ममता दीदी को इस बार अपनों से ही खतरा

पशिचम बंगाल में जल्द चुनाव होने वाले हैं पर माना जा रहा है कि इस बार के चुनाव किसी भी दल के लिए आसान नहीं होंगे , जहां तृणमूल कांग्रेस यानी ममता दीदी के सामने 15 साल से चल रही सरकार को बचाने की चुनौती खड़ी हुई है। वहीं यहां विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी हर हाल में इस बार सत्ता हासिल करना चाहती है इन सब के बीच कांग्रेस और वाम मोर्चा भी चुनाव लड़ने को खड़े हैं पर जहां टीएमसी, कांग्रेस और वाम दल विपक्षी गठबंधन इंडि का हिस्सा हैं, पर बंगाल कांग्रेस और वाम दोनों ही ममता के खिलाफ खडे हैं पर हालात बिल्कुल अच्छी नहीं है ,तीन दशक तक सत्ता में रहे वाम मोर्चे का पिछले चुनाव में खाता भी नहीं खुला था, जबकि कांग्रेस 9 सीटों पर सिमट गई थी। और इन सब के बीच बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाली हुमायूं कबीर से सभी को खतरा पैदा होता दिख रहा है खासतौर पर ममता दीदी को क्योंकि उनका मुस्लिम वोट बैंक हुमायूं कबीर की तरफ खिसकता दिखाई दे रहा है। वैसे अभी तक हुमायूं कबीर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं पर ये राजनीती है और सबको पता है कि किसी भी पार्टी से आया अच्छा आफर कबीर जी तुरंत लपक लेंगे।

एक गांव जहां महिलाओं की डिग्री टंगी घरों के बाहर

देश में एक ऐसा गांव है जहां पर जाकर लगता है कि वास्तव में देश में महिला सशक्तिकरण जोर पकड़ रहा है और हर कोई अपने घर की महिलाओं को आगे बढ़ाने -मान सम्मान दिलाने के लिए कोशिशों में लगा हुआ है, जी हां हरियाणा के अंबाला जिले के खेड़ा गनी गांव में अगर आप जाएंगे तो बहुत ही अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। यहां पर काफी घरों के आगे आपको पुरुषों की बजाय पढ़ी-लिखी बेटियों और बहुओं के नाम और उनकी डिग्रियों की नेम प्लेट लगी हुई दिखाई दे जाएगी। घरों के दरवाजों पर लगी स्टील की नेम प्लेट की चमक इस गांव में बदलाव की कहानी अपने आप बता रही है। इन नेम प्लेट पर किसी खानदान का नाम नहीं, बल्कि गांव की बेटियों की मेहनत और उनके मिलने वाले सम्मान की पहचान है। वैसे इस गांव में लड़कियों के नाम की नेम प्लेट की शुरूआत कोई सरकारी अभियान नहीं है 2oo5 में आयोजित एक महिला ग्राम सभा में इसकी नींव पडी। गांव के सरपंच परवीन धीमान बताते हैं कि ऐसे ही चर्चा के दौरान सोचा गया कि क्यों नहीं गांव की पढ़ी-लिखी बहू-बेटियां की एक लिस्ट तैयार की जाए , बस शुरूआत हुई, पंचायत प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर सारी जानकारी जुटाई। शुरू में 30 पढ़ी-लिखी महिलाओं की नेम प्लेट बनवाई गई और उनके घरों के बाहर लगवा दी गई , यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इस गांव का यह अनूठा कदम पूरे देश के लिए मिसाल बन रहा है।

तेजस्वी जीत का दावा क्या कर चुके बड़ा खेला

बिहार में राज्य सभा चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल मची हुई है , एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमों में नेताओं के बैठकों का दौर जारी है और इन सब के बीच तेजस्वी पूरी तरह एक्शन मूड में है और उनके इस बयान से रणनीतिक खेमें में हलचल है कि महागठबंधन के पास जीतने के लिए संख्या पूरी है, तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में जीत होगी, उम्मीदवार कुछ दिनों में तय कर लिया जाएगा।बस इस बयान के बाद सियासी गलियारों में राज्य सभा चुनाव में खेला पर चर्चा जोर पकड़ रही है , आपको बता दें कि बिहार में पांच सीटों पर चुनाव होना है , जिसमें चार सीटें एनडीए की पक्की हैं पर पांचवी सीट के लिए जहां एनडीए के पास तीन सीट कम हैं वहीं महागठबंधन के पास 6 सीटे कम हैं , और इसी कारण माना जा रहा है कि यहां खेला होने वाला है , अब जब तेजस्वी कह रहे हैं कि वो जीतेंगे तो सवाल यही है कि क्या वो 6 विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए कोई खेला कर चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *