बिहार में चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में बिहार में घटा कोई भी अपराध RJD  भुनाने से बाज नहीं आ रही है और खासतौर पर तो लालू परिवार लगातार नीतीश पर हमले कर रहा है।देखा यही जा रहा है कि लाली परिवार के सदस्य चाहे वो तेजस्वी हों, मीसा भारती , रोहिणी आचार्य या खुद लालू यादव ये सब मिलकर बीजेपी को इतना टारगेट नहीं कर रहे जितना उन्होनें मिलकर  सीएम नीतीश कुमार पर अटैक कर रखा है,  लेकिन लगता है बीजेपी अपने साथी नीतीश को साथ देने खुलकर इस जंग में कूद पड़ी है और  ना केवल बीजेपी नेताओं ने अपने बयानों से  लालू परिवार की दुखती रग दबा दी है साथ पर साथ ही उनकी बोलती भी बंद करवा दी। जी हां बीजेपी ने बस चंपा विश्वास और ऐश्वर्या राय का नाम लेकर लालू परिवार की हवा निकाल दी, बीजेपी ने  लालू परिवार को उनके राज की याद दिलाकर कहा कि  पूर्व IAS अफसर की पत्नी  चंपा विश्वास ने खुलकर rjd के एक नेता पर रेप का आरोप लगया था औक यह तक कह दिया कि उस नेता ने उनकी मां और नौकरानी तक को नहीं छोड़ा। यही नहीं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पत्नी का आरोप भी बीजेपी ने ताजा कर दिया जो रोत हुए घर से बाहर निकली थी और  राबड़ी देवी और मीसा भारती पर मारपीट का आरोप लगाया था। बीजेपी ने यह हमला और सावर्जनिक करते हुए सोशल मीडिया पर लिख दिया कि RJD का महिला सम्मान, इसके नीचे लिखा गया है कि ‘IAS की पत्नी से RJD नेता के बेटे ने किया था दुष्कर्म’, इसके बाद लिखा है कि ‘बहु ऐश्वर्या राय से मारपीट कर घर से निकाला था।’

बिहार में नीतीश ने बताया टाइगर जिंदा भी है और स्वस्थ भी

चर्चा चली हुई है कि बिहार में नीतीश कुमार ने वह चाल चली की बीजेपी तो क्या विपक्ष को भी बता दिया कि  टाइगर अभी जिंदा है,  स्वस्थ है और उसे पता है कि राजनीति में कब कैसे कौन सी चाल चलनी है।अपने बेटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़े खास समय में  निशांत कुमार को राजनीति के मैदान में उतारा है  जब सभी पार्टियां अपने युवा नेताओं को चुनाव जीतने के लिए आगे बढ़ा चुकी है अब  rjd के तेजस्वी, तेजप्रताप और मिसा भारती ने लालू को आराम कुर्सी पर बैठाकर पार्टी की कमान पूरी तरह से संभाल रखी है  , वहीं कांग्रेस ने  भी युवा नेता कृष्णा और कन्हैया की जोड़ी को चुनाव प्रचार में उतार रखा है और  चिराग पासवान तो अपनी पार्टी को लगातार आगे बढाने का काम कर  ही रहे हैं। पर माना जा रहा है निशांत का राजनीति में आना विपक्ष का तो टक्कर है ही पर बीजेपी के लिए मुसीबत बन सकता है क्योंकि काफी चर्चाएं चल रही हैं  कि इस बार बिहार चुनाव में एनडीए  नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाया जाएगा, नीतिश ये बात भांप गए होंगे और पहले से पहले वो पासा फैंक दिया कि विपक्ष के साथ अपने साथी बीजेपी को भी परेशानी में डाल दिया ।  क्योंकि अभी तक तो बीजेपी को  नीतीश कुमार की सुननी पड़ती थी और अब उसे तेज तर्रार युवा नेता निशांत कुमार से भी दबना पड़ेगा

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