गरीब मुसलमानों की भलाई के लिए बना वक्फ बोर्ड पर हो रहा पूरी तरह से दुरूपयोग

वक्फ बोर्ड को लेकर चर्चाएं तो बहुत चल रही है लेकिन आम आदमी को पता नहीं चल पा रहा आखिर माजरा क्या है , क्या है वक्फ बोर्ड और उसे क्यों बदला जा रहा है। सरकर का पक्ष है कि बोर्ड अपने मकसद से पूरी तरह भटक गया है , इसका मकसद था गरीब मुसलमानों की मदद के पैसा खर्च करना , पर अब ये बस गिनेचुने लोगों की जागीर बन गया और इसका मिसयूज हो रहा है। आपको यह जानकर आशचर्य होगा कि जहां बोर्ड के पास साल 1950 में देशभर में सिर्फ 52 हजार एकड़ जमीन थी, जो 2014 में 6 लाख एकड़ तक पहुंची और आज वक्फ बोर्ड के पास देश की कुल 9 लाख 40 हजार एकड़ जमीन है। हैरानी की बात ये है कि वक्फ बोर्ड अगर किसी भी जमीन पर दावा ठोक दे कि वो उसकी है तो उसे कोई चुनौती नहीं दे सकता है और अब आप समझ ही गए होंगे कि वक्फ की जमीन लगातार कैसे बढ़ रही है। संसद में संबित पात्रा ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और बताया कि बहुत से मुस्लिम देशों जैसे तुर्की, लीबिया, मिस्र, सूडान, लेबनान, सीरिया, जॉर्डन, इराक में ऐसा कोई बोर्ड नहीं है,। आपको बता दें कि देश में इसकी स्थापना इसलिए की गई कि जब देश का बंटवारा हुआ तो बड़े पैमाने पर लोग पाकिस्तान गए थे। और ऐसे में पाकिस्तान जाने वाले लोगों की जमीन और प्रॉपर्टीज का मालिकाना वक्फ बोर्ड बनाकर उसे सौंप दिया गया। लेकिन इस समय बोर्ड अपने अधिकारों का दुरूपयोग कर रहा है इसलिए उसमें संशोधन की जरूरत महसूस की गई।

चाणक्य ने कैसे बोलती बंद की अखिलेश यादव की

अमित शाह को बीजेपी का चाणक्य यूंही नहीं कहा जाता, उनकी चुनावी रणनीती, नेताओं को काम सौंपने की परख और हाजिरजावबी से हर कोई घबराता ही है। और आज संसद में वक्फ संशोधन बिल की चर्चा के दौरान बेचारे अखिलेश यादव चाणक्य की हाजिरजावबी से बेबोल हो गए । दरअसल चर्चा चल रही थी वक्फ संशोधन बिल की लेकिन अखिलेश अचानक इसके खिलाफ बोलते बोलते बीजेपी पर तंज कसते हुए बोल बैठे कि ये वो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, जो अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है, बस फिर क्या था चाणक्य भी तुरंत खड़े हो गए और बड़े मजाकिया अंदाजा में बोला क्या करें विपक्ष की जो भी पार्टियां यहां बैठी है, उनको तो बस अपने परिवार में से ही किसी को अध्यक्ष चुनना होता है। इसलिए देरी कहां से होगी, हमारो तो 12-13 करोड़ सदस्य हैं, और उनमें से किसी को चुनना है तो देर तो लगेगी ही, अमित शाह चुप नहीं हुए और बोले आपके यहां चुनाव नहीं होता इसीलिए देर नहीं लगती। और उन्होंने बाकायदा अखिलेश को देखते हुए कहा कि मैं कह देता हूं कि आप अगले 25 साल तक अपनी पार्टी के अध्यक्ष हो, और कोई नहीं बन सकता। अमित शाह की इस हाजिरजवाबी ने जैसे अखिलेश के मुंह पर ताला लगा दिया हो और वह चाणक्य को हाथ जोड़ते नजर आए।

 

जया बच्चन को क्यों है अपने पति के नाम से एलर्जी

लगता है फिल्म अभिनेत्री और अब समाजवादी की सांसद जया बच्चन को अपने पति यानी अमिताभ बच्चन के नाम से कुछ एलर्जी हो गई हो क्योंकि जब भी कोई उन्हें जया अमिताभ बच्चन के नाम से बुलाता है उनका पारा एकदम हाई हो जाता है और वो बिना सोचे समझे उससे भिड़ जाती हैं। वैसै आपको बता दें कि संसद की कारवाई के दौरान उन्हें तीन बार जया अमिताभ बच्चन के नाम से बुलाया गया और तीनों बार उनकी नाराजगी जग जाहिर हो गई। अभी कल ही राज्यसभा में जया बच्चन उस समय नाराज हो गईं जब पीठासीन सभापति बीरेंद्र प्रसाद वैश्‍य ने उन्हें जया अमिताभ बच्चन’ कहकर संबोधित किया । कार्यवाही के दौरान ही वह भड़क कर बोली कि आप मेरे इतने पुराने साथी हैं। इतने सालों तक तो आप मुझे जया जी ही बुलाते थे। जया ने बिना पति का नाम लिए संबोधन की बात कह दी। वैसे यह पहली बार नहीं है जब जया बच्चन ने पति के नाम से जोड़े जाने पर गुस्सा किया। जुलाई 2024 को जब उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने उन्हें ‘श्रीमती जया अमिताभ बच्चन’ कहकर पुकारा था तब भी वह लाल पीली हो गई थी। सभापति जगदीप धनखड़ से तो जया ने पति का नाम साथ लेने पर काफी काफी तूतू मैं मैं कर डाली थी और दोनों का विवाद काफी चर्चा का विषय बन गया था। वैसे इस बारे में सफाई भी दी गई है कि जया बच्चन का पूरा नाम आधिकारिक रिकॉर्ड में जया अमिताभ बच्चन दर्ज है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।