BY ARATI JAIN
कुंडली का पांचवा घर बताता कई महत्वपूर्ण बातें

आज हम आपको पांचव घर के बारे में बता रहे हैं। पांचवें घर से आप संतान को देखेंगे, आपके हायर एजुकेशन को देखेंगे और आपके जो जीवन में प्रेम संबंध होते हैं उनको देखेंगे और साथ ही साथ आपके जो पिछले जन्मों के अच्छे कर्म है उनका फल आपको कैसा मिलेगा वो भी हम इसी से ही देखते हैं। इसके अलावा भी और भी कई चीजें हैं। पर आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं। जैसे संतान को ले रहे हैं। संतान आपकी कैसी है? योग्य है, भाग्यवान है, अच्छी है या फिर संतान है या नहीं है और साथ ही साथ संतान है पर वो योग्य नहीं है और आपको परेशान करती है।
बच्चों को शुरू से अच्छे संस्कार दें —EDUCATION पर जरूर ध्यान दें

अब आपको पता चल गया कि संतान आपकी है पर योग्य नहीं है और आपको पता चल गया कि हमारा पांचवा घर ख़राब है। तो, आपको बचपन से ही अपनी संतान पर ध्यान देना पड़ेगा। उसको एथिक्स बताने पड़ेंगे। उसको एक जैसे होते हैं कि जबरदस्ती एक ऐसे माहौल में रखना पड़ेगा जिसके उसके जिससे उसमें संस्कार बहुत अच्छे आए और इसके साथ जैसे प्रेम संबंधों के बारे में देख रहे हैं। प्रेम संबंध कई बारी कोई होता है कि प्रेम संबंधों में बचपन में ही पड़ जाता है। गलत संगत में पड़ जाता है। उसका रुझान लड़के की तरफ या लड़की की तरफ हो जाता है और आगे जाके मां-बाप भी परेशान, बच्चा भी परेशान। आपको पता चल गया कि इसका प्रेम संबंध अच्छा नहीं रहेगा। अगर अच्छा रहता है तो कोई परेशानी नहीं है। पर अच्छा नहीं रहेगा तो आप अपने बच्चे को एक ऐसे माहौल में रखिए। ऐसे संस्कार दीजिए कि वो प्रेम संबंधों को ज्यादा अपने जीवन में ना लाए और उसके ऊपर बहुत ज्यादा ध्यान रखें। और साथ ही साथ जब आपको शुरू से पता चल गया कि पांचवा घर के कारण आपका या आपके बच्चे की हायर एजुकेशन खराब रहेगी तो शुरू से उसको ठीक करने के अपाय करें ,किसी पढ़ाई के लिए पूरी कोशिश करें, अगर एडमिशन नहीं हो पा रहा तो हिम्मत मत हारिए कोई और जरिए निकालिए, प्रोफेशनल कोर्स की ओर जाइए , थोड़ी सी और मेहनत करनी पड़ेगी। थोड़े से उपाय करने पड़ेंगे जिससे कि आपके अगर अंदर इच्छा है हायर एजुकेशन लेने की तो आप हायर एजुकेशन ले सकेंगे।
बच्चा LUCKY है पर एक उम्र तक ही भाग्य साथ देता है

साथ ही साथ सब कुछ खराब होते हुए भी कई बारी क्या होता है कि कोई कोई बस भाग्यवान है तो भाग्यवान वो इस कारण से नहीं है कि इस जन्म में उसकी कुंडली अच्छी है या कुछ और अच्छा है। उसके पिछले जन्मों का पूर्व पुण्य उसको बहुत अच्छा मिल रहा है। पर पूर्व पुण्य उसको सिर्फ 35 साल 40 साल तक ही मिलेगा। उसके बाद उसके कर्म आ जाएंगे। तो आप बचपन से ही ध्यान रखिए कि बच्चा भाग्यवान है। उसको पूर्ण अपने पिछले जन्मों के कर्मों का अच्छा फल मिल रहा है। तो उसको समझाइए कि ये सब तेरे पिछले जन्मों के कारण है। इस जन्म में भी तू इतने अच्छे कर्म कर कि तेरा बुढ़ापा भी
सुखी रहे।
दादाजी करते हैं प्यार मतलब पांचवा घर ठीक चल रहा है
साथ ही साथ जो आपके दादाजी हैं जी हां इससे भी आपको पहचान होगी कि आपका पांचवा घर अच्छा है या खराब है। अगर आपके आपको अपने दादा का सुख नहीं मिला या आपके आपके बच्चे को दादा कासुख नहीं मिला या दादा होते हुए भी बच्चे को उसका सुख नहीं मिल पा रहा तो उसका भी असर पांचवें घर से ही आता है और मतलब पांचवा घर आपका ठीक नहीं है। तो पांचव घर को ठीक करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी है। कुछ मंत्र करिए, कुछ पूजा पाठ करिए। क्योंकि पांचवा घर आपके मंत्रों को भी दिखाता है कि आप किस मंत्र से कैसे करके अपने जीवन को सुखी और अच्छा बना सकते हैं। तो ये सब बातें तो हो गई कि हम अपने कर्मों से, अपने व्यवहार से कैसे पांचवे घर को अच्छा बनाएं।
