जब विपक्ष की तमाम पार्टीयों ने मिलकर महागठबंधन बनाया था तो एजेंटा बिल्कुल साफ था कि बीजेपी को हराने के लिए congress के साथ समाजवादी पार्टी, टीएमसी, आम आदमी पार्टी , नेशनल कांफ्रेंस और तमाम और दल कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगें, लेकिन समय के साथ साथ कांग्रेस की दादागिरी के चलते कईं बड़ी पार्टियों ने उससे किनारा कर लिया खासतौर पर आम आदमी पार्टी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी ने, तभी जब टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने महागठबंधन की कमान संभालने की बात कही तो आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने खुलकर ममता का समर्थन किया और अब दिल्ली चुनावों में समाजवादी पार्टी एक बार फिर congress को अंगूठा दिखा रही है, जी हां समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने  बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल  के समर्थन में उनके साथ रोड शो किया और जनता से aap के लिए वोट मांगे। अखिलेश से इस अंदाज से congress को साप इशारा मिल गया होगा कि समाजवादी पार्टी को ना उनकी परवाह है और ना ही जरूरत इसलिए आगे जो भी समझौता करना है उसके लिए congress को ही झुकना पड़ेगा। खैर अखिलेश के दिल्ली आने से यह बात तो तय है कि यूपी से दिल्ली आकर बसे वो लोग जो समाजवादी पार्टी को पसंद करते हैं केजरीवाल की ओर झुक सकते हैं । अखिलेश ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि यहां की जनता से बहुत  प्यार और सम्मान मिला और मुझे  पूरा भरोसा है कि यही प्यार और सम्मान झाड़ू पर एक-एक वोट डालकर केजरीवाल को जीताने का काम करेगा।

क्या BJP में मोदी का डर खत्म हो रहा है

अपनी पार्टी में अनुशासन का दावा भरने वाली बीजेपी पार्टी में आजकल कुछ अलग ही चल रहा है और चर्चा चल निकली है कि क्या पार्टी में मोदी का डर खत्म होता जा रहा है। क्योंकि अभी तक बीजेपी में यही देखा जा रहा है कि मोदी जो कहते हैं, वही होता है उनकी आंख के इशारे भर से बीजेपी का बडे़ से बड़ा नेता डर जाता है।दरअसल यह बात कर्नाटक बीजेपी में चल रही अंदरूनी कलह के बात सामने आ रही है। जानकार कह रहे हैं कर्नाटक की राजनीति में जो कुछ हो रहा है इससे यही लग रहा है कि  इन दिनों कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक जैसे हालात और परेशानी से जूझ रहे  हैं और यह परेशानी है पद के लिए नेताओं की बगावत । एक तरफ कांग्रेस में जहां एक पद को लेकर  दो शीर्ष नेताओं में चल रही कलह और जंग सबको पता है वहीं दूसरी तरफ आजकल  भाजपा के नेता बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने भी पार्टी की भद उड़ाने में  कोई कसर नहीं छोड़ी है। पद के लालच में वह खुलकर बीजेपी आलाकमान पर भी पैसे के लालच में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। यतनाल ने आरोप लगाया कि खुलेआम बीवाई विजयेंद्र का पक्ष लिया जाता  है, क्योंकि उनके पास पैसे की ताकत है । वहीं दूसरी तरफ बीजेपी में एक और बड़ा संकट चल रहा है जहां पूर्व सीएम बीएस येद्दयुरप्पा के बेटे को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए एक बीजेपी नेताओं का एक बड़ा खेमा जबरदस्त कोशिश कर रहा है। आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही  यतनाल ने भी खुलकर कहा था कि येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री बनने के लिए आलाकमान को दो हजार करोड़ रुपये दिए थे। इन सब से यह चर्चा होना तो स्वाभिवक है क्या पार्टी पर मोदी की पकड़ ढ़ीली हो रही है।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।