यूपी-पंजाब के चुनाव में इस नेता का ऐलान क्या बीजेपी के लिए खतरा बन सकता है

यूपी -पंजाब में होने वाले चुनावों में बीजेपी को  ना केवल विपक्षी दलों से लड़ना है बल्कि अपने साथी दलों के साथ भी सीट बंटवारे को लेकर पूरी तरह से सजग रहना है, अब जैसे ही चिराग पासवान ने दिल्ली में  लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक बुलाई बीजेपी सतर्क हो गई है क्योंकि चिराग पासवान यूपी- जाब में होने वाले चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं, बीजेपी को पता है कि  चिराग पासवान महत्वाकांक्षी और मेहनती नेता हैं और अपनी पार्टी को आगे तक लेकर जाना चाहते हैं, इसलिए बीजेपी उनकी गतिविधियों पर पूरी नजर रखती है, इस बैठक के बारे में बिहार सरकार में मंत्री और चिराग पासवान की पार्टी के  नेता संजय पासवान ने बताया कि मेरे विधायक बनने के बाद यह पहली बार है जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है और इसमें  महत्वपूर्ण निर्णय होंगे।आपको बता दें कि आने वाले समय में यानी 2026-27 में 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ये राज्य हैं   उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, गोवा और मणिपुर शामिल है लेकिन पता चला है कि   चिराग पासवान का ज्यादा इंट्रेस्ट उत्तर प्रदेश और पंजाब को लेकर है।अब यूपी में बीजेपी की सरकार है तो उन्हें चिराग पासवान के साथ सीटों को लेकर तालमेल बिठाना पड़ेगा लेकिन पंजाब में ना केवल आम आदमी पार्टी की सरकार है,  बल्कि बीजेपी भी काफी कमजोर हाल में है, पर हाल फिलहाल में राघव चडड्डा के बीजेपी आने से बीजेपी काफी उत्साहात है और ऐसे में  बीजेपी यहां कुर्सी पाने के लिए काफी  फोकस्ड होकर काम कर रही है। ऐसे में यदि चिराग पासवान भी यहां एक -दो सीट निकाल लेते हैं तो बीजेपी के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा, पर देखना यही है कि सीटों को लेकर बीजेपी किस तरह से चिराग पासवान के साथ तालमेल बिठाती है, कहीं यहां मामला फंस ना जाए।

इन जनाब को P M MODI  का चेहरा पसंद नहीं क्या 

विपक्ष की शायद आदत बन गई है PM MODI  से जुड़ी हर बात में कुछ ना कुछ खामियां निकालने की, लेकिन ऐसा करके खुद विपक्ष ही हंसी का पात्र बन जाता है, अब हाल ही में IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष  सिर झुकाकर उनसे  मेडल लिया तो ये बात aimim के  प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को रास नहीं आई, शायद वो भूल ही गए कि ये बहुत ही नार्मल प्रेक्टिस है कि जब भी छात्रों के समक्ष कोई बड़ा खड़ा होता है तो उसके सम्मान  में छात्र सिर झुका लेते हैं,यही नहीं  IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में हुए वैदिक मंत्रोच्चार पर छात्रों के खड़े रहने पर भी उन्होंने एतराज जताया है।ओवैसी के इस बयान पर मंत्री राम कृपाल यादव ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ओवैसी को हमेशा से आपत्तियां रही हैं और आगे भी रहेंगी। उन्हें प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है और वे उन्हें अलग नजरिए से देखते हैं, इसीलिए ओवैसी  प्रधानमंत्री के हर फैसले का विरोध किया है और आगे भी करते रहेंगे। वे राष्ट्रीय हित के बारे में नहीं सोचते। लोकसभा में इनकी क्या स्थिति है, यह सब जानते हैं।’