अपने सातों चक्रों को हील करेंगे उनके अंगों के रंग, अंगों की ऊर्जा के साथ और उनके बीज मंत्र के साथ तो आपके शरीर में बहुत शक्तियां बढ़गी और आपके शरीर में रोगों से लड़ने की शक्तियां बढ़ती चली जाएंगी। हमारे सात विशेष चक्र है हमारा क्राउन चक्र हमारा आज्ञा चक्र हमारा विशुद्ध चक्र हमारा हृदय चक्र हमारा मणिपुर चक्र हमारा स्वाधिष्ठानक और लास्ट हमारा रूट चक्र जो हमारी दोनों जांघों के बीच में स्थित होता है। ये हमारा सातवां चक्र है साथियों और सबसे शरीर में सातों चक्रों में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसी चक्र का होता है। इस चक्र का तत्व है अग्नि, आग, ज्वाला। और इसका जो साइन है वह डर है, भय है। जो भय पैदा होता है, डर होता है, हमारे अंदर कॉन्फिडेंस की कमी होती है, वो इसी के वीक होने से होती है। अगर आपका चक्र वीक होता है, तो आपको फ्यूचर की बहुत चिंता रहेगी। आप अपने कंसंट्रेशन पावर को बढ़ा नहीं पाएंगे। आपका कॉन्फिडेंस लेवल बहुत कम हो जाएगा।
अंदर का डर, भय है, भविष्य के प्रति चिंता धीरे धीरे-धीरे समाप्त होती है
लेकिन इस चक्र को हील करने से इसके बीज मंत्र के साथ इसके रंग की एनर्जी के साथ लाल रंग के साथ अगर साथ में इसमे आप रेखी की ऊर्जा को मिक्स कर देंगे उनके प्रतीक चिन्ह के साथ तो यह और हजार गुना शक्तियों के साथ आपके शरीर के अंदर आएगा और आपके अंदर जो डर है, भय है, भविष्य के प्रति जो चिंता है वो धीरे धीरे-धीरे समाप्त होती चली जाएंगी। तो साथियों यह चक्र हमारे सातों चक्रों में सबसे विशेष चक्र है और इस चक्र में ऊर्जा देने से यह बाकी के सारे चक्रों को संतुलित करता है। नीचे से लाल रंग की ऊर्जा एनर्जी लेती है और ऊपर आते हुए हमारे जो बाकी के ऊपर जो चक्र हमारे हैं, धीरे-धीरे उनकी ऊर्जा बढ़ती चली जाती है और हमारे सारे चक्र संतुलित और बैलेंस हो जाते हैं। हम लोग जब किसी भी पेशेंट की हीलिंग करते हैं, तो विशेष हम इस चक्र को हील करते हैं। इस चक्र के हील करते ही हमारे सारे जो चक्र होते हैं ऑटोमेटिक वो हील हो जाते हैं। पावर लेनी शुरू हो जाती है और उनके आसपास जो भी ऊर्जा होती है बढ़ जाती है। उनके आसपास जो भी अंग होते हैं वो धीरे-धीरे ठीक होने शुरू हो जाते हैं।
