एक अलगाववादी नेता ने Modi की तारीफ में पढ़ कसीदे
मोदी की लोकप्रियता , उनके काम करने की शैली की देश-विदेश में काफी चर्चा होती है , जो अब नई बात नहीं रही हैं, पर जब देश का विपक्ष मोदी के कामों की तारीफ करता है तो कुछ नया लगता है और उसके विडियो तेजी से वायरल हो जाते हैं, अभी तक कांग्रेस के शशि थरूर ही एक ऐसे नेता थे जो खुलकर मोदी की तारीफ कर देते थे पर हाल ही में जम्मू-कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक के मोदी के बारे में दिए गए एक बयान ने सबको आश्चर्य में डाल दिया। सामने आया है। जी हां सबको पता है कि वो अलगाववादी नेता हैं और उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी ने पहली बार पद संभाला था, तो उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग की बात की थी और साथ ही पड़ोसी देशों से देश के संबंध मज़बूत करने में दिलचस्पी दिखाई थी। इसी कारण पूरे दक्षिण एशिया में उम्मीद जगी थी। साथ ही मीरवाइज ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जुड़ाव की भावना के कारण भारत-पाकिस्तान के बीच सार्थक बातचीत शुरू करने की स्थिति में हैं। मीरवाइज मोदी के क्षेत्रीय सहयोग तथा पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने पर उनके शुरुआती दौर को याद कर रहे थे और मीरवाइज के इस बयान को लेकर जबरदस्त चर्चा चल निकली है क्योंकि उनका ये बयान प्रधानमंत्री की तारीफ के तौर पर देखा जा रहा है।
Maharashtra —उद्वव क्यों कह रहे सब चाणक्य का खेला

मोदी के बाद किसके हाथ लगेगी गद्दी, कौन बनेगा अगला प्रधानमंत्री , यह एक सवाल है जो अकसर राजनीतिक गलियारों में गूंजता रहता है, इस रेस में सबस ज्यादा योदी आदित्यनाथ का नाम ही सामने आता है और फिर बीजेपी के चाणक्य की भी चर्चा हो जाती है, पर बालासाहेब ठाकरे पार्टी के प्रमुख उद्वव ठाकरे ने प्रधानमंत्री पद को लेकर एक नई अजीबो-गरीब राजनीती शुरू कर दी , जी हैं हाल ही जैसे सबको पता है कि महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की बहुत चर्चा चली थी, उद्वव गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे की पार्टी में चले गए और इसी आपरेशन को लेकर उद्वव एक नई कहानी लेकर सामने आए हैं, उनका आरोप है कि ये आपरेशन टाइगर नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन देवेंद्र है, अब सुनने में अजीब ही लगता है कि उद्वव कहना क्या चाहते हैं तो उद्वव कह रहे हैं कि जिस तरह से पहले प्रधानमंत्री पद की दौड़ से नितिन गडकरी, शिवराज चौहान को बाहर किया गया अब देवेंद्र फणडवीस को बाहर किया जा रहा है , यही कारण है कि अमित शाह ने मेरे सांसद तोड़ने के बाद भी उन्हें बीजेपी में नहीं रखा। उद्वव ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि सांसदों को चाणक्य ने उस उस ‘गुलाम’ को सौंप दिया जिसे वो कंट्रोल करते हैं। यहां उद्वव का इशारा एकनाथ शिंदे की तरफ था, उद्वव ने कहा कि जब समय आएगा तो अमित शाह जानते हैं कि कि जब समय आएगा, तो ये सभी ‘गुलाम’ अमित शाह को प्रधानमंत्री पद के लिए वोट देंगे। यह देवेंद्र फणडवीस को दिल्ली ना भेजने के लिए बड़ी रणनीति बनाई गई है।
