Maharashtra ये पार्टी फिर टूटेगी या फिर शुरू हुई विलय की कोशिशे
महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय जबरदस्त हलचल मची हुई है, एक तरफ उद्वव शिवसेना ठाकरे के कुछ सांसद एकनाथ शिदें शिवसेना खेमे के नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं और दूसरी तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार गुट एक बार फिर एक होने वाले हैं, बात करें उद्वव ठाकरे से जुड़े नेताओं की तो जैसे ही इन सांसदों ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की तो उसके तुरंत बाद एकनाथ शिंदे का दिल्ली के लिए रवाना हो जाना इन चर्चाओं को और ज्यादा मजबूती दे रहा है कि उद्वव ठाकरे पार्टी और टूटेगी या एकनाथ शिंदे और उद्वव ठाकरे के बीच विलय को लेकर कोई बात बन रही है , वैसे दोंनों पार्टी ने नेताओं के बीच यह कोई पहली मुलाकात नहीं थी , हाल ही में उद्वव शिवसेना सांसद नागेश अष्टिकर ने भी अपने चुनावी क्षेत्र से जुड़े मामलों को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी फिर उसके बाद नासिक के एक कार्यक्रम में उद्वव पार्टी के सांसद राजाभाउ और श्रीकांत शिंदे भी साथ साथ नजर आए , साफ लग रहा है कि दोनों खेमों के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं, इस तरह होने वाली बार-बार की मुलाकातों ने राजनीती के गलियारे में यह चर्चा बढ़ा दी है कि महाराष्ट्र में कुछ बड़ा होंने वाला है, वैसे दोंनों ही दलों ने चाहे वो उद्वव का हो या अजीत पवार का इस तरह की संभावनाओं से बिल्कुल इंकार कर दिया है।
लालू के बेटे तेज प्रताप ने यूपी पहुंचकर कैसे झटका दिया अखिलेश यादव को
लालू के पुत्र तेजप्रताप यादव इन दिनों यूपी में धार्मिक स्थलों के दौरे पर हैं और उन्होंने वाराणसी में बाबा विश्वनाथ और मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से ऐसी बात कर डाली की बिहार से लेकर यूपी तक में उसकी चर्चा होंने लगी। जी हैं तेज प्रताप ने साफ कह दिया कि वो समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का समर्थन नहीं करते और यही नहीं तेजप्रताप ने योगी की तारीफ करते हुए यह भी भी कह दिया कि उनकी सरकार ही वापस यूपी में आएगी। अब उत्तर प्रदेश को लेकर जब तेजप्रताप ऐसी भविष्यवाणी कर डालेंगे तो सब चौंक ही जाएँगे। वैसे आपको बता दें कि तेज प्रताप के अखिलेश यादव से निजी रिश्ते काफी अच्छे हैं। और दोनों की रिश्तेदारी भी है, पर जब राजनीती की बात चली तो तेज प्रताप ने दिल की बात कह डाली और बता दिया कि वो तो सीएम योगी तो पसंद करते हैं। यूपी में जाकर तेजप्रताप ने बिहार में अपनी पार्टी की भी गुणगान कर डाला और कहा कि सभी ने देखा कि किस तरीके से हमारी पार्टी ने बिहार चुनाव में परफॉर्म किया। लेकिन राजनीती में हार जीत तो लगी रहती है और हमने इसका सामना किया।
