यह बहुत अजीब और शर्मनाक भी है कि कईं बड़े बड़े देशों में पाकिस्तान के आतंकवाद का चेहरा बेनकाब करने पहुंचे कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर के बेबाक बयानों से जहां लगभग पूरे विश्व के लोग उनके कायल हो रहे हैं, मीडिया उनकी प्रशंसा के पुल बांध रही है , वहीं अपने देश में बैठे नेता उन्हें लगातार अपमानित कर रहे हैं । कांग्रेस के कईं कद्दावर नेता तक आपरेशन सिंदूर और मोदी सरकार को सपोर्ट करने के लिए शशि थरूर को लगातार अपमानित कर रहे हैं जहां जयराम रमेश कहते हैं कि आतंकवादी भी घूम रहे हैं और हमारे सांसद भी वहीं कांग्रेस के नेता उदित राज ने तो हद कर दी और अपने एक बयान में उन्हें मोदी का चमता तक कह दिया। लेकिन इन सबके के बावजूद शशि थरूर अपना काम बडी ईमानदारी से कर रहे हैं और उन्होंने कोलंबिया जाकर खुलआम इस बात पर नाराजगी भी जताई की वहां की सरकार ने पहलगाम हमले में मरे भारतीयों पर शोक नही जताया पर भारत के हमले में मरे आतंकवादियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। शशि थरूर ने दो टूक कह दिया कि हमला करने और खुद को बचाने वाले को एक ही तराजू में तौला नहीं जा सकता, थरूर ने कहा कि ‘हम अपने कोलंबियाई मित्रों से कहना चाहेंगे कि जो आतंकवाद फैलाते हैं और जो उसका प्रतिरोध करते हैं, उनके बीच कोई समानता नहीं हो सकती। जो हमला करते हैं और जो रक्षा करते हैं, उनके बीच कोई तुलना नहीं हो सकती। उम्मीद ही की जा सकता है कि कांग्रेंस और राहुल गांधी शशि थरूर से सीख लें जब देश की बात आती है तो पार्टी, घर्म जात सब पीछे छूट जाता है।

Congress समझ ले अपने घर शीशे के तो दूसरों पर पत्थर नहीं फैंकते

कांग्रेस लगातार मोदी सरकार को आपरेशन सिंदूर को लेकर कटघरे में खड़ा कर रही है, तंज कस रही है की अमेरिका के इशारे पर ही सीज फायर किया गया। लेकिन कहते हैं ना कि जिनके अपने घर शीशे के बने होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं मारते, यही कांग्रेस के साथ शुरू हो गया है , जी हां अब बीजेपी नेताओं ने कांग्रेंस के राज के वो गड़े मुर्दे उखाडने शुरू कर दिए हैं जिसमें कांग्रेंस ने अमेरिका के दबाव में काम क्या। अभी हाल फिलहाल में बीजेपी ने यह दावा किया था कि कांगेस ने बाकायदा पाकिस्तान के साथ सेना के सारे काम काज साझा करने के लिए समझौता किया था इस पर कांगेस बुरी तरह से बैकफुट पर नजर आई और उसके तमाम नेता इस पर सफाई देने में जुट गए और अब बीजेपी ने जैसे कांग्रेंस पर एक और बम फोड दिया है। जी हां बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करके कहा साल 1988 में भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु समझौता राजीव गांधी के कार्यकाल में हुआ और इसके लिए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने दबाव डाला था और बाकायदा रोनाल्ड रीगन ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बातचीत का एजेंडा तय किया था। निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, “अमेरिकी दबाव में हमने तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल जिया से बात की थी अब कांग्रेस को ग़ुस्सा क्यों आता जब हमने इस पत्र को देखा तो मुझे आत्म ग्लानि हुई अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रेगन ने यह पत्र/ टेलीग्राम तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को भेजा था,

 

राहुल मोदी सरकार को घेरने की बजाय अपना टूटता घर संभालो

लगता है राहुल गांधी समेत कांगेस के कईं नेता आपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़े करने में इतने बिजी हो गए हैं कि उन्हे पार्टी के भीतर चल रही कलह की कोई परवाह ही नहीं रही हैं , हाल ये हो गया है कि अह राज्यों से कांग्रेस नेताओं के बीच लडाई की खबरें मीडिया की लगातार सुर्खिया बन रही हैं, हरियाणा से तो हर दूसरे दिन कांग्रेंस नेताओं की तूतू मैं मैं की खबरे आ ही रही हैं और अब कर्नाटक में तो सीएम सिद्दरमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीज चल रही जंग खेलकर सामने आ गई है। जैसा की पिछले कुछ समय से लगातर इन नेताओं के बीच टकराव की खबरे आ ही रही थी पर हाल ही में कुछ इंजीनियरों के तबादले पर सिद्दरमैया और डी के शिवकुमार के बीच तलवारें खिच गई हैं, जी हां पता चला है कि लोक निर्माण विभाग के पांच इंजीनियरों का cm ने तबादला कर दिया जो डिप्टी सीएम शिवकुमार के विभाग के अंदर आते थे। बस शिव कुमार इस पर इतना नाराज हैं कि उन्होंने तुरंत मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को एक पत्र लिखकर इसे वापस लेने का निर्देश दिया , यही नहीं अपने पत्र में शिवकुमार ने कांग्रेस सरकार बनाते समय उस समझौते की भी याद दिलाई जिसमे लिखा था कि उनकी स्वीकृति के बिना उनके विभाग से संबंधित कोई भी तबादला या नियुकित नहीं की जा सकती है। वैसे राहुल गांधी या कांग्रेस के और बड़े नेता देश सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की बजाय यदि अपने घर यानी अपनी पार्टी को संभाले तो बहुत बेहतर होगा , देश के लिए भी और कांग्रेस पार्टी से लिए भी

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