Reiki पूजा करते समय भी कर सकते-एक्रागता बढ़ाती है

हमारी बहुत सारी महिलाओं को यह शिकायत रहती है कि हम लोग पूजा करते हैं। हमारे पास एक्स्ट्रा टाइम नहीं होता है। हम रेकी को अलग से टाइम नहीं दे सकते। तो इस एक समस्या का भी हल है कि रेकी और आप अपनी पूजा को इकट्ठा जोड़ सकते हैं। सपोज जब आप पूजा करते हैं । उसी वक्त आप अपनी रेकी कर सकते हैं। अपने24 अंगों को या अपने चक्रों को हील कर सकते हैं। साथ ही साथ आपके घर में जो भी इस देवता का मंत्र है ओम नमः शिवाय। हरिओम नमंगे क्यों जय गुरु जी जो भी आपका मंत्र है जिसको आप रोजचटिंग करते हैं वो हर चक्र पर अपना हाथ रख के उसी मंत्र को आप दोहराएंगे तो इसमें आप देखेंगे आपके कितने फायदे होंगे सबसे पहले तो आप अपने भगवान से जुड़े रहेंगे दूसरा रेकी हीलिंग आपके अंदर चली जाएगी आपका शरीर स्वस्थ होगा और सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आप ईश्वर से बहुत जल्दी जुड़ जाएंगे। आपकी एक्रागता बढे़गी

Reiki के जरिए भगवान से संवाद आसान

आप और ईश्वर से समझो एक कम्युनिकेशन आपका जुड़ जाएगा। बहुत से लोग हमें बताते हैं कि जब वो पूजा करते हैं उनका ध्यान भटक जाता है। उनका ध्यान नहीं रहता। वह बहुत परेशान रहते हैं। लेकिन साथियों जब आप रेकी करने के साथ पूजा में आएंगे तो
देखेंगे आपका भगवान के प्रति कितना ध्यान लगेगा। आप भगवान से बहुत जल्दी जुड़ जाएंगे और भगवान कैसे आपको रास्ते दिखाता है। आपकी इंट्यूशन के द्वारा आपके अंदर के अपने ही विचार द्वारा। तो साथियों रेकी को हम धर्म से जोड़ देते हैं। सबसे बड़ी खासियत इसमें यह है रेकी ऊर्जाओं में जो भी लोग रेकी सीखते हैं उनका कोई स्पेशल कोई पूजा का ईस्ट नहीं होता। कोई भगवान नहीं होती, कोई मूर्ति नहीं होती। इसे हर धर्म के लोग हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सीख सकते हैं। और अपनी श्रद्धा अनुसार जिसको भी वो लोग चाहते हैं, जिसको वो याद करते हैं सच्चे दिल से उससे सीधे कनेक्ट होके आंखें बंद करके अपने सबकॉन्शियस माइंड में उसी ईश्वर को देखते हुए एक अफमेशन जब चेंट करेंगे कि मैं अब बिल्कुल स्वस्थ हूं। तो देखो साथियों आप कितनी जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे। यह एनर्जी आपके शरीर के अंगों को डबल फायदा देगी और आप बहुत जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे। तो इसमें किसी भी किस्म की कोई आपको टेंशन या परेशानी लेने की जरूरत नहीं है। जिन भी महिलाओं को यह लगता है कि वह पूजा के साथ-साथ रेकी कर सकती हैं तो बहुत अच्छी बात है। रेकी और पूजा कोई अलग नहीं है। दोनों ही आपकी मन की और तन की शुद्धि करती है। ईश्वर जो है भगवान जो है वो आपको मन को आत्मा को शुद्ध करता है। और रेकी में जो आपकी हाथों की तरंगे होती है। जो आपके स्वयं अपनी ही ऊर्जा होती है जो शरीर से उत्पन्न होती हैं वो यूनिवर्सल की ऊर्जाओं के साथ मिलके आपके शरीर को बहुत जल्दी स्वस्थ कर देती है। आप और हम रेकी के सफर में बहुत जल्दी बहुत ऊंची ऊंचाइयों में पहुंचेंगे।

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