आम जनता के बीच विपक्ष की Credibility क्या हो रही कम
जिस तरह से राहुल गांधी संसद में बिल्कुल Immature नेता की तरह Behave कर रहे हैं और संसद को ना चलने देना का रोजाना कोई ना कोई नया मुद्दा ढूंढ कर ला रहे हैं, उसको लेकर अब जनता में भी खुली बहस छिड़ चुकी है कि क्या वकैया विपक्ष के मुद्दे ऐसे हैं जिससे एक दिन में करोड़ो का खर्च करके चलाए जाने वाली संसद में हंगामा हो, उसे चलने ना दिया जाए, तमाम तरह के वीडियो इस बात को लेकर लगातार वायरल हो रहे हैं और राहुल ही नहीं विपक्ष के और दलों को भी जाने माने राजनीतिज्ञ निशाना बना रहे हैं कि क्या वो भी पूरी तरह से राहुल के पिछ्लगू बनकर संसद को ना चलने में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं, सवाल उठ रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव, केजरीवाल, ममता बनर्जी जैसे कद्दावर नेताओं की पार्टी के नेता संसद में राहुल के ही इशारे पर चलने लगे हैं, उनका अपना कोई मुद्दा नहीं है। जनता के बीत इस तरह की चर्चा होने की वजह भी है क्योंकि वो देख रहे हैं कि किस तरह राहुल गांधी एक के बाद नई ऩई शर्तों के साथ संसद में हंगामा करते हैं, उसे चलने नहीं देते , कांग्रेस वाकआउट करती है तो तमाम और दलों के नेता उसके पीछे सिर छुकाए चल पड़ते हैं, और अभी तक तो संसद ठीक से चल नहीं रही है पर लग रहा है कि आगे भी कुछ ऐसा ही होने वाला है , क्योंकि राहुल गांधी संसद ना चलने देने की अपनी नई रणनीती के लिए तैयार हैं जी हां संसद में लगातार अमित शाह को लाने की बात पर विपक्ष हंगामा कर रहा है और जब अमित शाह ने साफ कर दिया कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नही. वो हर सवाल का जवाब संसद में देंगे पर फैसला विपक्ष को करना है कि उन्हें चर्चा करनी है या चर्चा से बचना है। अब जनता को तय करने दीजिए कि कौन चर्चा से भाग रहा है। विपक्ष की जो शुरुआती मांग थी, सरकार उसे मानने को तैयार है। हम इस पर भी बात करेंगे कि विपक्ष अब तक सदन में चर्चा कराने से क्यों बच रहा था। पर राहुल अपनी आदतों से बाज कहां आने वाले हैं ,उन्होंने अमित शाह के इस बयान पर तंज कस दिया कि हमें अमित शाह यानी गृहमंत्री का लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे सीधे जवाब चाहते हैं। लेकिन चाणक्य तो चाणक्य हैं उन्होंने भी साफ कर दिया कि अब जनता भी देख रही है कि कौन चर्चा करना चाहता है, कौन संसद नहीं चलने दे रहा और कौन संसद चलने के लिए पूरी तरह से कोशिश कर रहा है।
राज्यसभा में भी हंगामा करने की कवायद शुरू
इन सब के बीच चिंता की बात तो ये है कि अभी तक लोकसभा में ही विपक्ष ऐसे मुद्दों, ऐसी बातों को Highlight करके लोकसभा की कारवाई ठप कर रहा है जिसका कोई खास मतलब नहीं है या जिसपर आराम से बैठकर बातचीत हो सकती है , पर अब विपक्ष ने संसद को ना चलने देने की Modes of Operandi राज्य सभा में भी शुरू करने के कवायद कर दी है, जी हां पता चला है कि केरल से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास बहुत ही बीजेपी सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि एक चर्चा के दौरान सुष्मिता देव उनके भाषण के बीच लगातार बोलीऔर उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहकर तक संबोधित कर दिया, बस इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी काफी समय तक स्थगित रही। हालांकि इस मामले को सुलझाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने INTERVEN किया और सभापति से कहा भी कि दोनों पक्षों को सुना जाए और उसके बाद सभापति निर्णय लें। खैर किसी सांसद को इस तरह से संबोधित करना संसद की मर्यादा नहीं है, पर मुद्दा यही है कि अब ये साफ दिखने लगा है कि विपक्ष चाहे किसी भी पार्टी का हो उसने संसद को ना चलने की जैसे कसम सी खा ली है और किसी भी छोटी बडी बात को लेकर या तो वो हंगामा करते हैं या वाकआउट कर लेते हैं।
आम जनता सब देख रही कौन कितने पानी में
पर भला हो सोशल मीडिया का जिसके कारण संसद में चला हंगामा, वाकआउट और तमाम तरह की ड्रामे बाजी घर घर तक पहुंच रही है और जैसा कि हमने पहले भी कहा कि ये मुद्दा अब जनता के बीच ही चर्चा का विषय बन गया है कि उनके टेक्स की कमाई से चलने वाली संसद का विपक्ष किस तरह से मजाक उड़ा रहा है। इसको लेकर जनता में गुस्सा बढ़ भी रहा है।
लगातार चल रहा झारखंड आंदोलन खोल रहा सभी नेताओं की पोल
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झारखंड में छात्रों का आंदोलन जैसे जैसे बढ़ रहा है लगता है कि इसे नेताओं ने लडाई का अखाड़ा बना लिया है, और छात्रों की बिगड़ती हालत, पुलिस की छात्रों पर लठबाजी जैसे मुद्दे हवा होते जा रहे हैं, जिस तरह से कांग्रेस नेता इस आंदोलन को लेकर शर्मनाक बयान दे रहे हैं, उससे साफ लग रहा है कि वो अपने नेता राहुल गांधी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि देशभर से यही बात निकल कर सामने आ रही है कि राहुल इस आंदोलन में क्यों नहीं पहुचे हैं, और अब राहुल को Defend करते हुए कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने बहुत ही बेतुका बयान दे डाला , उन्होंने कहा कि भाजपा की सीधी लड़ाई राहुल गांधी से है क्योंकि राहुल गांधी ने चोरों को पकड़ लिया है, चाहे वो चंदा चोरी का मामला हो या फिर पेपर लीक का मामला हो और इसलिए बीजेपी छात्रों के आंदोलन की आड़ लेकर राहुल के खिलाफ काम कर रही है, लेकिन उनका जवाब देते हुए झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, कि सभी देख रहे हैं कि पिछले 20 दिनों से झारखंड सरकार छात्रों के साथ जो बर्बरतापूर्वक और अमानवीय हरकत कर रही है। हम लोगों ने सपने में भी कभी सोचा था कि झारखंड के छात्रों को यह दिन देखना पड़ेगा। वहीं मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी पर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने का सीधा आरोप लगाया। रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई पर राहुल की चुप्पी पर उन्होंने सवाल उठाए। इन सब के बीच सीजेपी के अभिजीत दिपके भी अपनी रोटियां गर्म कर रहे हैं और झारखंड जाने की बजाय वो कह रहे हैं कि हमारा काम झारखंड के छात्रों को मजबूत करना है, चेहरा चमकाना नहीं, आपको बता दें कि अभीजीत दिपके की लगातार इस बार पर निंदा हो रही है कि वो झारखंड़ के छात्रों का साथ नहीं दे रहे और दिल्ली में उन्होंने जो आंदोलन किया वो पूरी तरह से राजनीती से प्रेरित था।
