एक ऐसी जानकारी जो बहुत लोग कई बारी पूछते हैं कि हमारे घर में तुलसी पनपती नहीं। तुलसी रखते तो हैं लेकिन वह चलती नहीं है, मुरझा जाती है। तो हम तुलसी को किस डायरेक्शन में रखें? बहुत सारे प्लांट्स लोग घर में रखते हैं और तुलसी का पौधा हर घर में रखा जाता है क्योंकि उसकी मेडिसिनल वैल्यू और स्पिरिचुअल वैल्यू दोनों ही है।

 

इस दिशा में हो तुलसी और खट्टे पेड़ -पौधे तुलसी के आसपास ना लगाएं

तुलसी का पौधा ज्यादातर नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट में रखा जाता है। यदि आपके घर में तुलसी का प्लांट नहीं चल रहा है, मुरझा जाता है तो उसके आसपास आपने क्या प्लांट्स रखे हुए हैं? क्या वहां पे आपका अनार का पौधा, कैक्टस या जो आपके जिन पौधों में दूध निकलता है या खट्टे फल वाले पौधे उन तुलसी के आसपास है? क्योंकि तुलसी का अपना आभा मंडल ओरा बहुत होता है और ओरा अच्छा होने के कारण ही नॉर्थ ईस्ट में यदि हम अपने तुलसी का प्लांट रखते हैं तो हमारे घर में एक पॉजिटिविटी क्रिएट होती है। तो यदि आपने अपने तुलसी के आसपास इस प्रकार के प्लांट्स रखे हुए हैं तो हो सकता है जो पॉजिटिव इफेक्ट आपको तुलसी के कारण मिलने चाहिए उन पौधों के कारण तुलसी की एनर्जी लेवल धीरे धीरे धीरे धीरे डाउन होता चला जाता है जिससे आपकी तुलसी का प्लांट ग्रो नहीं होता है।

कौन से पौधे तुलसी के आसपास रख सकते


आपके घर में तुलसी का प्लांट हरा भरा रहे ग्रो होता रहे तो उसके लिए जरूरत है एक तो तुलसी जहां पर भी रखें बहुत साफ सफाई रखें उसको, अपने घर के नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट में ईस्ट में भी रख सकते हैं। यदि आप तुलसी का प्लांट साउथ में साउथ ईस्ट में रखेंगे तो वह नहीं चलता है। प्लांट कुछ देखिए डायरेक्शंस हैं। डायरेक्शंस के हिसाब से कई बारी जो अच्छे हमारे ऐसे प्लांट्स केले का पौधा है, तुलसी का पौधा है ये इसी डायरेक्शंस में चलते हैं। आप तुलसी के प्लांट के पास यदि आप पौधे रखते ही हैं तो वहां पे आप रख सकते हैं धनिए का प्लांट या आप यदि धनिया रख बनाते हैं घर में आपने छोटा गमला लगा रखा है पुदीने का मनी प्लांट। इस प्रकार के प्लांट रखेंगे तो आपकी तुलसी ग्रो होगी और उसके आसपास जो यह चीजें हैं वह भी और अच्छे से ग्रो करेंगी और उनकी भी मेडिसिनल वैल्यू बढ़ जाएगी। तो अवॉइड करें तुलसी के प्लांट के साथ ऐसे प्लांट जिसके अंदर खटास वाले हैं ।

इन रंगों के पौधे ना लगाएं तुलसी के आसपास

कलर वाइज भी जो आपके फ्लावर्स के भी रख रहे हैं तो कलर्स आपका रेड ऑरेंज ना हो। वाइट कलर के फ्लावर्स हो और हल्की महक वाले हो वो तुलसी प्लांट्स के आसपास आप रख सकते हैं और बाकी प्लांट्स आप दूसरी डायरेक्शंस में क्योंकि हम वास्तु के हिसाब से प्लांट्स लगाना भी बताते हैं कि किस डायरेक्शन में आपका कौन सा प्लांट लगाएं जिससे आपको और पॉजिटिव रिजल्ट्स मिले। तो
यह कुछ छोटी सी जानकारी है तुलसी के प्लांट के लिए जो बहुत शुभ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।