अखिलेश को शर्म नहीं पर योगी के नेता का खून खौला

यह तो कमाल ही है, अखिलेश की पत्नी और सांसद डिंपल यादव पर शर्मनाक टिप्पणी करने वाले मौलाना पर अखिलेश को गुस्सा नहीं आया पर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर का खून खौल गया और उन्होंने यह तक एलान कर दिया कि डिंपल यादव पर भद्दी टिप्पणी करने वाले मौलाना की जो जुबान काट कर लाएगा उसे 1 लाख 51 हजार रुपए का इनाम मिलेगा. अजय तोमर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए यह भी कह दिया कि यादव मुस्लिम वोटबैंक पाने के लिए इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें अपनी पत्नी तक के मान सम्मान का ख्याल नहीं रहा पर किसी हिन्दू महिला के लिए गंदे बोल बोलने वाले को हम माफ नहीं करेंगे और उनकी मौलाना की इतनी कुटाई होगी कि वह फिर कभी सपने तक में हिन्दू स्त्री का अपमान नहीं करेगा।आपको बता दें कि हाल ही में जब अखिलेश यादव ने संसद के पास बनी एक मस्जिद में राजनीतिक बैठक की तो इसपर कई मुस्लिमों संगठनों के विराध किया था , उससे भी ज्यादा विरोध डिंपल यादव और इकरा हसन के कपड़ों को लेकर था, मौलाना साजिद रशीदी ने सभी सीमाएं तोड़ते हुए यह तक कह दिया कि डिंपल यादव की पूरी पीठ नंगी थी। सिर पर पल्लू नहीं था। इसके बाद हिंदुत्ववादी संगठन के लोगों में आक्रोश है। और मौलाना के खिलाफ लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस भी दर्ज हो गया है।।

Bihar — वार पर वार लालू यादव कब तक बचते रहोगे

खुलेआम जनता से बदतमीजी करने वाले rjd नेताओं के खिलाफ अकसर लालू परिवार कुछ करने से हिचकिचाता है और चर्चाएं यही चलती हैं कि अगर लालू यादव ये करने लगे तो उनकी पार्टी के 90 फीसदी से ज्यादा नेता बाहर हो जाएंगे, अब इसका मतलब सब समझ ही गए होंगे पर आजकल लालू के अपने पुत्र तेजप्रताप यादव ने ही लालू के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और वो लालू और rjd को नीचा दिखाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते, अब तेजप्रताप यादव खुलकर बिहार के विधायक भाई वीरेंद्र पर एक्शन करने के लिए लालू यादव पर दबाव बना रहे हैं, आपको बता दें कि इनपर पंचायत सचिव से दुर्व्यवहार का आरोप है, बस इसी मुद्दे को तेजप्रताप यादव ने उठा लिया है और बाकायदा एक कार्टून के जरिए RJD पर निशाना साधाते हुए पूछा , क्या पार्टी अपने विधायक पर उतनी ही सख्ती दिखाएगी, जितनी उनके साथ दिखाई थी , तेजप्रताप यहां जाती कार्ड खेलने से भी नहीं चूके और कहा कि RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के उल्ट SC-ST समाज के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की, जान से मारने की धमकी दी। मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया… अब देखना यही है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाएगी या नहीं? आपको बता दें कि हाल ही में विधायक भाई वीरेंद्र ने ने पंचायत सचिव को फोन करके एक समर्थक के परिवार के सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी जारी करने को कहा था और उनके साथ बदतमीजी की।अब पूरा मामला लालू और RJD की गले की हड्डी बन गया है विधायक पर कारवाई करते हैं तो नेता नाराज और नहीं करते तो तेजप्रताप के साथ विपक्ष भी इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में नहीं हैं।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।