REIKI healing करते समय अपनी Protection लेनी बहुत जरूरी

लोगों की धारणा है कि रेकी सीखने के बाद अपने को प्रॉब्लम होती है। इसके हमारे बैक आते हैं, रिवर्स आते हैं। अगर हम किसी की पेशेंट की रेकी करते हैं किसी तकलीफ में तो वो तकलीफ हमको जुड़ जाती है। तो आपको यह क्लियर करना चाहती हूं। रेकी सिखाते वक्त हम थोड़े से नियम कानून बताते हैं कि जब आप रेकी किसी करते हैं तो आपको क्या प्रोटेक्शन लेनी है। आपको क्या-क्या सावधानी बरतनी है। अगर आप जल्दबाजी में वो सावधानियां भूल जाते हैं। अपने आपको प्रोटेक्शन नहीं लेते हैं। अपने पेशेंट की जो भी हैवीनेस है वो आपके ऊपर बहुत जल्दी आ जाती है।

जैसे Doctor इलाज से पहले Protection लेता है वैसे Reiki से पहले बचाव लें

बताना चाह रही हूं कि रेकी में जब तक आप ठीक से प्रोटेक्शन नहीं लेते अपना बचाव नहीं करते रेकी कई बार रिबैक कर जाती है तो यह आपकी अपनी गलती है। जैसे डॉक्टर जब ऑपरेशन करता है, थिएटर में जाता है तो ग्लव्स पहनता है, मास्क पहनता है, पूरा गाउन पहनता है, पैर में स्लीपर पहनता है ताकि इनफेक्शन ना आए।

Reiki Symbols के साथ Crystals से बचाव किया जाता है

वैसे ही जब हम किसी पेशेंट की रेकी करते हैं तो अपने ऊपर हम रेकी सिंबल से प्रोटेक्शन लेते हैं। रेकी में क्रिस्टल्स जो होते हैं सफेटिक वो हम पहनते हैं इस तरह के जिससे सामने वाले की कोई भी नेगेटिव ऊर्जा हमारे अंदर ना आ पाए। उसके बाद जब हम उसका उपचार करते हैं तो बिल्कुल नेवल से हम कट करते हैं और आंखें बंद करके कल्पना में देखते हैं कि हमारे साथी का जो भी कनेक्शन हमसे हुआ है वो कट हो चुका है। तो साथियों डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बिंदास होके रेकी सीखिए। साथ-साथ रेकी के जो भी नियम है उसको आप मानिए उसको फॉलो कीजिए। क्योंकि जो भी काम होता है अगर उसके नियम के विरुद्ध होता है तो वह रिबैक तो करता ही करता है।

 

अगर आपको आगे हमसे कोई जानकारी चाहिए तो हमारे नंबर
1860515348 पर हमसे कांटेक्ट करिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।