बिहार में कोई भी दिन ऐसा नहीं जाता जब कोई राजनीतिक हलचल की न्यूज नहीं  आती हो, और सभाविक भी है क्योकि चुनाव होने वाले हैं और हर दल  बाजी पलटने की कोशिश कर रहा है पर इन सब के बीच नीतीश कुमार की परेशानियां सबसे ज्यादा बढ़ी दिखती है, चुनाव पास हैं तो विपक्ष तो क्या उनके अपने दल के नेता नीतिश को आंख दिखा रहे हैं, हाल ही में जहां वकफ संशोधन बिल का समर्थम करने पर इनके कद्दावर मुसिल्म नेता ने इस्तीफा दे दिया ,वहीं अचानक ही   51 उप मुख्य पार्षदों ने दिया सामूहिक रूप से  नीतीश सरकार से इस्तीफा दे दिया। पता चला है कि राज्य के 261 नगर निकायों में से जहां अभी 51 उप मुख्य  ने सरकार छोड़ दी , वहीं लाइन में बहुत से ओर बैठे हैं जो अधिकार ना मिलने की सूरत में सरकार छोड़ने को तैयार बैठे हैं। सभी नाराज बैठे हैं कि उन्हें लंबे समय से नीतीश कुमार ने कोई अधिकार नहीं दिए हैं। वैसे चर्चाओं का बाजार गर्म है कि चुनाव करीब है और नीतिश सरकार के वो नेता जो अब तक नितीश से किसी ना किसी बात पर खफा चल रहे थे सभी ने अपना मोर्चा खोल दिया है क्योंकि पहले तो विद्रोह की सूरत में  नीतीश उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देते पर अब चुनाव की नजाकत को देखते हुए नीतीश सभी के नखरे सहने और मांगे पूरी करने के लिए पूरी तरह से मजबूर दिख रहे हैं।

 तेजस्वी ने PM. Modi पर क्या आरोप लगा दिए

बिहार में लालू  परिवार में ही  राजनीति जोरों पर चल निकली है, चूंकि लालू यादव की तबीयत बिगड़ चुकी है और कल तक ,जिस तरह से  लालू यादव ने तेजस्वी , तेजप्रताप, मीसा भारती को साइड लाइन कर चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में ले ली थी, उनके बिस्तर पर पहुंचते ही वह कमान फिर से तेजस्वी ने मजबूती से अपने हाथ में थाम ली है और वो लगातार नीतीश और बीजेपी के साथ pm नरेंद्र मोदी  को घेर रहे हैं जो भी हो चाहे तेजस्वी  यादव  लालू जितने बातों में चतुर ना हों, हंसने हंसाने, तंज कसने की कला में इतने माहिर ना हुए हों पर फिर भी अपने पिता यानी लालू यादव से तेजस्वी ने बहुत कुछ सीख लिया है और विपक्ष को अपने शब्दों के बाणों से धाराशयी करने का ना कोई मौका छोड़ते ना पीछे  हटते। यही हुआ जब तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि  ”ई बिहार हे भैया, इहा कुछ भी हो सकेला!” तेजस्वी ने आगे लिखा कि  प्रधानमंत्री जी ने आज की रैली में एक बार भी परिवारवाद का जिक्र नहीं किया। आशा है अब मेरे टोकने के बाद फिर करेंगे। फिर करेंगे तो हम भी सूची छपवा देंगे। अब तेजस्वी ने ऐसा क्यों लिखा लोगों की समझ में नहीं आया, दरअसल पूर्व  उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पीएम मोदी को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरा रहे हैं  उनका कहना है  कि जैसे जैसे ही  मैंने परिवारवार पर बीजेपी नेताओं की लिस्ट जारी कर दी ,पीएम मोदी ने परिवारवाद पर बोलना ही बंद कर दिया। तेजस्वी लगातार आक्रमक हो रहे हैं और जैसे जैसे बिहार में विधानसभा  चुनाव पास आ रहे हैं तेजस्वी नीतीश और पीएम मोदी दोनों को घेरने का मोर्चा संभाल कर बैठे हैं। एक तरफ तेजस्वी नीतीश पर अपने पुत्र को राजनीती में लाने के लिए लगातार टिप्पणी कर रहे हैं क्योंकि नीतीश भी लालू की पार्टी पर परिवारवाद का तंज कसने में पीछे नहीं रहे हैं और अब जब से पीएम मोदी  बिहार की 𝟒 सीटों का प्रचार करेंगे, तेजस्वी उन्हें लगातार यह कह कर घेर रहे हैं कि  चारों सीटों पर  𝟏𝟎𝟎% परिवारवादी उम्मीदवार है । तेजस्वी आरोप लगाने से भी नहीं चूक रहे कि दूसरों पर कमेंट करने वाली 𝐁𝐉𝐏 पार्टी परिवारवादी एवं वंशवादी नेताओं से भरी पड़ी
है।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।