क्यों बिगड़े Rahul Gandhi के बोल-नेताओं को कहा लंगड़ा घोड़ा

अभी तक राहुल गांधी विपक्षी दलों और खाततौर पर बीजेपी नेताओं के बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं रहते हैं। बालों में सफेदी , उम्र का लिहाज ना करते हुए राहुल गांधी किसी को भी अपमानित कर देते हैं , पर गजब ही है अब राहुल गांधी कांग्रेस के बड़े , कद्दावर नेताओं के लिए लंगड़ा घोड़ा शब्द का इस्तेमाल करके उन्हें चुनाव, नेता पद से बाहर करने की बात कर रहे हैं , जी हां हाल ही में राहुल गांधी ने अपने मध्यप्रदेश दौरे के दौरान तीन घोड़ों का जिक्र किया और इसमें लंगड़े घोड़े का भी जिक्र किया है। जिसे राहुल आने वाले दिनों में साइड करने का मन बन चुके हैं। राहुल के इस बयान से जहां मध्यप्रदेश के युवा कांग्रेस नेताओँ में जोश है क्योंकि दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और कईं उम्रदराज नेताओं के चलते इन युवाओं को आगे आने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है। पर राहुल के लंगड़े घोड़े कमेंट पर यहां के कईं नेता बहुत नाराज है , कुछ का गुस्से में यह तक कहना है कि राहुल गांधी पहले यह तय करें कि कौन गदहा और कौन घोड़ा है , आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को तीन कैटगरी में बांटने की बात कही, पहली कैटगरी में रेस के घोड़ा दूसरी में बारात का घोड़ा है और तीसरी कैटगरी में लंगड़ा घोड़ा है।और ‘लंगड़ा घोड़े का टैग लगाकर अपमानित करके राहुल कुछ नेताओं को जबरन रिटायर करना चाहते हैं।

शशि थरूर से कोई नहीं जीत सकता, अकेले ने पूरी Congress को क्या धाराशायी

चर्चाएं हैं कि कांग्रेस नेता ने शशि थरूर ने अमेरिका में दिए गए अपने बयान से एक तीर से दो शिकार कर लिए हैं , जी हां एक तरफ उन्होंने पहली बार देश में उनके बारे में गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं को जमकर सुनाया और दूसरी तरफ राहुल के सरेंडर वाले बयान पर भी एक तरह से राहुल को लताड़ा दिया। शशि थरूर ने कहा कि अगर राष्ट्रहित में काम करना एंटी पार्टी एक्टिविटी है, तो ऐसे आरोप लगाने वालों को खुद से ही सवाल करना चाहिए , शशि थरूर ने यह भी कह दिया कि वह तो देश की सेवा करने के लिए आए हैं। … आपको बता दें जब से मोदी सरकार ने डेलिगेशन के लिए शशि थरूर का नाम लिस्ट में शामिल किया था, तभी से ही कांग्रेस में इस पर आपत्ति शुरू हो गई थी। खबरें यह भी उड़ी थी कि इससे राहुल गांधी भी गुस्सा थे पर वह खुद कुछ नहीं बोले पर जयराम रमेश, पवन खेड़ा, उदित राज जैसे नेताओं ने उनका काम कर दिया और लगातार शशि थरूर की बज्जती करते रहते हैं, थरूर ने राहुल गांधी के ट्रंप के फोन के बाद सरेंडर वाले बयान पर भी उन्हें आड़े हाथों लेकर कहा कि देश में हमारे बीच राजनीतिक मतभेद रहते हैं, लेकिन जब हम देश की सीमा पार कर लेते हैं, तो हम भारतीय हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं व्हाइट हाउस के साथ किसी तरह की समस्या पैदा करने के लिए नहीं आया हूं।

Rahul Gandhi को इतिहास बताकर जमकर सुनाया BJP नेता ने

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जब 15 जुलाई 2011 को बयान दिया था कि आतंकवाद पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना असंभव है। तो क्या उनकी भाषा आतंकवादियों के सामने सरेंडर करने वाली नहीं थी, उसके बाद 26/11 मुंबई हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावित नहीं होगी तो यह भी पाकिस्तान के आतंकवाद के सामने सरेंडर ही था, बीजेपीनेता सुधांशु त्रिवेदी ने ये बाते सामने लाकर congress की और खासकर राहुल गांघी की जमकर खिंचाई की है और उन्होंने राहुल गांधी को मानसिक रोगी भी बता दिया। सुधांशु त्रिवेदी को इतना गुस्सा क्यों आया कि उन्होने कांग्रेस और राहुस को जमकर खरी खोटी सुना दी।
दरअसल राहुल जब मध्यप्रदेस दौरे पर गए थे तो उन्होंने एक बार फिर आपरेशन सिंदूर का मुद्दा गर्मा दिया, राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन पर सरेंडर कर दिया। उन्होंने ये भी कहा, इतिहास गवाह है, बीजेपी हमेशा झुकती है।बस फिर क्या था बीजेपी के कईं नेताओं ने एकसाथ राहुल की खिंचाई शुरू कर दी, सुधांशु त्रिवेदी ने तो यह तक कह दिया कि सरेंडर कांग्रेस ने किया होगा, मगर भारत किसी के सामने सरेंडर नहीं हो सकता।वहीं बिहार की एक सभा में बोलते हुए बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कह दिया कि उन्हें शशि थरूर से ट्यूशन लेना चाहिए’,। विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस जिस तरह से आपरेशन सिंदूर का मुद्दा बार बार उछाल रही हैं और उसपर प्रश्न लगा रही है उससे कांग्रेस को जनता के सामने एक मुद्दे के साथ खड़ा होने का मौका मिला हो या ना मिला हो पर हां पाकिस्तान में कांग्रेस नेताओं के बयान काफी चमक रहे हैं और कांग्रेस के कईं नेता वहां हीरो की तरह पेश किए जा रहे हैं।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।