स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव -Priyanka Gandhi -मजबूर राहुल का साथ देने

संसद में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव चर्चा के दौरान एक  बार फिर राहुल गांधी के लिए बहन और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का प्यार नजर आया, जैसा कि अकसर देखने में आता है कि प्रियंका हर समय राहुल का बचाव करने में सबसे आगे खड़ी रहती हैं, यह बात अलग है कि कईं मौकों पर ये शायद उनकी मजबूरी भी रहती हो क्योंकि राहुल कब कहां  क्या बोल जाते हैं कि प्रियंका तो क्या पूरे कांग्रेस को उसपर शर्मिंदगी ही होती है, खैर स्पीकर को हटाने की मुहिम जो वास्तव में राहुल ने ही चलाई थी, उसपर प्रियंका ने राहुल का बचाव करते हुए यही कहा कि मेरे भाई जो कहते हैं सच कहते हैं। इनके सामने वह एक ही व्यक्ति हैं जो झुके नहीं। इन्होंने तमाम चीजें की और तरह-तरह की चीजें की। उनकी सोच इन लोगों से पच नहीं रही इसलिए उनकी आलोचना करते हैं। प्रियंका ने कहा कि राहुल ने ठीक कहा है कि सरकार ने  स्पीकर पर दबाव डाला है, उनकी स्वतंत्रता  खत्म की है। अब प्रियंका उसके पक्ष में जो बोल रही हैं यह उनकी मजबूरी है या वास्तव में वो भाई राहुल के पक्ष में खड़ी हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा, पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजूज ने साफ कह ही दिया कि 50 से ज्यादा सांसदों ने कहा है कि ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर हम लोग दुखी हैं, कांग्रेस ने जो जिद्द पकड़ी है, उससे हम मजबूर हैं, । वहीं  केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने प्रियंका के सामने ही  राहुल गांधी पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि आप लाख प्रयास कर लीजिए लेकिन लोगों का भरोसा चुनाव आयोग पर से हटने वाला नहीं है। लोगों को मालूम है कि वह बूथ पर जाते हैं और तीन मिनट में वोट देकर आ जाते हैं। आप जिस राज्य में जीतते हैं वहां ईवीएम सही हो जाता है, वहीं जिस राज्य में हार जाते हैं तो ईवीएम का रोना रोने लगते हैं।

Bihar ओवैसी के हाथ पांचवी सीट जीताने की कुंजी

16 मार्च को बिहार में राज्यसभा चुनाव होने हैं और  सियासत पूरी तरह से चर सीमा पर पहुंच चुकी है, कुल पांच सीटों पर चुनाव होने हैं लेकिन खेला सिर्फ एक सीट को लेकर हो रहा है क्योंकि इसी सीट को जीतने के लिए एनडीए के पास तीन और महागठबंधन के पास 6 विधायकों की कमी हैं, पर इन सब के बीच तेजस्वी के एक बयान से बीजेपी को थोड़ा परेशान तो कर ही दिया है, जी हां तेजस्वी ने साफ कहा है कि हमारे पास संख्या बल है तभी तो हम चुनाव लड़ रहे हैं, आपको बता दें कि पांच में से चार सीटों पर  बीजेपी और jdu  की जीत पक्की  है, बाकी बची एक सीट पर पूरा खेल हो रहा है।
जहां महागठबंधन की ओर से RJD  उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में हैं वहीं दूसरी तरफ उनका मुकाबला NDA  के दल -आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा से है। वैसे आपको बता दें कि अगर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी aimim  के 5 विधायक हैं और BSP   का एक  विधायक, तेजस्वी के पाले में चला जाता है तो RJD  के  अमरेंद्र धारी सिंह को जीत मिल सकती है और शायद यही बात bjp को परेशान कर रही है।  वैसे अभी तक औवेसी ने अपने पत्ते नहीं खोले है,  पर पता चला है कि तेजस्वी और  उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही असदुद्दीन ओवैसी से संपर्क में हैं। तो साफ है कि अब ओवैसी जिसे चाहेंगे वो उम्मीदवार  राज्यसभा चला जाएगा।

BJP  ओडिशा में किला फतह अब बंगाल की बारी 

ओडिशा में बीजू पटनायक ने बरसों राज किया और उसके बाद उनके बेटे नवीन पटनायक ने राज्य की सत्ता संभाल ली थी और ऐसे में लग रहा था कि बीजू जनता दल को हराना असंभव और नामुनकिन है, पर राजनीती में ऐसा होता नहीं हैं, इसके दो उदाहरण ले सकते हैं , पश्चिम बंगाल में ज्योती बसु के 30 साल से ज्यादा चले  साम्राज्य को ममता बनर्जी ने ध्वस्त कर दिया , और अब बीजेपी इस किले को खत्म करने पर तुली है, जैसा की उसने ओडिशा में किया,  ओडिशा में पिछली बार हुए चुनावों में बीजू पटनायक-नवीन पटमायक के बरसों पुराने किले को नीचे गिराकर बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली, बड़ी बात ये है कि  इतने साल राज करने के बाद जब किसी पार्टी की सरकार गिरती है तो धीरे-धीरे उसका राज्य से वरचस्व ही खत्म हो जाता है, बंगाल में यही हुआ कि कम्यूनिस्टों का सुपड़ा साफ हो गया और वही अब ओडिशा में होता दिखाई दे रहा है, जी हां बीजू दल धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और हाल ही में इस दल को एक  ओर  बड़ा झटका लगा जब उसके  पूर्व सांसद और कद्दावर नेता रविंद्र जेना ने अपने 10,000 से अधिक समर्थकों के साथ पार्टी को छोड़ दिया, चर्चाओं का बाजार गर्म है कि वह अपने समर्थकों के साथ भुवनेश्वर पहुंच रहे हैं और bjp  को ज्वाइन करेंगे। वैसे यह अभी तक पहेली ही बना हुआ है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ जो रविंद्र जेना ने बीजू जनता दल छोड़ दिया। वैसे यह भी अजीब है कि  रविंद्र जेना की पत्नी   बीजू जनता दल की विधायक हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *